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224989 छात्र-छात्राओं के खाते में अभी नहीं पहुंची धनराशि
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आजमगढ़। ये सरकारी विभाग की बदइंतजामी है। सरकार ने इसी माह के प्रथम सप्ताह में बेसिक शिक्षा विभाग को परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की ड्रेस के लिए अभिभावकों के खातों में धनराशि उपलब्ध कराने को कहा था। अभी तक मात्र 2,91,816 लाख छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि भेजी जा सकी है। वहीं सत्यापन न होने के कारण 224989 छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में धनराशि नहीं भेजी जा सकी। धनराशि न मिलने के कारण अभी भी बिना यूनिफार्म ही बच्चे विद्यालय जा रहे हैं।
परिषदीय विद्यालयों में दो जोड़ी स्कूल यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर और स्कूल बैग के लिए पिछले साल 1100 रुपये दिए गए थे। इस साल यह धनराशि सौ रुपये बढ़ाकर 1200 रुपये कर दी गई है। सौ रुपये की अतिरिक्त धनराशि स्टेशनरी के लिए दी जा रही है। इससे कॉपी, इरेजर, पेन, शार्पनर और पेंसिल विद्यार्थी खरीद सकेंगे। वर्तमान समय में परिषदीय विद्यालयों में 4,16,805 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसमें से ‘डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर’ (डीबीटी) के लिए 2,91,816 विद्यार्थियों का डेटा सत्यापित हुआ है। विभाग की माने तो उक्त बच्चों में से भी कुछ बच्चों की धनराशि खाते में नहीं पहुंच पाईं कारण कि कुछ न कुछ त्रुटियां होने के कारण बच्चों के खाते में धनराशि नहीं पहुंची। उसे दोबारा सत्यापित कर भेजना पड़ सकता है। वहीं एक लाख 24 हजार 989 बच्चों का डेटा सत्यापित नहीं हो सका है। जिन्हें डीबीटी का लाभ अभी नहीं जिमल सकेगा। डेटा सत्यापित होने के बाद ही उन्हें इसका लाभ मिलेगा। यदि विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित 2702 परिषदीय विद्यालयों में कुल चार लाख 16 हजार 805 बच्चे पंजीकृत हैं। यदि उन सभी के खाते में धनराशि भेजी जाएगी तो कुल 50 करोड़ 16 लाख 6000 रुपये अंतरित होगी। हालांकि अभी तक 2,91816 बच्चों के डेटा सत्यापित हो चुके हैं। बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कुल चार लाख 16 हजार 805 बच्चों का नामांकन स्कूल चलो अभियान के तहत हुआ है। जिनमे अभी तक दो लाख 91 हजार 816 बच्चों का आधार सत्यापन का कार्य पूर्ण हुआ है। जिनके अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजा जा रहा है। धीरे-धीरे कर सभी के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
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परिषदीय विद्यालयों में दो जोड़ी स्कूल यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर और स्कूल बैग के लिए पिछले साल 1100 रुपये दिए गए थे। इस साल यह धनराशि सौ रुपये बढ़ाकर 1200 रुपये कर दी गई है। सौ रुपये की अतिरिक्त धनराशि स्टेशनरी के लिए दी जा रही है। इससे कॉपी, इरेजर, पेन, शार्पनर और पेंसिल विद्यार्थी खरीद सकेंगे। वर्तमान समय में परिषदीय विद्यालयों में 4,16,805 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इसमें से ‘डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर’ (डीबीटी) के लिए 2,91,816 विद्यार्थियों का डेटा सत्यापित हुआ है। विभाग की माने तो उक्त बच्चों में से भी कुछ बच्चों की धनराशि खाते में नहीं पहुंच पाईं कारण कि कुछ न कुछ त्रुटियां होने के कारण बच्चों के खाते में धनराशि नहीं पहुंची। उसे दोबारा सत्यापित कर भेजना पड़ सकता है। वहीं एक लाख 24 हजार 989 बच्चों का डेटा सत्यापित नहीं हो सका है। जिन्हें डीबीटी का लाभ अभी नहीं जिमल सकेगा। डेटा सत्यापित होने के बाद ही उन्हें इसका लाभ मिलेगा। यदि विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित 2702 परिषदीय विद्यालयों में कुल चार लाख 16 हजार 805 बच्चे पंजीकृत हैं। यदि उन सभी के खाते में धनराशि भेजी जाएगी तो कुल 50 करोड़ 16 लाख 6000 रुपये अंतरित होगी। हालांकि अभी तक 2,91816 बच्चों के डेटा सत्यापित हो चुके हैं। बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में कुल चार लाख 16 हजार 805 बच्चों का नामांकन स्कूल चलो अभियान के तहत हुआ है। जिनमे अभी तक दो लाख 91 हजार 816 बच्चों का आधार सत्यापन का कार्य पूर्ण हुआ है। जिनके अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजा जा रहा है। धीरे-धीरे कर सभी के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
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