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अब प्रधान और सेक्रेटरी भी करेंगे डिजिटल सिग्नेचर से भुगतान
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आजमगढ़। भ्रष्टाचार पर रोक के लिए ग्राम सभा में कराए गए कार्यों के लिए प्रधान और सेक्रेटरी भी डिजिटल सिग्नेचर से भुगतान करेंगे। इसके लिए शासन की ओर से ग्राम पंचायतों में डोंगल स्सिटम लागू किया जा रहा है। इससे चेक से भुगतान पर भी रोक लग जाएगी। शासन की मंशा भुगतान की प्रक्रिया में पूर्ण रूप से पारदर्शिता लानी है। जनपद में 1871 प्रधानों और 405 सेक्रेटरी के डिजिटल सिग्नेचर तैयार कर दिए गए हैं। अब बिना डिजिटल सिग्नेचर के राज्यवित्त व 14वें वित्त के धनराशि का भुगतान नहीं हो पाएगा।
शासन ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने में जुट गया है। इसके तहत अब ग्राम पंचायतों में प्रधान व सेक्रेटरी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी चेक से भुगतान की प्रक्रिया पर जल्द ही रोक लगाई जाएगी। भुगतान के लिए डोंगल सिस्टम अपनाया जाएगा। इसमें प्रधान और सेक्रेटरी के संयुक्त डिजिटल सिग्नेचर से लाभार्थियों के खाते में ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। डीपीआरओ आनंद प्रकाश श्रीवास्तव के मुताबिक ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था इसी माह से लागू करने की तैयारी चल रही है। ग्राम पंचायतों में पहले ही मनरेगा में डोंगल सिस्टम लागू है। केंद्र सरकार ने इसे पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। पहले मनरेगा में तमाम भ्रष्टाचार के मामले सुर्खियों में रहते थे, अब ऑनलाइन होने से कुछ हद तक लगाम लगी है। इसके बाद राज्यवित्त व 14वें वित्त में अनियमितता के मामले भी शासन के निशाने पर हैं। ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों का भुगतान अब तक चेक से होता था। इसमें प्रतिवर्ष लाखों का खेल होता है। इसे लेकर सभी ग्राम प्रधानों व ग्राम सचिवों का डिजिटल सिग्नेचर बनवाया गया है।
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कुल ब्लाक - 22
कुल ग्राम पंचायत - 1871
प्रधान - 1871
सेक्रेटरी - 405
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ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन किया जा रहा है। अब प्रधान और सचिव का डिजिटल सिग्नेचर बन रहा है। राज्यवित्त व 14वें वित्त की धनराशि का भुगतान डोंगल के माध्यम से होगा। अगर नहीं बना तो आहरण पर रोक लगा दी जाएगी। इससे विकास कार्य बाधित होंगे। इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी। - आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, डीपीआरओ।
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शासन ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने में जुट गया है। इसके तहत अब ग्राम पंचायतों में प्रधान व सेक्रेटरी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी चेक से भुगतान की प्रक्रिया पर जल्द ही रोक लगाई जाएगी। भुगतान के लिए डोंगल सिस्टम अपनाया जाएगा। इसमें प्रधान और सेक्रेटरी के संयुक्त डिजिटल सिग्नेचर से लाभार्थियों के खाते में ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा। डीपीआरओ आनंद प्रकाश श्रीवास्तव के मुताबिक ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था इसी माह से लागू करने की तैयारी चल रही है। ग्राम पंचायतों में पहले ही मनरेगा में डोंगल सिस्टम लागू है। केंद्र सरकार ने इसे पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। पहले मनरेगा में तमाम भ्रष्टाचार के मामले सुर्खियों में रहते थे, अब ऑनलाइन होने से कुछ हद तक लगाम लगी है। इसके बाद राज्यवित्त व 14वें वित्त में अनियमितता के मामले भी शासन के निशाने पर हैं। ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों का भुगतान अब तक चेक से होता था। इसमें प्रतिवर्ष लाखों का खेल होता है। इसे लेकर सभी ग्राम प्रधानों व ग्राम सचिवों का डिजिटल सिग्नेचर बनवाया गया है।
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कुल ब्लाक - 22
कुल ग्राम पंचायत - 1871
प्रधान - 1871
सेक्रेटरी - 405
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ग्राम पंचायतों को ऑनलाइन किया जा रहा है। अब प्रधान और सचिव का डिजिटल सिग्नेचर बन रहा है। राज्यवित्त व 14वें वित्त की धनराशि का भुगतान डोंगल के माध्यम से होगा। अगर नहीं बना तो आहरण पर रोक लगा दी जाएगी। इससे विकास कार्य बाधित होंगे। इसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी। - आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, डीपीआरओ।
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