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Azamgarh News: 18 गांवों की 20 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के उत्तर में बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से 18 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इसमें 20,000 से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। बाढ़ के चलते आवागमन बाधित हो गया है। पशुओं के चारे की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। गांव के चारों ओर पानी भर जाने से जंगली और विषैले जानवरों का खतरा बढ़ गया है।
चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा के सभी 30 मजरे, बांका, बुढ़नपट्टी, साहडीह, सोनौरा, अजगरा, मानिकपुर, सहित कुल 18 गांव घाघरा की बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों में पशुओं के चारे की समस्या हो रही है। प्रशासन की ओर से लोगों के आवागमन के लिए 53 नावों को चलाने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद भी समस्या बनी हुई है। सोमवार को नदी के जलस्तर में बदरहुंआ में 59 और डिघिया में 45 सेमी की बढ़ोतरी देखने को मिली।
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शाम चार बजे के बाद हो जाती हैं बाढ़ चौकियां
लाटघाट। महुला गढ़वाल बांध पर बाढ़ से निपटने के लिए 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। दिन के समय इन चौकियों पर कर्मचारी तैनात रहते हैं लेकिन, शाम चार बजे के बाद ये चौकियां निष्क्रिय हो जाती हैं और कर्मचारी अपने लौट जाते हैं। इससे राहत कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। तहसीलदार विवेकानंद दुबे ने स्थिति का निरीक्षण करते हुए कर्मचारियों को अलर्ट रहने और व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।
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डिघिया में जलस्तर लाल निशान से एक मीटर 27 सेमी ऊपर
लाटघाट। घाघरा का जलस्तर रविवार को बदरहुंआ नाले पर 71.99 मीटर रिकार्ड किया गया था, जो सोमवार को 59 सेमी बढ़कर 72.58 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर रविवार की शाम नदी का जलस्तर 71.22 मीटर रिकार्ड किया गया था, जो सोमवार को 45 सेमी बढ़कर 71.67 मीटर हो गया। बदरहुंआ का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है। जबकि डिघिया नाले पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। नदी में सोमवार को भी 336598 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।
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एसडीएम और तहसीलदार लेते रहे जायजा
लाटघाट। बाढ़ क्षेत्र में सगड़ी एसडीएम नरेंद्र गंगवार, तहसीलदार विवेकानंद दुबे भ्रमण करते रहे। बाढ़ चौकियों पर उपस्थित कर्मचारियों को हिदायत दी कि बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारी पूरी रहे। तहसीलदार ने बताया कि जरूरत को देखते हुए 53 नावें चलाई जा रही हैं और व्यवस्थाएं तहसील स्तर से की जा रही हैं। अभी किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
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चक्की हाजीपुर, देवारा खास राजा के सभी 30 मजरे, बांका, बुढ़नपट्टी, साहडीह, सोनौरा, अजगरा, मानिकपुर, सहित कुल 18 गांव घाघरा की बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों में पशुओं के चारे की समस्या हो रही है। प्रशासन की ओर से लोगों के आवागमन के लिए 53 नावों को चलाने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद भी समस्या बनी हुई है। सोमवार को नदी के जलस्तर में बदरहुंआ में 59 और डिघिया में 45 सेमी की बढ़ोतरी देखने को मिली।
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शाम चार बजे के बाद हो जाती हैं बाढ़ चौकियां
लाटघाट। महुला गढ़वाल बांध पर बाढ़ से निपटने के लिए 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। दिन के समय इन चौकियों पर कर्मचारी तैनात रहते हैं लेकिन, शाम चार बजे के बाद ये चौकियां निष्क्रिय हो जाती हैं और कर्मचारी अपने लौट जाते हैं। इससे राहत कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। तहसीलदार विवेकानंद दुबे ने स्थिति का निरीक्षण करते हुए कर्मचारियों को अलर्ट रहने और व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।
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डिघिया में जलस्तर लाल निशान से एक मीटर 27 सेमी ऊपर
लाटघाट। घाघरा का जलस्तर रविवार को बदरहुंआ नाले पर 71.99 मीटर रिकार्ड किया गया था, जो सोमवार को 59 सेमी बढ़कर 72.58 मीटर हो गया। डिघिया नाले पर रविवार की शाम नदी का जलस्तर 71.22 मीटर रिकार्ड किया गया था, जो सोमवार को 45 सेमी बढ़कर 71.67 मीटर हो गया। बदरहुंआ का न्यूनतम जलस्तर 70.26 मीटर, खतरा बिंदु 71.68 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है। जबकि डिघिया नाले पर न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर, खतरा बिंदु 70.40 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। नदी में सोमवार को भी 336598 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।
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एसडीएम और तहसीलदार लेते रहे जायजा
लाटघाट। बाढ़ क्षेत्र में सगड़ी एसडीएम नरेंद्र गंगवार, तहसीलदार विवेकानंद दुबे भ्रमण करते रहे। बाढ़ चौकियों पर उपस्थित कर्मचारियों को हिदायत दी कि बाढ़ से निपटने के लिए सभी तैयारी पूरी रहे। तहसीलदार ने बताया कि जरूरत को देखते हुए 53 नावें चलाई जा रही हैं और व्यवस्थाएं तहसील स्तर से की जा रही हैं। अभी किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।