फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   सैकड़ों की संख्या में बिना मान्यता के चल रहे स्कूल

सैकड़ों की संख्या में बिना मान्यता के चल रहे स्कूल

Sun, 20 Jan 2019 12:27 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Jan 2019 12:27 AM IST
विज्ञापन
सैकड़ों की संख्या में बिना मान्यता के चल रहे स्कूल
आजमगढ़। कुकुरमुत्ते की तरह नर्सरी से लेकर माध्यमिक तक के विद्यालय पूरे जिले में संचालित हो रहे है। बिना मान्यता के चल रहे विद्यालयों की संख्या सैकड़ों में है, इसके बाद भी कार्रवाई के नाम पर बेसिक शिक्षा विभाग ने मात्र 53 विद्यालयों को नोटिस जारी किया और 13 स्कूलों को बंद कराया गया। बंद कराए गए स्कूल भी वर्तमान में पुन: संचालित हो रहे है। नये सत्र की शुरूआत के साथ ही शासन ने बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों पर लगाम कसने का फरमान जारी किया था। अप्रैल माह में बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों का चिन्हीकरण शुरू कराया था। सैकड़ों की संख्या में बिना मान्यता के चल रहे विद्यालयों की पहचान की गई थी। इन बिना मान्यता वाले विद्यालयों पर जहां सुविधाओं का अभाव देखने को मिला तो वहीं अभिभावकों का तमाम तरह से जबरदस्त शोषण भी किया जा रहा है। इसके बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग इन विद्यालयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं कर रहा है। कई विद्यालय तो ऐसे भी है जो किसी भी तरह से मानक पूरा नहीं करते है और दो-चार कमरों वाले भवन में संचालित किए जाते है। इतना ही नहीं ऐसे विद्यालयों में अग्नि सुरक्षा के भी कोई इंतजाम नहीं होते है। जिले में चिन्हित किए गए विद्यालयों की संख्या आज तक बेसिक शिक्षा कार्यालय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। वहीं कार्रवाई के नाम पर मात्र 53 विद्यालयों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की और 13 बिना मान्यता के चल रहे विद्यालयों को बंद कराया गया। बंद कराये गए सारे विद्यालय वर्तमान में पुन: संचालित हो रहे है और बेसिक शिक्षा विभाग मूक दर्शक बना हुआ है। जबकि ऐसे विद्यालयों के खिलाफ जुर्माना व एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई होनी चाहिए थी।
विज्ञापन


बिना मान्यता के विद्यालयों को बंद कराने की कवायद नये सत्र के शुरूआत में की गई थी। जो विद्यालय बंद कराये गए थे यदि वे पुन: संचालित हो रहे है तो खंड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से उनकी जांच करायी जाएगी और पुन: खुले पाए गए तो निश्चित तौर पर उन पर जुर्माना लगाने और प्रबंधक व प्रधानाचार्य पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है।
विज्ञापन

देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए, आजमगढ़।

बंद कराने के बाद भी संचालित हो रहे बिना मान्यता के स्कूल
बिंद्रा बाजार। शिक्षा क्षेत्र मोहम्मदपुर में बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई हवा-हवाई ही साबित हो रही है। शासन की सख्ती के बाद बीआरसी ने दर्जन भर स्कूलों को बंद कराया था लेकिन वर्तमान में सभी स्कूल संचालित हो रहे है। वही 40 स्कूलों को नोटिस भी जारी की गई थी लेकिन उनके खिलाफ भी कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। नये शिक्षण सत्र के शुरूआत के साथ ही शासन ने बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों को बंद कराने का सख्त निर्देश जारी किया था। शासन ने दबाव बनाया तो बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारियों ने कार्रवाई की कवायद शुरू की। शिक्षा क्षेत्र मोहम्मदपुर में दर्जन भर बिना मान्यता वाले स्कूलों को बंद कराने की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही 40 से अधिक विद्यालयों को नोटिस भी जारी किया गया। बंद कराए गए स्कूलों के बच्चों का पंजीकरण खंड शिक्षाधिकारी ने स्वयं पास से परिषदीय विद्यालयों में कराया। कार्रवाई के दौरान बंद कराए गए स्कूलों में नरमा देवी पब्लिक स्कूल मोहिद्दीनपुर, सरस्वती पब्लिक स्कूल, नेशनल पब्लिक स्कूल बिंद्रा बाजार, मदरसा पब्लिक स्कूल गौरी, अभिनव पब्लिक स्कूल अमौड़ा, एएन कांवेंट विद्यालय परसहा, मदरसा इस्लामिक पब्लिक स्कूल गौरी, नीड पब्लिक स्कूल गौरी, अलमित्र पब्लिक स्कूल मंगरावा, केएन पाठक प्राथमिक एवं जूनियर स्कूल इनावभार, हुड्डा पब्लिक स्कूल अषाढ़ा, तपेश्वर न्यू हाईलाइट्स विद्यालय नंदाव, रॉयल फोर्ड इंग्लिश स्कूल मोतीपुर शामिल थे। वर्तमान में ये सभी विद्यालय पूर्व की भांति संचालित हो रहे है। वहीं जिन विद्यालयों को नोटिस जारी की गई थी उनके खिलाफ भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शासन के निर्देश के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग की कवायद पूरी तरह से हवा-हवाई साबित हो रही है। बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल अभिभावकों का शोषण कर रहे है और बेसिक शिक्षा विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिना मान्यता के संचालन के चलते बंद करा गए विद्यालयों में ज्यादातर मानक पूरा करते है और उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन भी किया हुआ है। फिलहाल मान्यता समिति की बैठक न होने से उन्हें मान्यता नहीं मिल सकी है। जिसके चलते उन विद्यालयों के बंद कराने के बाद भी पुन: संचालन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इनमें जो विद्यालय मानक नहीं पूरा कर रहे है उन पर जुर्माना लगाने की कवायद शुरू की जाएगी।
विश्वजीत, एसडीआई, मोहम्मदपुर, आजमगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed