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आधी अधूरी तैयारी के बीच बाढ़ से निपटने की कवायद
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:19 AM IST
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आजमगढ़। सगड़ी तहसील के उत्तरी छोर से होकर गुजरने वाली घाघरा हर बार अपने पीछे तबाही का मंजर छोड़ जाती है। हर वर्ष घाघरा में आने वाली बाढ़ के कारण महुला गढ़वल बांध पर खतरे के बादल मंडराते हैं। बंधे को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा सारी तैयारियों को पूरा करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन अभी तक बंधे में लगाए गए रेगुलेटरों की ग्रिसिंग और बंधे पर बने रैनकट को भरा नहीं गया है।
सगड़ी तहसील क्षेत्र में बहने वाली घाघरा नदी का जलस्तर विगत वर्ष 2016 में अब तक महुला गढ़वल बांध पर बने गेज पर पानी चढ़ने लगा था। गेज रीडर का कहना है कि आज या कल में घाघरा नदी गेज पकड़ लेगी। घाघरा का बढ़ाव धीरे-धीरे जारी है। इससे घाघरा नदी के किनारे के गांव चक्की, तिरसठ, मुराली का पुरवा, बघावा, देवारा खास राजा, अभन पट्टी, दुबान, सोनौरा, अजगरा, झगरावा, गरीब दुबे, अचल नगर, छितवनी, नवलगाढा़, इस्माइलपुर, रोशनगंज, हैदराबाद, मरहबा, कुड़ही, शंकरपुर, शिवपुर, महाजी, चिकनहवा आदि गांव के लोगों में दहशत छाने लगी है। घाघरा नदी की बाढ़ से जनपद को बचाने के लिए महुला से गढ़वल तक करीब 42 किमी बंधे की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन हालात ये हैं कि कहीं-कहीं रैन कट को भी नहीं भरा गया है। आज भी बंधे पर रैन कट बना हुआ है। बंधे पर हाजीपुर के पास नैनीजोर, सहनूपुर, परसिया के पास बंधेे में रैन कट बने हुए हैं। बंधे में करीब 65 रेगुलेटर लगे हुए हैं। इनकी मरम्मत, ड्रेसिंग, ग्रिसिंग और आयलिंग की औपचारिकता विभाग द्वारा पूरी कर दी गई है।
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