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गंजोर गांव में और मिले डायरिया के मरीज, एक की हालत गंभीर

Sun, 09 Sep 2018 11:46 PM IST
Updated Sun, 09 Sep 2018 11:46 PM IST
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गंजोर गांव में और मिले डायरिया के मरीज, एक की हालत गंभीर
मेंहनगर। तहसील क्षेत्र के गंजोर गांव के मुसहर व दलित बस्ती में डायरिया का प्रकोप अभी भी फैला हुआ है। रविवार को भी कई नए मरीज सामने आए। इसमें एक वृद्ध महिला की हालत अत्यंत गंभीर मिली, जिसे जिले से पहुंची स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने एंबुलेंस से सीएचसी भेज कर भर्ती कराया। वहीं अन्य डायरिया पीड़ित मरीजो की पहचान कर उन्हें दवा वितरित करने के साथ ही आवश्यक सलाह भी दिया गया। गंजोर गांव के मुसहर व दलित बस्ती की स्थिति अत्यंत ही खराब है। यहां साफ-सफाई का जहां आभाव है तो वहीं स्वास्थ्य कर्मी भी कभी गांव में जांच के लिए नहीं पहुंचते है। ग्रामीणों की माने तो यह गांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिगनी के अंतर्गत आता है और गांव में डायरिया का प्रकोप फैलने और एक मासूम बच्ची की मौत की सूचना के बाद भी यहां तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी गांव में नहीं पहुंचे। शुक्रवार की देर शाम से गांव में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। शनिवार को सीएचसी की टीम ने गांव में डेरा डाला था और डायरिया पर पूरी तरह से नियंत्रण का दावा किया था। इसके बाद भी रविवार को कई और नए डायरिया पीड़ित मरीज सामने आए। इसमें 85 वर्षीया सोमारी देवी पत्नी स्व. विश्वनाथ की हालत अत्यंत गंभीर है। रविवार को जिला मुख्यालय से डिप्टी सीएमओ डॉ. वाईके राय के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने गांव में पहुंच कर मोर्चा संभाला। डॉक्टरों ने सोमारी देवी की हालत गंभीर देख पहले तो उसे गांव में ही डीप चढ़ाने की कवायद शुरू की। इसके बाद भी जब कोई सुधार होता नजर नहीं आया तो उसे आनन-फानन में एंबुलेंस में लाद कर सीएचसी भेज दिया गया। रविवार को भी आधा दर्जन से अधिक नए मरीज सामने आए, जिन्हें उल्टी दस्त की शिकायत थी। टीम ने जांच कर नए पीड़ितों में भी दवाओं का वितरण किया।
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ब्लीचिंग का छिड़काव करा पूरा किया जा रहा कोरम
मेंहनगर। डायरिया से एक की मौत और दर्जन भर से अधिक लोगों के बीमार होने के बाद स्वास्थ्य महकमा कुछ जागा है, लेकिन गांव में व्याप्त गंदगी की सफाई कराने के बजाए ब्लीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव करा कर कोरम पूरा किए जाने की ही कवायद की जा रही है। यहीं कारण है कि गांव में डायरिया का प्रकोप फैले 48 घंटे से अधिक का समय बीत गया लेकिन अब तक स्वास्थ्य महकमा गांव में फैले डायरिया को पूरी तरह से कंट्रोल नहीं कर सका है और अभी भी नए मरीज सामने आ रहे हैं।
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प्रधान को उपलब्ध कराई गई मशीन और दवा
मेंहनगर। जिले से गांव में पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. वाईके राय ने ग्रामीणों को जहां बासी भोजन न खाने और साफ-सफाई पर ध्यान देने का निर्देश दिया वहीं प्रधान को दवा छिड़काव की मशीन और दवा उपलब्ध कराते हुए एक आदमी रखकर दवा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया। नियमत: यह कार्य स्वास्थ्य महकमे को खुद करना चाहिए लेकिन वह प्रधान पर जिम्मेदारी डालकर स्वयं जिम्मेदारी से मुक्त होने का प्रयास कर रहा है।
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गंजोर गांव में फैले डायरिया पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया है। एक वृद्ध महिला मिली है। वह 90 साल की है और इस उम्र में उसे सामान्य तौर ऐसी परेशानी हो सकती है। जिले से पहुंची टीम ने गांव में लोगों को सतर्कता की दृष्टि से क्लोरिन की गोली और अन्य दवाएं वितरित कर रहे हैं। यह सतर्कता अभी दो-तीन दिनों तक गांव में चलती रहेगी और विभाग की टीम गांव में डेरा डाले रहेगी।
- डॉ. रविंद्र कुमार, सीएमओ, आजमगढ़
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