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प्राइवेटाइजेशन का विरोध जारी, कर्मियों ने दिया धरना
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:48 PM IST
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आजमगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा पांच महानगरों की बिजली व्यवस्था को प्राइवेट क्षेत्र में देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ बिजली कर्मचारी आंदोलित हो उठे है। विभाग के सभी संगठनों ने एकजुट होकर संयुक्त संघर्ष समिति का गठन किया है। जिसके बैनर तले गुरुवार को भी बिजली कर्मचारियों ने तीन घंटे का कार्य बहिष्कार कर विरोध दर्ज कराया।
अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार पांच महानगरों में बिजली व्यवस्था के प्राइवेटाइजेशन का फैसला वापस नहीं लेता तब तक सभी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अपना आंदोलन जारी रखेंगे। गुरुवार को भी दो से पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर बिजली कर्मचारियों ने सिधारी हाईडिल परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की इस कवायद का हर स्तर पर विरोध होगा। 27 को प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार के साथ ही जरूरत पड़ने पर आगे भी आंदोलन को जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही 23 मार्च को विभागीय समीक्षा को लेकर होने वाले वीडियो कांफ्रेंसिंग के बहिष्कार का भी बिजली कर्मचारियों ने निर्णय लिया। तीन घंटे के कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र सिंह, आरपीएस यादव, एमएल रजक, हंसराज कौशल, एके सिंह, शत्रुघन यादव, विकास कुमार, संदीप प्रजापति, राधेश्याम यादव, विजय यादव, हृदेश्वर सिंह आदि मौजूद रहे।
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अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि जब तक प्रदेश सरकार पांच महानगरों में बिजली व्यवस्था के प्राइवेटाइजेशन का फैसला वापस नहीं लेता तब तक सभी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले अपना आंदोलन जारी रखेंगे। गुरुवार को भी दो से पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर बिजली कर्मचारियों ने सिधारी हाईडिल परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की इस कवायद का हर स्तर पर विरोध होगा। 27 को प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार के साथ ही जरूरत पड़ने पर आगे भी आंदोलन को जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही 23 मार्च को विभागीय समीक्षा को लेकर होने वाले वीडियो कांफ्रेंसिंग के बहिष्कार का भी बिजली कर्मचारियों ने निर्णय लिया। तीन घंटे के कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र सिंह, आरपीएस यादव, एमएल रजक, हंसराज कौशल, एके सिंह, शत्रुघन यादव, विकास कुमार, संदीप प्रजापति, राधेश्याम यादव, विजय यादव, हृदेश्वर सिंह आदि मौजूद रहे।
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