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पेयजल और गंदगी बनी वार्डवासियों की मुसीबत

Sat, 28 Oct 2017 11:50 PM IST
Updated Sat, 28 Oct 2017 11:50 PM IST
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पेयजल और गंदगी बनी वार्डवासियों की मुसीबत
आजमगढ़। नगर पालिका परिषद आजमगढ़ के वार्ड नंबर 21 सिविल लाइन के लोग भी पेयजल और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। सभासद ने लोगों से चुनाव के दौरान वादे तो बहुत किए लेकिन वह लोगों से किए वादे को पूरा नहीं कर सके। जिसका परिणाम है कि आज भी वार्ड के लोगों की समस्याएं वैसी ही हैं जैसी पांच वर्ष पूर्व थी।
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सिविल लाइन वार्ड की कुल आबादी लगभग 15000 है जिसमें वोटरों की कुल संख्या 7500 है। इस वार्ड की गिनती शहर के बड़े वार्डों में होती है। जितना बड़ा वार्ड है उतनी ही बड़ी समस्याएं हैं। इन समस्याओं से निजात के लिए लोग चुनाव के दौरान सभासद का चुनाव करते हैं लेकिन वह भी उन्हें इन समस्याओं से मुक्ति नहीं दिला पाते हैं। वार्ड में जलकल द्वारा पेयजल का कनेक्शन सभी को दिया गया और सभी लोग बिल भी देते हैं। लेकिन पिछले पांच सालों में लोगों को पानी नहीं मिला। वार्ड में साफ-सफाई की स्थिति ठीक न होने से हर जगह कूड़े का ढ़ेर लगा रहता है। हैंडपंप जहां से लोग पीने के लिए पानी लेते हैं वहीं कूड़े कचरे का ढ़ेर लगा रहता है। जिससे लोग हैंडपंप के पास नहीं जाते हैं और कही-कही तो हैंडपंप खराब पड़ा है लेकिन कोई उसकी मरम्मत कराने वाला नहीं है। साफ-सफाई भी कुछ ही स्थानों पर होती है झाडू लग भी गया तो कूड़े का नियमित उठान नहीं होता है। नालियों की सफाई नहीं होती तो लोग अपने खर्च पर सफाईकर्मी से साफ कराते हैं। खुली नालियों पर पटिया का निर्माण, टूटी इंटरलाकिंग का कार्य अधूरा पड़ा है। वार्ड में कूड़ेदान की कोई व्यवस्था न होने के कारण लोग सड़कों पर कूड़ा फेंकते हैं। खुली नालियों और कूड़े कचरे से मच्छरों का प्रकोप है।
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वार्डवासी अरुण गोंड ने कहा कि सफाई की कोई व्यवस्था ठीक नहीं है। कूड़ेदान की कोई व्यवस्था नहीं है नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही से लोग मंदिरों के सामने कूड़ादान बना लिए हैं। हमेशा कूड़े का ढेर लगा रहता है। जिससे पूजा-अर्चना के लिए आने जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है।
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वार्डवासी सुनीता देवी ने कहा कि साफ-सफाई कुछ भी नहीं होती है। हम लोग स्वंय तीन हजार से चार हजार रुपये देकर खुद नाले की सफाई कराते हैं। नालियां जाम रहती हैं,इंटरलाकिंग टूटी पड़ी है, हैंडपंप खराब पड़े हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। जाम नालियों से उठने वाली बदबू के कारण हम लोग परेशान हैं।

वार्डवासी सविता देवी ने कहा कि साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है हम लोग पिछले कई सालों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। हम लोगों को कनेक्शन दिया गया और हम लोग बिल भी देते हैं, लेकिन हम लोगों को वाटर सप्लाई का पानी आज तक नहीं मिला।

वार्डवासी कुंदन ने कहा कि सड़कों पर सफाई होती है लेकिन गलियों में नहीं होती। जगह-जगह इंटरलाकिंग टूटी पड़ी है। नालियां खुली है उस पर पटियों का कोई इंतजाम नहीं है। हैंडपंप खराब पड़े हैं जो सही है उनके पास गंदगी के कारण लोग नहीं जाते हैं।


सभासद माधुरी सिंह ने कहा कि हमने जो वादा किया था उसे पूरे प्रयास के साथ पूरा किया। हमारा वार्ड काफी बड़ा होने के कारण कुछ जगहों पर विकास कार्य अधूरा रह गया। हमने अपने वार्ड में दो करोड़ का विकास कार्य कराया है। खराब पड़े हैंडपंप की जानकारी न होने के कारण उसकी मरम्मत नहीं कराई जा सकी। कूड़ेदान तो लगवाए थे लेकिन चोरी हो जाने के कारण कूड़ा सड़कों पर फैला रहता है। पेयजल की समस्या वाटर सप्लाई की पाइप की खराबी के कारण बाधित है।
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