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आस्था के प्रतीक गोविंद साहब मेले की हुई शुरूआत
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:08 AM IST
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बूढ़नपुर। आस्था का प्रतीक गोविंद साहब के मेले का रविवार को शुरुआत हो गई। मेले में तीन दिन तक चलने वाले अखंड स्नान की शुरुआत भी हो गई। पवित्र सरोवर में स्नान के लिए श्रद्घालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। गैर जनपदों के साथ कई प्रांतों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान कर बाबा को खिचड़ी और गन्ने का भोग लगाकर मन्नत मांगी। मेले में आए लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा के सरोवर में डुबकी लगाई। यह स्नान अनवरत तीन दिनों तक चलेगा। मान्यता है कि पूरे दो माह तक किसी दिन भी कोई श्रद्धालु स्नान करेगा तो आज ही के जैसा फल मिलेगा। स्नान के बाद श्रद्धालु बाबा की समाधि पर लाल गन्ना और कच्ची खिचड़ी चढ़ाए। कहते हैं कि जो लोग सरोवर में स्नान करते हैं बाबा उनकी मुरादें सुनता है। सरोवर में स्नान करने से सबके क्लेश मिट जाते हैं। खिचड़ी का प्रसाद लेकर वहीं पर मिट्टी के बर्तन और उपले पर लोग खिचड़ी पकाकर खाते हैं। इसके बाद मेले का आनंद लेते हैं। मेले की प्रसिद्ध मिठाई खजला है, जो दुकानों पर बुंदेलखंड से आए कारीगरों को ताजा बिकती है। प्रसिद्ध कारीगर सुभाष चंद्र ने बताया कि हमारा खजला शुद्ध खोए का बनता है। मेले में हाथी, घोड़े से लेकर सुई तक की वस्तुएं बिकती हैं। वैसे तो मेले में सबसे ज्यादा लाल गन्ना बिकता है। मेले में आए श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए थिएटर, झूले, मौत का कुआं और सर्कस आदि प्रोग्राम का आनंद श्रद्धालु उठा रहे हैं। मेला बाबा गोविंद साहब के मंदिर से चारो और लगभग चार किमी दूरी में लगा है। बाबा के शिष्य महंत बाबा विरेंद्र दास ने बताया कि इस मेले में आसपास के जिले गाजीपुर, बलिया, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, फैजाबाद, गोरखपुर तक के ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से लोग बाबा के दर्शन के लिए आते हैं।
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