फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   सरकारी भवनों पर कब्जा-3, अधिकारियों ने भी जमाया कब्जा

सरकारी भवनों पर कब्जा-3, अधिकारियों ने भी जमाया कब्जा

Mon, 02 Jul 2018 11:44 PM IST
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
सरकारी भवनों पर कब्जा-3, अधिकारियों ने भी जमाया कब्जा
आजमगढ़। खास लोग और अधिकारी सरकारी भवनों पर कब्जा करने में किसी से भी पीछे नहीं है। इसमें कई अधिकारी तो ऐसे हैं जिनका महीनों पहले पदोन्नति होने के बाद गैर जनपद में तबादला हो गया है। लेकिन उन्होंने आवंटित आवासों को खाली नहीं किया है। ऐसे में जनपद में स्थानांतरित होकर आने वाले अधिकारी परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में अवैध कब्जों की लिस्ट पर नजर डालें तो यह बहुत बड़ी है। इसमें आम लोगों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं। तबादले और प्रोन्नति के बाद गैर जिले में गए पर जिले में आवंटित आवास को खाली नहीं किया है। इसमें पहला नाम जनपद में एडीएम प्रशासन रहे आशुतोष द्विवेदी का आता है। 30 सितंबर 2013 को आजमगढ़ में एडीएम प्रशासन का कार्यभार ग्रहण किया था। इन्हें रैदोपुर कॉलोनी में बना ए-वन आवास आवंटित किया गया। 30 सितंबर 2016 को प्रोन्नति के बाद इनका स्थानांतरण मऊ में सीडीओ के पद पर प्रमोशन हो गया और उन्हें वहां भी आवास आवंटित हुआ है। लगभग दो साल के बाद भी अभी तक उन्होंने यहां का आवास खाली नहीं किया है। सूची में दूसरा नाम पूर्व एडीएम प्रशासन लवकुश त्रिपाठी का है। लवकुश त्रिपाठी ने तीन जुलाई 2017 को जनपद में कार्यभार ग्रहण किया। इन्हें रहने के लिए रैदोपुर में बी-वन आवास आवंटित था। सात अप्रैल 2018 को इनका तबादला सुल्तानपुर में डीडीसी के पद पर हो गया। उन्होंने वहां कार्यभार ग्रहण कर लिया लेकिन अभी जनपद में आवंटित आवास खाली नहीं किया है। लगभग डेढ़ माह पूर्व जनपद में तैनात जिला अर्थसंख्याधिकारी डा. अर्चना सिंह का स्थानांतरण बहराइच के लिए हो गया। लेकिन अभी तक उन्होंने आवंटित बी-सिक्स आवास खाली नहीं किया है।
विज्ञापन

वहीं दूसरी ओर काफी दिनों तक रिक्त रहने के बाद शासन ने एडीएम प्रशासन के पद पर नरेंद्र सिंह को तैनात किया। उन्होंने 19 मई 2018 को एडीएम प्रशासन का कार्यभार ग्रहण किया। लगभग डेढ़ महीने होने को आए एडीएम प्रशासन सर्किट हाउस में रहने को विवश हैं। क्योंकि पूर्व के अधिकारियों के आवास खाली न करने के कारण उन्हें आवास उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed