{"_id":"5a66247c4f1c1b83268b5dcf","slug":"191516643452-azamgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूठा दिलासा देकर रवाना हो गए स्वास्थ्य मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झूठा दिलासा देकर रवाना हो गए स्वास्थ्य मंत्री
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह का दिलासा उस समय झूठा साबित हो गया, जब उनके जाने के दूसरे दिन ही मंडलीय अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं मिला। मंत्री ने शनिवार को अस्पताल के दौरे के दौरान पांच सौ इंजेक्शन होने का दावा किया था। सोमवार को अस्पताल पर इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ उमड़ी, लेकिन उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ा।
सिंह ने शनिवार को मंडलीय अस्पताल का निरीक्षण कर दुर्व्यवस्था की जानकारी की थी। इस दौरान उन्होंने मीडिया के समक्ष कहा था कि अस्पताल के स्टॉक में पांच सौ एंटी रेबीज इंजेक्शन हैं और सरकार ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि आगे से इसकी किल्लत नहीं होगी। सोमवार को अस्पताल पर दर्जनों मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे पर उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
इनसेट
मरीजों में रही नाराजगी
फोटो संख्या ... 4, 5, 6, 7
बलरामपुर। एंटी रेबिज इंजेक्शन लगवाने मंडलीय अस्पताल पर पहुंचे मरीज इंजेक्शन न मिलने पर नाराज दिखे। फूलपुर से इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचे राजकुमार ने कहा कि मंत्री ने कहा कि इंजेक्शन है लेकिन यहां आने पर पता चल रहा है कि इंजेक्शन है ही नहीं। जीयनपुर के चकमौनी गांव निवासी राजेंद्र का कहना था कि वह तो कई दिनों से इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल का चक्कर काट रहा है। कंधरापुर थाना क्षेत्र के अवतीगौरी गांव निवासी सूर्यभान का कहना था कि न दवा मिल पा रही है न ही इंजेक्शन ही। रानी की सराय के रहने वाले डब्बू अकेला ने बताया कि जिला अस्पताल के साथ ही कई सीएचसी व पीएचसी पर दौड़ चुका है लेकिन सुई नहीं मिली। मंडलीय अस्पताल में ऐसे ही दर्जनों मरीज सोमवार को परेशान हाल दिखायी दिए।
विज्ञापन
इनसेट
अस्पताल में इंजेक्शन नहीं है। मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। बीते छह माह में अस्पताल में मात्र सात सौ इंजेक्शन ही मिले थे, जिसमें दो सौ अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर पर मंगाया और पांच सौ सीएमओ के पास से अस्पताल प्रशासन ने उधार लिया था। जहां तक स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पांच सौ इंजेक्शन होने की बात कही जा रही है तो यह गलत है। मंत्री जी ने पांच सौ इंजेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही होगी।
डॉ. जीएल केशरवानी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।
विज्ञापन
सिंह ने शनिवार को मंडलीय अस्पताल का निरीक्षण कर दुर्व्यवस्था की जानकारी की थी। इस दौरान उन्होंने मीडिया के समक्ष कहा था कि अस्पताल के स्टॉक में पांच सौ एंटी रेबीज इंजेक्शन हैं और सरकार ने ऐसी व्यवस्था कर दी है कि आगे से इसकी किल्लत नहीं होगी। सोमवार को अस्पताल पर दर्जनों मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे पर उन्हें मायूस लौटना पड़ा।
विज्ञापन
इनसेट
मरीजों में रही नाराजगी
फोटो संख्या ... 4, 5, 6, 7
बलरामपुर। एंटी रेबिज इंजेक्शन लगवाने मंडलीय अस्पताल पर पहुंचे मरीज इंजेक्शन न मिलने पर नाराज दिखे। फूलपुर से इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंचे राजकुमार ने कहा कि मंत्री ने कहा कि इंजेक्शन है लेकिन यहां आने पर पता चल रहा है कि इंजेक्शन है ही नहीं। जीयनपुर के चकमौनी गांव निवासी राजेंद्र का कहना था कि वह तो कई दिनों से इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल का चक्कर काट रहा है। कंधरापुर थाना क्षेत्र के अवतीगौरी गांव निवासी सूर्यभान का कहना था कि न दवा मिल पा रही है न ही इंजेक्शन ही। रानी की सराय के रहने वाले डब्बू अकेला ने बताया कि जिला अस्पताल के साथ ही कई सीएचसी व पीएचसी पर दौड़ चुका है लेकिन सुई नहीं मिली। मंडलीय अस्पताल में ऐसे ही दर्जनों मरीज सोमवार को परेशान हाल दिखायी दिए।
विज्ञापन
इनसेट
अस्पताल में इंजेक्शन नहीं है। मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। बीते छह माह में अस्पताल में मात्र सात सौ इंजेक्शन ही मिले थे, जिसमें दो सौ अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर पर मंगाया और पांच सौ सीएमओ के पास से अस्पताल प्रशासन ने उधार लिया था। जहां तक स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पांच सौ इंजेक्शन होने की बात कही जा रही है तो यह गलत है। मंत्री जी ने पांच सौ इंजेक्शन उपलब्ध कराने की बात कही होगी।
डॉ. जीएल केशरवानी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मंडलीय अस्पताल, आजमगढ़।