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तमसा के किनारे को हरा भरा करने की कवायद
Updated Tue, 10 Jul 2018 12:08 AM IST
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आजमगढ़। तमसा सफाई अभियान के तीसरे चरण में सोमवार को मंडलायुक्त जगतराज ने पौधरोपण कर शुभारंभ किया। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और नगर के आम जनमानस ने पौधरोपण किया। रविवार को लगाए गए पौधों में नदी से निकालकर पानी भी डाला। अमर उजाला की मुहिम और जिलाधिकारी के प्रयास से शुरू हुआ तमसा सफाई अभियान का कारवां तीसरे चरण में पहुंच चुका है। सोमवार को तीसरे चरण के दूसरे दिन मंडलायुक्त जगतराज ने जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी के साथ पौधरोपण कर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान भोला घाट और कदम घाट के बीच पौधरोपण किया गया। इस दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि पौधरोपण का यह कार्य बहुत ही शुभ है। पौधों की हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका है। जो जीवों द्वारा छोड़े गए कार्बनडाई ऑक्साइड को जीवनदायिनी ऑक्सीजन में बदल देते हैं। वृक्ष हमें छाया प्रदान करते हैं। निश्चित रूप से यह कार्य दूसरे लोगों के लिए प्रेरणा का श्रोत है। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने कहा कि वृक्ष इस धरती के आभूषण हैं। बिना वृक्षों के पृथ्वी और पृथ्वी पर जीवन की कल्पना बेमानी है। इसके लिए हम सबको मिलकर कार्य करना होगा। तमसा की सफाई के बाद हम नदी के किनारे को हरा भरा करने में जुटे हैं। ताकि आने वाले दिनों में नगर के लोगों को ताजी और शुद्घ हवा मिल सके। पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह पूरे समय मौजूद रहे और पौधरोपण करने के साथ ही दूसरों को भी प्रेरित करते रहे। इस मौके पर स्वयंसेवी संगठनों के हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव, मो. अफजल, एसके सत्येन, नित्यानंद मिश्रा, मणिंदर सिंह, डा. अजीत पांडेय, प्रवीण सिंह, अरविंद, रीतेश गोयल, डीडी सिंह, सफाई संघ के सीपी यादव, गुलाब चौरसिया, डा. डीपी तिवारी आदि उपस्थित थे। वहीं महिलाओं में विभाग गोयल, गीता सिंह, डा. अलका सिंह आदि उपस्थित थी।
आजमगढ़। तमसा सफाई का महाभियान जनपद के लोगों के सहयोग से विगत एक माह से भी अधिक समय से चल रहा है। आम जनमानस ने इस अभियान के दूसरे चरण में पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खोदे लेकिन जब पौधरोपण होने लगा तो वन विभाग ने वहां पर आकांक्षा समिति का बोर्ड लगा दिया। जबकि यह बैनर उसे वन महोत्सव का आयोजन कर लगाना था। अमर उजाला की मुहिम पर जिलाधिकारी के प्रयास से तमसा सफाई का अभियान तीन जून को नगर के राजघाट से शुरू हुआ। जैसे-जैसे कारवां आगे बढ़ता गया अनेक लोग इससे जुड़ते गए। दलालघाट तक नदी की सफाई के बाद अभियान का पहला चरण पूरा हुआ। इसके बाद जिलाधिकारी ने इस अभियान के दूसरे चरण को शुरू किया। जिसके तहत नदी के तट को हरा भरा करने के लिए उसके किनारे पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खोदने का कार्य इस अभियान से जुड़े लोगों ने किया। रविवार को जिलाधिकारी द्वारा नगर के भोला घाट से तमसा सफाई अभियान के तीसरे चरण की शुरूआत की गई। जिसके तहत पौधे लगाने का कार्य शुरू हुआ। जब गड्ढ़े खोदे जा रहे थे तो वन विभाग के कर्मचारी दूसरी जगहों पर गड्ढ़े खोदने में मशगूल थे। लेकिन जब पौधरोपण की बारी आयी तो वन विभाग आकांक्षा समिति का बैनर लगाकर पौधरोपण करने लगा। हालांकि यह बात इस कार्य में जुटे सामाजिक संगठनों को नागवार गुजरी लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। क्योंकि सबको मालूम है कि आकांक्षा समिति में अधिकारियों की पत्नियां शामिल हैं। जबकि जिस समय गड्ढ़े खोदे जा रहे थे उस समय वन विभाग मशीनों से गड्ढा खोदने के लिए प्रशासन से गड्ढे के पैसे की डिमांड कर रहा था। अब गड्ढे खोदने के बाद पौधरोपण के दौरान इस तरह से बैनर लगाना समझ से परे है।
आकांक्षा समिति के बैनर तले अब तक तीन सौ पौधों का रोपण किया जा चुका है। आकांक्षा समिति के अंतर्गत ही वन महोत्सव का आयोजन कर पौधरोपण करने का निर्देश शासन से प्राप्त हुआ था। वैसे यह पौधरोपण जनसहयोग से हो रहा है।
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एसएन शुक्ला, डीएफओ।
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आजमगढ़। तमसा सफाई का महाभियान जनपद के लोगों के सहयोग से विगत एक माह से भी अधिक समय से चल रहा है। आम जनमानस ने इस अभियान के दूसरे चरण में पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खोदे लेकिन जब पौधरोपण होने लगा तो वन विभाग ने वहां पर आकांक्षा समिति का बोर्ड लगा दिया। जबकि यह बैनर उसे वन महोत्सव का आयोजन कर लगाना था। अमर उजाला की मुहिम पर जिलाधिकारी के प्रयास से तमसा सफाई का अभियान तीन जून को नगर के राजघाट से शुरू हुआ। जैसे-जैसे कारवां आगे बढ़ता गया अनेक लोग इससे जुड़ते गए। दलालघाट तक नदी की सफाई के बाद अभियान का पहला चरण पूरा हुआ। इसके बाद जिलाधिकारी ने इस अभियान के दूसरे चरण को शुरू किया। जिसके तहत नदी के तट को हरा भरा करने के लिए उसके किनारे पौधरोपण के लिए गड्ढ़े खोदने का कार्य इस अभियान से जुड़े लोगों ने किया। रविवार को जिलाधिकारी द्वारा नगर के भोला घाट से तमसा सफाई अभियान के तीसरे चरण की शुरूआत की गई। जिसके तहत पौधे लगाने का कार्य शुरू हुआ। जब गड्ढ़े खोदे जा रहे थे तो वन विभाग के कर्मचारी दूसरी जगहों पर गड्ढ़े खोदने में मशगूल थे। लेकिन जब पौधरोपण की बारी आयी तो वन विभाग आकांक्षा समिति का बैनर लगाकर पौधरोपण करने लगा। हालांकि यह बात इस कार्य में जुटे सामाजिक संगठनों को नागवार गुजरी लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। क्योंकि सबको मालूम है कि आकांक्षा समिति में अधिकारियों की पत्नियां शामिल हैं। जबकि जिस समय गड्ढ़े खोदे जा रहे थे उस समय वन विभाग मशीनों से गड्ढा खोदने के लिए प्रशासन से गड्ढे के पैसे की डिमांड कर रहा था। अब गड्ढे खोदने के बाद पौधरोपण के दौरान इस तरह से बैनर लगाना समझ से परे है।
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आकांक्षा समिति के बैनर तले अब तक तीन सौ पौधों का रोपण किया जा चुका है। आकांक्षा समिति के अंतर्गत ही वन महोत्सव का आयोजन कर पौधरोपण करने का निर्देश शासन से प्राप्त हुआ था। वैसे यह पौधरोपण जनसहयोग से हो रहा है।
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