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गरीबों के छह आशियाने बने घाघरा का निवाला, हुए बेघर
Updated Mon, 17 Jul 2017 11:43 PM IST
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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा ने अब कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रविवार की रात नदी ने देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा में छह रिहायशी मड़इयों को अपने आगोश में ले लिया।
कई दिनों से बढ़ाव पर रहने के बाद घाघरा के जलस्तर में घटोत्तरी तो हुई लेकिन कटान तेज हो गई। रविवार की रात मुराली का पुरवा के लालधर, परसन, तीर्थराज, राधेश्याम, लालबचन और जगधारी की रिहायशी मड़ईयां कटान की भेंट चढ़ गई। कटान के कारण देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है। तेजी से हो रही कटान को देख गांव के लोग अपने सामानों को समेटकर दूसरे स्थानों पर आशियाना बनाने के लिए जाने लगे हैं। क्षेत्र के मुराली का पुरवा, दुवान, गरीब दुबे, गलसदिया, श्रीनगर, अचल नगर, भिक्षुक दास सहित आधा दर्जन से ऊपर गावों में जलस्तर घटने से कटान में तेजी आ गई है। कटान के डर से किसान धान की रोपाई भी नहीं कर रहे हैं। उनके द्वारा डाली गई धान की नर्सरी बेची जा रहा है। लालधर और चांदमति का कहना है कि अगर हम लोग खेत में धान की रोपाई कर भी देंगे तो कभी भी धान का खेत कटान के जद में आ जाएगा। इसलिए अच्छा है कि हम लोग रोपाई न करें।
पिछले साल हुई कटान का नहीं मिला मुआवजा
लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के मुराली के पुरवा में पिछले साल हुई कटान का मुआवजा एक साल बीत जाने के बाद भी न मिलने से लोगों में रोष व्याप्त है। मुराली के पुरवा के तीर्थराज, महादेव, लाल बचन, बद्री, लालधर, राधेश्याम, जीता, जगदीश, मुराली, वसंत, विलास, रामवृज, बनवारी, प्रकाश, सत्यदेव, राम दरस, छत्रधारी राम, कमल, सत्यदेव, लोरिक, शिवनाथ, पूजन सहित लगभग सैकड़ों लोगों को अब ेतक हुई कटान का मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने इसके लिए कई बार तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रशासन प्रदर्शन भी किया लेकिन कटान पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला।
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विधायक ने कटान पीड़ितों के मुआवजे की मांग
लाटघाट। सगड़ी विधायक वंदना सिंह ने कहा कि देवरांचल में हो रही कटान से लोगों की उपजाऊ जमीन घाघरा के नदी में विलीन हो रही है। जिसके कारण किसान बर्बादी के कगार पर आ गए हैं। कटान पीड़ितों को पिछले साल का भी मुआवजा नहीं मिला है। प्रशासन जिन कटान पीड़ितों को अगले साल का मुआवजा नहीं दिया है उसको पिछले साल और इस साल हुई कटान का मुआवजा तत्काल दे।
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कई दिनों से बढ़ाव पर रहने के बाद घाघरा के जलस्तर में घटोत्तरी तो हुई लेकिन कटान तेज हो गई। रविवार की रात मुराली का पुरवा के लालधर, परसन, तीर्थराज, राधेश्याम, लालबचन और जगधारी की रिहायशी मड़ईयां कटान की भेंट चढ़ गई। कटान के कारण देवारा खास राजा गांव के मुराली का पुरवा का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है। तेजी से हो रही कटान को देख गांव के लोग अपने सामानों को समेटकर दूसरे स्थानों पर आशियाना बनाने के लिए जाने लगे हैं। क्षेत्र के मुराली का पुरवा, दुवान, गरीब दुबे, गलसदिया, श्रीनगर, अचल नगर, भिक्षुक दास सहित आधा दर्जन से ऊपर गावों में जलस्तर घटने से कटान में तेजी आ गई है। कटान के डर से किसान धान की रोपाई भी नहीं कर रहे हैं। उनके द्वारा डाली गई धान की नर्सरी बेची जा रहा है। लालधर और चांदमति का कहना है कि अगर हम लोग खेत में धान की रोपाई कर भी देंगे तो कभी भी धान का खेत कटान के जद में आ जाएगा। इसलिए अच्छा है कि हम लोग रोपाई न करें।
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पिछले साल हुई कटान का नहीं मिला मुआवजा
लाटघाट। सगड़ी तहसील क्षेत्र के मुराली के पुरवा में पिछले साल हुई कटान का मुआवजा एक साल बीत जाने के बाद भी न मिलने से लोगों में रोष व्याप्त है। मुराली के पुरवा के तीर्थराज, महादेव, लाल बचन, बद्री, लालधर, राधेश्याम, जीता, जगदीश, मुराली, वसंत, विलास, रामवृज, बनवारी, प्रकाश, सत्यदेव, राम दरस, छत्रधारी राम, कमल, सत्यदेव, लोरिक, शिवनाथ, पूजन सहित लगभग सैकड़ों लोगों को अब ेतक हुई कटान का मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने इसके लिए कई बार तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रशासन प्रदर्शन भी किया लेकिन कटान पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला।
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विधायक ने कटान पीड़ितों के मुआवजे की मांग
लाटघाट। सगड़ी विधायक वंदना सिंह ने कहा कि देवरांचल में हो रही कटान से लोगों की उपजाऊ जमीन घाघरा के नदी में विलीन हो रही है। जिसके कारण किसान बर्बादी के कगार पर आ गए हैं। कटान पीड़ितों को पिछले साल का भी मुआवजा नहीं मिला है। प्रशासन जिन कटान पीड़ितों को अगले साल का मुआवजा नहीं दिया है उसको पिछले साल और इस साल हुई कटान का मुआवजा तत्काल दे।