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छोटे व्यापारियों पर सख्ती, बड़ों पर रहम
Updated Sun, 07 Jan 2018 11:49 PM IST
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आजमगढ़। शहर के सभी छोटे-बड़े व्यापारियों को सप्ताह में एक दिन प्रतिष्ठान बंद कर आराम करने के उद्देश्य से डीएम ने शहर में रविवार के दिन बंदी का दिन घोषित किया था। सरकारी फरमान का शहर के छोटे-बड़े दुकानदार तो पालन कर रहे हैं, लेकिन शहर को हर क्षेत्र में खुले बड़े शापिंग माल बिल्कुल पालन नहीं कर रहे हैं। शहर के सभी शापिंग माल रविवार के दिन भी खुल रहे हैं। ऐसे में छोटे दूकानदारों का नुकसान हो रहा है। व्यापारियों ने कई बार इसकी शिकायत श्रम विभाग और जिला प्रशासन से किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे व्यापारियों में रोष है।
बता दें कि पूर्व डीएम सुहास एलवाई की पहल पर सप्ताह में एक दिन दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया गया था। जिसका सभी लोग पालन भी कर रहे थे, लेकिन बीते कुछ माह पूर्व शहर के तकिया, पहाड़पुर, रोडवेज आदि मुहल्लों में धड़ल्ले से बड़े-बड़े माल खोले गए। व्यापारियों का कहना है कि बड़े माल खुलने से उनके यहां के ज्यादातर ग्राहक टूट गए। दूकानदारों का कहना था कि रविवार छुट्टी का दिन होने की वजह से लोग खरीदारी करते थे, लेकिन इसी दिन हम लोगों की दूकानें बंद करने का कह दिया गया। प्रशासन की सख्ती के चलते कोई खोलने का साहस नहीं दिखा पाता। यदि कोई दूकान खुली मिल गई तो श्रम विभाग के लोग छापेमारी कर दूकान तो बंद कराते ही हैं, ऊपर से फाइन भी मारते हैं, लेकिन शहर में सभी शापिंग माल धड़ल्ले से रविवार को खुल रहे हैं, लेकिन इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यह स्थिति ना केवल शहर की है, बल्कि गांव देहात की बड़ी बाजार में भी खुले शापिंग मालों की है।
यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है, यदि बंदी के दिन भी शापिंग माल या बड़ी दुकानें खुल रही हैं तो गलत है। ऐसे लोगों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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- अभिषेक सिंह, सीडीओ/प्रभारी डीएम
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बता दें कि पूर्व डीएम सुहास एलवाई की पहल पर सप्ताह में एक दिन दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया गया था। जिसका सभी लोग पालन भी कर रहे थे, लेकिन बीते कुछ माह पूर्व शहर के तकिया, पहाड़पुर, रोडवेज आदि मुहल्लों में धड़ल्ले से बड़े-बड़े माल खोले गए। व्यापारियों का कहना है कि बड़े माल खुलने से उनके यहां के ज्यादातर ग्राहक टूट गए। दूकानदारों का कहना था कि रविवार छुट्टी का दिन होने की वजह से लोग खरीदारी करते थे, लेकिन इसी दिन हम लोगों की दूकानें बंद करने का कह दिया गया। प्रशासन की सख्ती के चलते कोई खोलने का साहस नहीं दिखा पाता। यदि कोई दूकान खुली मिल गई तो श्रम विभाग के लोग छापेमारी कर दूकान तो बंद कराते ही हैं, ऊपर से फाइन भी मारते हैं, लेकिन शहर में सभी शापिंग माल धड़ल्ले से रविवार को खुल रहे हैं, लेकिन इनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो रही। यह स्थिति ना केवल शहर की है, बल्कि गांव देहात की बड़ी बाजार में भी खुले शापिंग मालों की है।
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यह मामला हमारे संज्ञान में नहीं है, यदि बंदी के दिन भी शापिंग माल या बड़ी दुकानें खुल रही हैं तो गलत है। ऐसे लोगों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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- अभिषेक सिंह, सीडीओ/प्रभारी डीएम