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कागज में हो रही बाढ़ की तैयारी
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:24 AM IST
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लाटघाट। तहसील क्षेत्र के महुला से गढ़वल तक बंधे पर विस्थापितों के लिए सात-आठ स्थानों पर बने रैन बसेरे बदहाल हालत में हैं। विस्थापितों के लिए बना शौचालय भी उपयोग लायक नहीं है। इसके बाद भी अधिकारियों की ओर से बाढ़ पूर्व तैयारियां पूरी करने का दावा किया जा रहा है। जबकि बाढ़ जाने पर हाय तौबा मचनी तय है।
रोशनगंज, हैदराबाद ,शिवपुर, कुढ़ही सहित सात से आठ स्थानों पर बाढ़ विस्थापितों के लिए रैन बसेरा और शौचालय का निर्माण करोड़ों रुपया लगाकर कराया गया है। शौचालय और रैनबसेरा की हालत बदहाल बनी हुई है। शौचालय में दरवाजा नहीं है। टूटी हुई सीट लगी है। गंदगी का अंबार लगा है। ग्रामीण राजमन यादव, रामहरख, जयप्रकाश, सुनील, जयमुकुंद, रामकवल, रामदेव आदि का कहना है कि रैन बसेरा और शौचालय का निर्माण कराया गया है। लेकिन यहां जाने लायक नहीं है। शौचालय टूटा हुआ है, गंदगी का अंबार लगा है। इसे दखकर लग रहा है कि तैयारी कागजों में हो रही है। सिंचाई विभाग और प्रशासन के लोग आए दिन दौड़ रहे हैं, लेकिन किसी की नजर इधर गंदगी की तरफ नहीं गई।
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रोशनगंज, हैदराबाद ,शिवपुर, कुढ़ही सहित सात से आठ स्थानों पर बाढ़ विस्थापितों के लिए रैन बसेरा और शौचालय का निर्माण करोड़ों रुपया लगाकर कराया गया है। शौचालय और रैनबसेरा की हालत बदहाल बनी हुई है। शौचालय में दरवाजा नहीं है। टूटी हुई सीट लगी है। गंदगी का अंबार लगा है। ग्रामीण राजमन यादव, रामहरख, जयप्रकाश, सुनील, जयमुकुंद, रामकवल, रामदेव आदि का कहना है कि रैन बसेरा और शौचालय का निर्माण कराया गया है। लेकिन यहां जाने लायक नहीं है। शौचालय टूटा हुआ है, गंदगी का अंबार लगा है। इसे दखकर लग रहा है कि तैयारी कागजों में हो रही है। सिंचाई विभाग और प्रशासन के लोग आए दिन दौड़ रहे हैं, लेकिन किसी की नजर इधर गंदगी की तरफ नहीं गई।
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