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हजरत अब्बास का मसायब सुन रो पड़े लोग
Updated Sun, 17 Sep 2017 11:43 PM IST
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मेजवां (ब्यूरो)। फूलपुर तहसील क्षेत्र के शाहजेरपुर गांव स्थित इमाम बारगाह में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को मौलाना रहमत हुसैन नकवी लखनऊ ने खिताब किया। मौलाना ने जब हजरत अब्बास का मसायब पेश किया तो लोग रो पड़े।
मजलिस की शुरूआत कुरआन पाक की तिलावत से की गई। इसके बाद शोजखानी लियाकत अली और साथियों ने किया। शायरे अहलेबैत रोशन बनारसी और जोएर सुल्तानपुरी ने पेशख्वानी किया। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना ने कहा कि कुरआन मिसालों में बेमिसाल है। सभी को कुरआन में लिखी बातों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहलेबैत का जिक्र कभी रूका नही और न ही कभी रूकेगा। मजलिस को मौलाना जहीन हैदर साहब ने भी खिताब किया। संचालन सागर आजमी ने किया। इसी क्रम में फूलपुर कस्बा स्थित रिजवी कैंपस के इमामाबारगाह में भी मजलिस आयोजित की गई। जिसे मौलाना मेंहदी हसन जलालपुरी और हैदर अली उर्फ ताबिश ने खिताब किया।
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मजलिस की शुरूआत कुरआन पाक की तिलावत से की गई। इसके बाद शोजखानी लियाकत अली और साथियों ने किया। शायरे अहलेबैत रोशन बनारसी और जोएर सुल्तानपुरी ने पेशख्वानी किया। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना ने कहा कि कुरआन मिसालों में बेमिसाल है। सभी को कुरआन में लिखी बातों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहलेबैत का जिक्र कभी रूका नही और न ही कभी रूकेगा। मजलिस को मौलाना जहीन हैदर साहब ने भी खिताब किया। संचालन सागर आजमी ने किया। इसी क्रम में फूलपुर कस्बा स्थित रिजवी कैंपस के इमामाबारगाह में भी मजलिस आयोजित की गई। जिसे मौलाना मेंहदी हसन जलालपुरी और हैदर अली उर्फ ताबिश ने खिताब किया।
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