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Azamgarh News: ठोठिया में दो साल में हैंडपंपों पर 3.69 लाख खर्च, फिर भी दूषित पानी पी रहे ग्रामीण
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मेंहनगर विकासखंड की ठोठिया ग्राम पंचायत में अज्ञात बीमारी से एक युवती की मौत और करीब 20 लोगों के बीमार पड़ने के बाद गांव की पेयजल व्यवस्था सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों के अनुसार, दूषित पानी बीमारी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।
वहीं, सरकारी अभिलेख बताते हैं कि ग्राम पंचायत ने पिछले दो वर्षों में हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर पर 3.69 लाख रुपये खर्च किए हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्यवित्त मद से 10 अगस्त को इंडिया मार्का हैंडपंपों के लिए 18,943 रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद 25 सितंबर को हैंडपंप रिबोर के लिए 59,800 रुपये तथा 26 सितंबर को 15वें वित्त आयोग की धनराशि से मरम्मत मद में 1,30,540 रुपये निजी फर्मों को भुगतान किए गए।
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इसी तरह वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 नवंबर को 15वें वित्त आयोग की धनराशि से हैंडपंप मरम्मत के लिए 61,930 रुपये और 36,683 रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा 13 दिसंबर को हैंडपंप रिबोर के नाम पर 62,000 रुपये खर्च किए गए।
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तीसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, घर-घर पहुंची मेडिकल टीम
दवाएं वितरित कर उबला पानी पीने की सलाह, संक्रमण के लक्षण मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहनगर। ठोठिया गांव में अज्ञात बीमारी के संक्रमण से डेढ़ दर्जन लोगों के बीमार होने और एक युवती की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम ने गांव में डेरा डालकर घर-घर पहुंच ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और आवश्यक दवाएं वितरित कीं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. जनेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बुखार और संक्रमण से बचाव के लिए पैरासिटामॉल समेत जरूरी दवाएं दीं। साथ ही ग्रामीणों को दूषित पानी का सेवन न करने, पानी उबालकर पीने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने की सलाह दी।
टीम ने गांव की बजबजाती नालियों और गड्ढों में जमा पानी को संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बताते हुए नियमित सफाई कराने और जलभराव नहीं होने देने पर जोर दिया। डॉ. मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव की निगरानी कर रही है और सभी ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।
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मौत के बाद जागे जिम्मेदार, इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत शुरू
मेंहनगर। ठोठिया गांव में संक्रमण फैलने की सूचना के बाद जिम्मेदार जाग गए हैं। गांव में इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। साथ ही नालियों की सफाई और जलभराव वाले स्थानों पर भी सफाई कराई गई।
ग्राम पंचायत अधिकारी वैष्णो शंभू सिंह और ग्राम प्रधान राममूरत ने बताया कि करीब 1600 मतदाता और 3100 आबादी वाले गांव में कुल 22 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में चार की मरम्मत करा दी गई थी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक तीन इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत पर 16,247 रुपये खर्च किए जा चुके हैं। गांव की हरिजन बस्ती में दो इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुक्रवार को कराया जा रहा है। इसी बस्ती में कुछ लोग संक्रमण की चपेट में आए थे। एडीओ पंचायत प्रभारी हरिनंदन ने बताया कि गांव की नोना बस्ती में दो इंडिया मार्का हैंडपंप उखाड़कर ग्रामीणों ने उन पर चार नंबर की मशीन लगा ली है। एडीओ पंचायत प्रभारी हरिनंदन ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को लगाकर गांव की बजबजाती नालियों और जगह-जगह जमा पानी की सफाई कराई गई। इसके बाद ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया गया।
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पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। गांव में कोई नया मरीज नहीं आया है। लगातार स्वास्थ्य टीम जांच कर रही है। -डॉ. अजीजी, एसीएमओ।
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वहीं, सरकारी अभिलेख बताते हैं कि ग्राम पंचायत ने पिछले दो वर्षों में हैंडपंपों की मरम्मत और रिबोर पर 3.69 लाख रुपये खर्च किए हैं। इसके बावजूद ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो सका।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्यवित्त मद से 10 अगस्त को इंडिया मार्का हैंडपंपों के लिए 18,943 रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद 25 सितंबर को हैंडपंप रिबोर के लिए 59,800 रुपये तथा 26 सितंबर को 15वें वित्त आयोग की धनराशि से मरम्मत मद में 1,30,540 रुपये निजी फर्मों को भुगतान किए गए।
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इसी तरह वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 नवंबर को 15वें वित्त आयोग की धनराशि से हैंडपंप मरम्मत के लिए 61,930 रुपये और 36,683 रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा 13 दिसंबर को हैंडपंप रिबोर के नाम पर 62,000 रुपये खर्च किए गए।
तीसरे दिन भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, घर-घर पहुंची मेडिकल टीम
दवाएं वितरित कर उबला पानी पीने की सलाह, संक्रमण के लक्षण मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहनगर। ठोठिया गांव में अज्ञात बीमारी के संक्रमण से डेढ़ दर्जन लोगों के बीमार होने और एक युवती की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम ने गांव में डेरा डालकर घर-घर पहुंच ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की और आवश्यक दवाएं वितरित कीं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. जनेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने बुखार और संक्रमण से बचाव के लिए पैरासिटामॉल समेत जरूरी दवाएं दीं। साथ ही ग्रामीणों को दूषित पानी का सेवन न करने, पानी उबालकर पीने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने की सलाह दी।
टीम ने गांव की बजबजाती नालियों और गड्ढों में जमा पानी को संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बताते हुए नियमित सफाई कराने और जलभराव नहीं होने देने पर जोर दिया। डॉ. मिश्रा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव की निगरानी कर रही है और सभी ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है।
मौत के बाद जागे जिम्मेदार, इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत शुरू
मेंहनगर। ठोठिया गांव में संक्रमण फैलने की सूचना के बाद जिम्मेदार जाग गए हैं। गांव में इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया। साथ ही नालियों की सफाई और जलभराव वाले स्थानों पर भी सफाई कराई गई।
ग्राम पंचायत अधिकारी वैष्णो शंभू सिंह और ग्राम प्रधान राममूरत ने बताया कि करीब 1600 मतदाता और 3100 आबादी वाले गांव में कुल 22 इंडिया मार्का हैंडपंप लगाए गए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में चार की मरम्मत करा दी गई थी। वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक तीन इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत पर 16,247 रुपये खर्च किए जा चुके हैं। गांव की हरिजन बस्ती में दो इंडिया मार्का हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुक्रवार को कराया जा रहा है। इसी बस्ती में कुछ लोग संक्रमण की चपेट में आए थे। एडीओ पंचायत प्रभारी हरिनंदन ने बताया कि गांव की नोना बस्ती में दो इंडिया मार्का हैंडपंप उखाड़कर ग्रामीणों ने उन पर चार नंबर की मशीन लगा ली है। एडीओ पंचायत प्रभारी हरिनंदन ने बताया कि सफाई कर्मचारियों को लगाकर गांव की बजबजाती नालियों और जगह-जगह जमा पानी की सफाई कराई गई। इसके बाद ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया गया।
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पानी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है। गांव में कोई नया मरीज नहीं आया है। लगातार स्वास्थ्य टीम जांच कर रही है। -डॉ. अजीजी, एसीएमओ।