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विद्यालयों में 40 प्रतिशत कोर्स अधूरा, कैसे देंगे परीक्षा
Updated Sun, 14 Oct 2018 12:12 AM IST
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पल्हनी। माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र इलाहाबाद द्वारा संचालित यूपी बोर्ड के परिक्षाओं के तिथि घोषित कर दी गई है। जिसके तहत सात फरवरी से दो मार्च के बीच हाई स्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं संचालित होंगी। लेकिन जनपद के विद्यालयों में अभी तक कोर्स पूरा न होने के कारण छात्रों की परेशानी बढ़ गई है। वर्तमान में लगभग 60 प्रतिशत कोर्स ही पूरा हो सका है। अगर अब से कोर्स को पूरा कर भी लिया जाता है तो छात्रों को तैयारी का मौका नहीं मिलेेगा। जिस बात की चिंता उन्हें खाए जा रही है। इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा में जनपद से कुल दो लाख 20 हजार 241 परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिसमें हाईस्कूल के एक लाख 16 हजार 629 परीक्षार्थी संस्थागत और 278 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं इंटरमीडिएट में संस्थागत एक दो हजार 37 परीक्षार्थी और 1297 व्यक्ति परीक्षार्थी भाग लेंगे। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 42 हजार 487 छात्र कम हैं। सात फरवरी से शुरू हो रही परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद अपनी तैयारियों में जुट गया है। पिछली बार बोर्ड के निर्देश पर परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। लेकिन इस सीसीटीवी कैमरे के साथ ही वायस रिकार्डर लगाने का भी निर्देश जारी किया गया है। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए परीक्षार्थी अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं लेकिन कोर्स पूरा न होने के कारण उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है। जनपद के विद्यालयों में कोर्स की हालत ऐसी है कि लगभग 60 प्रतिशत कोर्स ही छात्रों को पढ़ाया जा सका है। वहीं कुछ विद्यालयों में 70 प्रतिशत तक भी कोर्स पूरा हुआ है। लेकिन शायद ही जनपद का कोई ऐसा सरकारी विद्यालय होगा जहां 100 प्रतिशत कोर्स अब तक पूरा हो चुका हो। अक्टूबर महीने के साथ ही त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। जिसके कारण काफी छुट्टियां पड़ेंगी। त्योहारों का मौसम समाप्त होते ही प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। प्रायोगिक परीक्षाओं की समाप्ति के बाद परीक्षार्थियों को यह परीक्षा देनी है। जिसके कारण उनके पास तैयार का समय बहुत कम बचा है। कोर्स पूरा न होने से उनकी समस्या बढ़ गई है।
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