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पांच माह से सफाईश्रमिकों को नहीं मिल रहा मानदेय, बिगड़ सकती है सफाई व्यवस्था

Sat, 24 Mar 2018 11:36 PM IST
Updated Sat, 24 Mar 2018 11:36 PM IST
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पांच माह से सफाईश्रमिकों को नहीं मिल रहा मानदेय, बिगड़ सकती है सफाई व्यवस्था
आजमगढ़। टेंडर के पेंच में 90 दैनिक सफाई श्रमिकों का लगभग पांच माह से मानदेय बाधित है। पिछले दिनों श्रमिकों ने तीन दिन तक हड़ताल भी की थी। शहर के आठ वार्डों में कूड़े के ढेर लग गए थे। पूर्व जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद पालिका ने काम के बदले भुगतान करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद सफाई चालू हो गई थी। एक माह का समय बीतने के बाद भी श्रमिकों का भुगतान नहीं किया गया है। पांच माह से भुगतान नहीं मिलने के कारण श्रमिकों के सामने भुखमरी की स्थिति है। शुक्रवार को उन्होंने फिर कूड़ा उठाना बंद कर दिया। हालांकि समझाने के बाद काम पर लौट गए, लेकिन पालिका की इस लापरवाही से शहर की सफाई व्यवस्था कभी भी चरमरा सकती है।
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शहर के आठ वार्डों की सफाई के लिए 90 सफाई श्रमिकों की आपूर्ति सेवा प्रदाता के माध्यम से होती थी। निविदा में अनियमितिता के कारण सेवा प्रदाताका अनुबंध जनवरी में निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद भी कुछ समय तक इन्हीं सफाई श्रमिकों से कार्य कराया गया। श्रमिकों कार्य तो करते रहे, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से उनका धैर्य जवाब दे गया। एक माह पहले श्रमिकों ने शहर के आठ वार्डों की सफाई तीन दिनों के लिए ठप कर दी थी। त्तकालीन जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद श्रमिक काम पर लौटे थे। पालिकाध्यक्ष की ओर से तय किया गया था कि श्रमिकों का कार्य के बदले भुगतान पालिका की ओर से किया जाएगा। एक माह का समय बीत चुका है, लेकिन पालिका की ओर से भुगतान नहीं किया गया है। आरोप है कि उनका पिछला भुगतान भी सेवा प्रदाता की ओर से नहीं किया गया है। भुगतान नहीं मिलने से उनके सामने भुखमरी की स्थिति हो गई है। शुक्रवार को सफाईकर्मियों की ओर से फिर सफाई कार्य को ठप कर दिया गया था। आनन-फानन में मामला पालिकाध्यक्ष क पहुंचाया गया। जल्द भुगतान के आश्वासन के बाद श्रमिकों ने कार्य शुरू किया था।
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भुगतान नहीं होने की दशा में शहर के आठ वार्डों में सफाई व्यवस्था कभी भी ठप हो सकती है। अभी पालिका प्रशासन की ओर से सफाई श्रमिकों की आपूर्ति के लिए नये सिरे से ई टेंडरिंग भी नहीं कराई गई है। पालिका की ओर से यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो इसका खामियां शहरवासियों को उठाना पड़ सकता है।
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पूर्व पालिकाध्यक्ष और तत्कालीन ईओ पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में
आजमगढ़। पालिका के आठ वार्डों में 90 सफाई श्रमिकों की आपूर्ति के लिए एक वर्ष के अनुबंध को बदल कर पांच वर्ष के लिए करने, जनवरी 2017 से अगस्त 2017 तक मानदेय के रूप में अहतरित 56.27 लाख के वितरण का कोई अभिलेख शासनादेश के अनुसार नहीं मिलने, ईपीएफ आदि नहीं काटने के लिए दोषी तत्कालीन ईओ और पालिकाध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट जिलाधिकारी की ओर से 19 फरवरी को शासन को भेजी गई थी। इसके बाद भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। जांच रिपोर्ट भेजते समय कहा गया था कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों पर कार्रवाई तो नहीं हुई वहीं, पुरानी निविदा के निरस्त होने के बाद नई निविदा भी अभी तक नहीं कराई जा सकी है। इसस जांच पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। वहीं विभागीय कर्मचारियों की मानें तो कार्रवाई शासन स्तर से ही पेंडिग में हैं। जल्द ही इस बारे में जिलाधिकारी को अवगत करा शासन को रिमाइंडर भेजा जाएगा।

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सफाई श्रमिकों की आपूर्ति के लिए 28 मार्च को निविदा कराई जाएगी। सफाईकर्मियों के भुगतान के लिए पालिकाध्यक्ष ने बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखने के लिए कहा था। प्रस्ताव पास होने के बाद भुगतान कर दिया जाएगा। सफाई व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
प्रशांत कुमार, एसडीएम सदर एवं प्रभारी ईओ
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