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छिटपुट घटनाओं के बीच जनपद में धूमधाम से मनी होली
Updated Sat, 03 Mar 2018 11:32 PM IST
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आजमगढ़। जनपद में छिटपुट घटनाओं के बीच होली का पर्व सकुशल संपन्न हो गया। पूरे दिन लोग रंगों के साथ धमाचौकड़ी मचाते रहे। दोपहर बाद रंगों का सिलसिला थमा और उसकी जगह अबीर और गुलाल ने ले लिया। अपने मित्रों और शुभ चिंतकों के घर पहुंचकर लोगों ने अबीर लगाया और गले मिलकर होली की शुभकामना दी। इस दौरान गुझिया, नमकीन और मिठाई का लुत्फ भी उठाया। जनपद में होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के कारण प्रशासन पहले से ही काफी सतर्क था। इस दौरान विवाद की स्थिति न उत्पन्न होने पाए इसके लिए सभी मस्जिदों के पास पुलिस के जवानों की तैनाती की गई थी। प्रशासन की संजीदगी के बाद भी जनपद में इक्का-दुक्का घटनाएं हुई लेकिन कोई भी बड़ी घटना नहीं हो सकी। त्योहार के सकुशल संपन्न होने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। शुक्रवार की सुबह से हुरियारों की टोली हुड़दंग मचाती हुई घरों से निकल गई। इस दौरान जो भी इस टोली की जद में आया बिना रंगे नहीं छूटा। छोटे बच्चे और महिलाओं ने भी घरों की छतों से हुड़दंगों की टोली पर रंग बरसाए। लेकिन होली की मस्ती में चूर लोगों को बरसने वाले रंगों की कोई परवाह नहीं थी। वह लोग अपनी मस्ती में ही जोगिरा गाते हुए घूमते नजर आए। हालांकि डीजे बजाने की परमीशन न मिलने के कारण बहुत से लोग उदास नजर आए लेकिन जहां भी डीजे बजता मिला वहां ठुमका लगाने से बाज नहीं आए। होली का हुड़दंग वैसे तो गुरुवार की रात को होलिका दहन के बाद से ही शुरू हो गया था। शुक्रवार को नगर के कई क्षेत्रों में कपड़ा फाड़ होली भी खेली गई। जो भी इस क्षेत्र से होकर उसके शरीर पर कपड़ा नहीं बचा। पुरानी कोतवाली में कपड़ों को फाड़ने के बाद बिजली के तारों पर उसे लटका दिया गया था। दोपहर तक चले रंग के बाद लोग अपने घरों को पहुंचे जहां स्नान आदि करने के बाद अपने शुभचिंतकों के घर पहुंचने को तैयार होकर निकल पड़े। देर रात तक होली मिलन का यह कार्यक्रम चलता रहा। लोगों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाने के साथ ही गले लगाकर होली की शुभकामना दी।
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