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ठंडी पड़ी दो करोड़ के लाइट घोटले की जांच
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। माहुल नंगर पंचायत में दो करोड़ के लाइट घोटाले की जांच ठंडी पड़ती नजर आर रही है। ग्रामीण जांच अधिकारियों को लेकर भी सवाल उठाने लगे हैं। जांच धनबल से प्रभावित होने की भी बात कही जा रही है। नगर पंचायत में दो करोड़ से ज्यादा की लगाई गई लाइट में अधिकतर लाइटें खराब हो गई थी। भाजपाइयों ने लोकल लाइटें लगाकर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया था। जिलाधिकारी के आदेश पर जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि माहुल नगर पंचायत में वर्ष 2016-17 के दौरान दो करोड़ से अधिक की लागत से 250 लाइटें लगवाई गई ती। इसमें अधिकतर लाइटें लगने के साथ ही खराब हो गई थी। आरोप लगाया था कि गाजीपुर की एक अनाधिकृत फार्म से चाइनीज लाइटें अधिक दाम पर क्रय कर लगा दी गई थीं। इसके साथ ही लाइटों को नगर पंचायत की सीमा से बाहर लगाने के भी आरोप लगाए गए थे। प्रकरण में तत्कालीन ईओ और लिपिक की भूमिका को संदिग्ध बताया गया था। भाजपा नेत्री माला द्विवेदी ने भी आरोपों की पुष्टी करते हुए कहा था कि नगर पंचायत आउट सोर्सिंग से तैनात कर्मचारियों को हटाने की कोशिश भी की जा रही है। ये भी कहा था नई नगर पंचायत में इतनी बड़ी धनराशि से मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा कमीशन के फेर में घटिया लाइटें खरीद ली गईं। जिलाधिकारी ने मामले में जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इसमें सीटीओ विजयशंकर, एसडीएम फूलपुर, ईओ माहुल के साथ ही अधिशासी अभियंता विद्युत यांत्रिक खंड और उप खंड अधिकारी फूलपुर को शामिल किया गया था। सीटीओ के निर्देश पर अन्य लोगों ने पिछले दिनों दो दिन तक नगर पंचायत में पत्रावली की जांच भी की थी। इसके बाद से मामले ठंडे बस्ते में चला गया है। ग्रामीण जांच अधिकारियों को लेकर भी सवाल उठाने लगे हैं। जांच धनबल से प्रभावित होने की भी बात कही जा रही है।
पिछले कुछ दिनों से आरबीआई की ट्रेनिंग पर था। आज ही लौटा हूं। एसडीएम फूलपुर भी रिटायर हो गए हैं। अधिशासी अभियंता की एक रिपोर्ट आ गई है। जल्द ही नगर पंचायत जाकर जांच पूरी की जाएगी और मामले की खुलासा किया जाएगा।
विजय शंकर, सीटीओ
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पिछले कुछ दिनों से आरबीआई की ट्रेनिंग पर था। आज ही लौटा हूं। एसडीएम फूलपुर भी रिटायर हो गए हैं। अधिशासी अभियंता की एक रिपोर्ट आ गई है। जल्द ही नगर पंचायत जाकर जांच पूरी की जाएगी और मामले की खुलासा किया जाएगा।
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विजय शंकर, सीटीओ