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वायरल आडियो की जांच करेगी दो सदस्यीय कमेटी
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आजमगढ़। डाटा एंट्री कार्य के लिए निजी कंपनी को ठेका दिलाने संबंधित वायर आडियो की जांच के लिए जिलाधिकारी की ओर से दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। इसमें एडीएम वित्त एवं राजस्व और सीटीओ को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच टीम को तथ्यों की जांच कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले दिनों एक निजी पत्रिका की ओर से सोशल साइटों पर एक आडियो वायरल की गई थी। इसमें अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुनील सिंह पर डाटा एंट्री के टेंडर पत्रावली और भुगतान आदि के साथ-साथ कतिपय व्यक्तियों एवं अधिकारियों का जिक्र किया गया है। वायरल आडियो में उन्हें ठेका और भुगतान करने के नाम पर डील करते हुए दिखाया गया था। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व, मुख्य कोषाधिकारी आजमगढ़ को नामित किया गया है। जांच समिति को आडियो क्लिप में इंगित तथ्यों की विस्तृत जांच कर एक पक्ष में रिपोर्ट तलब की है।
वहीं, इस संबंध में एडीएसटीओ सुनील सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लखनऊ की कंपनी केडीएस इंटर प्राइजेज को छह अक्तूबर 2016 को जीवित व्यक्ति के लिए चार रुपये सरकारी दर के सापेक्ष 2.37 रुपया और मृत व्यक्ति के लिए एक रुपया सरकारी दर के सापेक्ष पांच पैसे में हुआ था। ये प्रदेश का सबसे निम्न दर पर ठेका था। 50 लाख से अधिक आनलाइन एंट्री करनी थी। 120 दिनों में एंट्री पूरी करनी थी। जिसमें 30 दिनों में 210 कंप्यूटर और इतने ही आपरेटर की व्यवस्था करनी थी। दिसंबर 2016 तक कार्य पूरा होना था। फरवरी ंमें काम पूरा होने पर मार्च 2017 में कंपनी को 88.71 लाख का भुगतान भी हो गया था। अन्य जनपदों में यही टेंडर 3.90 रुपये में भी हुए थे। निम्म दर में टेंडर होने से लगभग 75 लाख राजस्व बचाया गया था। दो साल बाद आडियों को टैंपर्ड कर जारी किया गया है। भुगतान 2017 में हो चुकी है तो 2018 में डील की बात समझ से परे है। मैंने सोशल सेक्टर के विभिन्न जांचों में करोड़ों का घोटाला पकड़ा है। उन्होंने दावा किया ब्लैकमेल करने की नीयत से ऐसा किया गया है। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। इसकी पीछे भ्रष्टाचार में संलिप्त ऐसे लोग है जिनकी जांच मैं कर रहा हूं। वहीं कंपनी के मालिक श्रवण राय ने ऐसी किसी भी प्रकार की डील की बात होने से इंकार किया है।
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पिछले दिनों एक निजी पत्रिका की ओर से सोशल साइटों पर एक आडियो वायरल की गई थी। इसमें अपर सांख्यिकीय अधिकारी सुनील सिंह पर डाटा एंट्री के टेंडर पत्रावली और भुगतान आदि के साथ-साथ कतिपय व्यक्तियों एवं अधिकारियों का जिक्र किया गया है। वायरल आडियो में उन्हें ठेका और भुगतान करने के नाम पर डील करते हुए दिखाया गया था। प्रकरण संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इसमें अपर जिला मजिस्ट्रेट वित्त एवं राजस्व, मुख्य कोषाधिकारी आजमगढ़ को नामित किया गया है। जांच समिति को आडियो क्लिप में इंगित तथ्यों की विस्तृत जांच कर एक पक्ष में रिपोर्ट तलब की है।
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वहीं, इस संबंध में एडीएसटीओ सुनील सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लखनऊ की कंपनी केडीएस इंटर प्राइजेज को छह अक्तूबर 2016 को जीवित व्यक्ति के लिए चार रुपये सरकारी दर के सापेक्ष 2.37 रुपया और मृत व्यक्ति के लिए एक रुपया सरकारी दर के सापेक्ष पांच पैसे में हुआ था। ये प्रदेश का सबसे निम्न दर पर ठेका था। 50 लाख से अधिक आनलाइन एंट्री करनी थी। 120 दिनों में एंट्री पूरी करनी थी। जिसमें 30 दिनों में 210 कंप्यूटर और इतने ही आपरेटर की व्यवस्था करनी थी। दिसंबर 2016 तक कार्य पूरा होना था। फरवरी ंमें काम पूरा होने पर मार्च 2017 में कंपनी को 88.71 लाख का भुगतान भी हो गया था। अन्य जनपदों में यही टेंडर 3.90 रुपये में भी हुए थे। निम्म दर में टेंडर होने से लगभग 75 लाख राजस्व बचाया गया था। दो साल बाद आडियों को टैंपर्ड कर जारी किया गया है। भुगतान 2017 में हो चुकी है तो 2018 में डील की बात समझ से परे है। मैंने सोशल सेक्टर के विभिन्न जांचों में करोड़ों का घोटाला पकड़ा है। उन्होंने दावा किया ब्लैकमेल करने की नीयत से ऐसा किया गया है। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। इसकी पीछे भ्रष्टाचार में संलिप्त ऐसे लोग है जिनकी जांच मैं कर रहा हूं। वहीं कंपनी के मालिक श्रवण राय ने ऐसी किसी भी प्रकार की डील की बात होने से इंकार किया है।
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