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स्वच्छ सर्वेक्षण में 44 बिंदूओं पर होगी जांच
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:17 AM IST
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नगर विकास विभाग की ओर से चार जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 का कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों को प्रमुख सचिव राजीव कुमार ने पत्र जारी कर आवश्यक कार्य कराने का निर्देश दिया है। जिसके तहत जनपद में भी कार्य शुरू हो चुका है। जिसमें 44 बिंदुओं पर सर्वेक्षण टीम जांच करेगी। जिसके निर्धारित अंकों में से अंक दिए जाएंगे। इन अंकों के आधार पर रेटिंग का निर्धारण किया जाएगा।
इसके तहत स्वच्छ भारत मिशन द्वारा नामित एजेंसी शहर में पहुंचेगी। वह प्रत्येक बिंदू पर की गई कार्रवाई के साक्ष्य का परीक्षण करेगी। स्वच्छ सर्वेक्षण में कुल 44 बिंदूओं पर 1400 अंक दिए जाएंगे। कुल अंक 4000 हैं। जिसमें म्युनिसिपल डाक्युमेंटेशन के 1400, फील्ड आब्जर्वेशन के 1200 और सिटीजन फीड बैक के 1400 अंक निर्धारित हैं। प्रत्येक बिंदू पर निगेटिव मार्किंग भी है जो अधिकतम 440 है। इसके लिए प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह इसके लिए कार्यशाला का आयोजन करें। जिसके माध्यम से संबंधित अधिकारियों को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि टीम के सामने प्रत्येक बिंदू पर की गई कार्रवाई से संबंधित डाक्यूमेंट को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करें और इसे प्राथमिकता प्रदान किया जाए। निगेटिव मार्किंग है इसलिए जो तथ्य मौके पर पुष्ट हो सकें वही सूचना सर्वेक्षण टीम को दी जानी चाहिए। डाक्यूमेंट को बनाने के लिए सभी निकाय एक डेडीकेटेड टीम तैयार करें और इस पर कार्रवाई करें। राज्य स्तर पर इस दिशा में निकाय द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा दो चरणों में की जाएगी।
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इसके तहत स्वच्छ भारत मिशन द्वारा नामित एजेंसी शहर में पहुंचेगी। वह प्रत्येक बिंदू पर की गई कार्रवाई के साक्ष्य का परीक्षण करेगी। स्वच्छ सर्वेक्षण में कुल 44 बिंदूओं पर 1400 अंक दिए जाएंगे। कुल अंक 4000 हैं। जिसमें म्युनिसिपल डाक्युमेंटेशन के 1400, फील्ड आब्जर्वेशन के 1200 और सिटीजन फीड बैक के 1400 अंक निर्धारित हैं। प्रत्येक बिंदू पर निगेटिव मार्किंग भी है जो अधिकतम 440 है। इसके लिए प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वह इसके लिए कार्यशाला का आयोजन करें। जिसके माध्यम से संबंधित अधिकारियों को उनके दायित्वों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि टीम के सामने प्रत्येक बिंदू पर की गई कार्रवाई से संबंधित डाक्यूमेंट को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करें और इसे प्राथमिकता प्रदान किया जाए। निगेटिव मार्किंग है इसलिए जो तथ्य मौके पर पुष्ट हो सकें वही सूचना सर्वेक्षण टीम को दी जानी चाहिए। डाक्यूमेंट को बनाने के लिए सभी निकाय एक डेडीकेटेड टीम तैयार करें और इस पर कार्रवाई करें। राज्य स्तर पर इस दिशा में निकाय द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा दो चरणों में की जाएगी।
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