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माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं
Updated Wed, 07 Jun 2017 11:43 PM IST
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सगड़ी (आजमगढ़)। नगर पंचायत अजमतगढ़ स्थित जानकी कुंड काली मंदिर (पक्की बावली) में चल रहे 11 दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ और श्री शतचंडी महायज्ञ में चौथे दिन बुधवार को यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर लोगों ने सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान लगे देवी-देवताओं के जयकारों से मंदिर गूंज उठा।
अयोध्या से पधारे पंडित राम मनोहर शास्त्री ने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म और परोपकार नहीं है। श्रवण कुमार जैसा बेटा भगवान सबको दें। श्रवण कुमार ने अपने अंधे मां-बाप को कावर की डोली बनाकर सभी तीर्थों का दर्शन कराया। आज उनके जैसा होना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा करता है उसको सुख-शांति मिलती है और उसका जीवन धन्य हो जाता है। इस मौके पर आनंद साहनी, राज नारायण मौर्य, कन्हैया अग्रवाल, अरविंद जायसवाल, नागेंद्र साहनी, सुभाष साहनी, धर्मेंद्र निषाद, दिनेश पांडेय आदि मौजूद थे।
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अयोध्या से पधारे पंडित राम मनोहर शास्त्री ने कहा कि माता-पिता की सेवा से बढ़कर कोई धर्म और परोपकार नहीं है। श्रवण कुमार जैसा बेटा भगवान सबको दें। श्रवण कुमार ने अपने अंधे मां-बाप को कावर की डोली बनाकर सभी तीर्थों का दर्शन कराया। आज उनके जैसा होना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा करता है उसको सुख-शांति मिलती है और उसका जीवन धन्य हो जाता है। इस मौके पर आनंद साहनी, राज नारायण मौर्य, कन्हैया अग्रवाल, अरविंद जायसवाल, नागेंद्र साहनी, सुभाष साहनी, धर्मेंद्र निषाद, दिनेश पांडेय आदि मौजूद थे।
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