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जांच के नाम पर रोका जा रहा मदरसा शिक्षकों का वेतन
Updated Fri, 25 May 2018 12:28 AM IST
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आजमगढ़। पूरे प्रदेश में मदरसा शिक्षकों का वेतन जांच के नाम पर बार-बार रोका जा रहा है। जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं संस्कृत पाठशालाओं के शिक्षकों की नई पेंशन योजना के तहत कटौती नहीं हो रही है। इन मुद्दों को 23 और 24 जून को मेरठ के नानकचंद एंग्लो संस्कृत महाविद्यालय में आयोजित ग्रीष्मकालीन राज्य सम्मेलन और शैक्षिक विचार गोष्ठी में डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा के समक्ष उठाया जाएगा। उक्त बातें विधान परिषद सदस्य ओमप्रकाश शर्मा ने हरिऔध नगर स्थित पूर्व शिक्षक नेता स्व. पंचानन राय के आवास पर गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि नई पेंशन योजना पूरी तरह से धोखा है। संगठन नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू कराने के लिए पूरी तरह से कटिबद्घ है। नई पेंशन योजना के तहत की जा रही कटौती का प्रान खातों में अनेक जनपदों में प्रदर्शित न होना। अनेक शिक्षकों की एनपीएस योजना में अभी तक कटौती न होना और अनेक शिक्षकों को प्रान नंबर न एलाट होना अत्यंत खेदजनक है। यदि इसमें सुधार नहीं किया गया तो संगठन के आंदोलन का यह भी एक प्रमुख मुद्दा है। उर्दू मदरसों के शिक्षकों का जांच के नाम पर वेतन रोका जाना, सातवें वेतन आयोग के अनुसार उनके पेंशन का पुनरीक्षण के लिए शासनादेश जारी न होना संगठन के समक्ष एक चुनौती है। यह भी आंदोलन का एक हिस्सा है। बोले सम्मेलन में शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं पर विचार विमर्श करके निर्णय लिए जाएंगे। समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्घांत को प्रदेश के शिक्षक समुदाय पर प्रभावी रूप से लागू कराने के संगठन के प्रमुख उद्देश्य को सार्थक करने क ी दिशा में वित्तविहीन कहा जाने वाले विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को प्रचलित और प्रभावी वेतनमान से आच्छादित किया जाना प्रमुख विचारणीय विषय है। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ का मानना है कि पेंशनधारक वहीं शिक्षक है जिन्होंने संघर्षों और बलिदानों के बल पर पेंशन का अधिकारी, पद से पदी की समानता का अधिकार, समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार और वेतन भुगतान अधिनियमके माध्यम से पूर्व वेतन प्राप्त करने का अधिकार आदि सुविधाएं दिलाकर शिक्षक समाज को सामाजिक प्रतिष्ठा उपलब्ध कराई है। लेकिन शिक्षा विभाग के कार्यालय उन्हीं योद्घाओं को हानि पहुंचा रहे हैं। जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर विधान परिषद सदस्य जगवीर किशोर जैन, हेमसिंह पुंठीर, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, सुभाष चंद्र शर्मा, रामेश्वर उपाध्याय, इंद्रासन सिंह, जिलाध्यक्ष वृजेश राय, जिलामंत्री विजय कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
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