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धोखाधड़ी में नायब जमाबंदी पर एफआईआर के निर्देश
Updated Thu, 01 Feb 2018 12:09 AM IST
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आजमगढ़। लालगंज के देवगांव बाजार के पास स्थित बाजार नसरुल्लाह में 2.5 एक जमीन का मुआवजा हड़पने के लिए भू माफियाओं के साथ मिलीभगत के मामले में कमिश्नर ने नायब जमाबंदी पर एफआईआर के निर्देश सीआरओ को दिए हैं। सीआरओ ने एक जमीन के आकार पत्र की दो अलग-अलग नकल करने और गलत जानकारी देकर अधिकारियों को गुमराह करने के रिपोर्ट कमिश्नर को भेजी थी। निर्देश के बाद अभिलेखागार के कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
प्रशासन की लाख सख्ती के बाद भी अभिलेखागार में तैनात कर्मचारियों की रवैये में सुधार नहीं हो रहा है। अभिलेखागार में तैनात कर्मचारियों की ओर से भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए अभिलेखों से छेड़छाड़ की जा रही है। मूल अभिलेखों में कटिंग, व्हाइटनर का प्रयोग और अन्य रूप में इसका रोजाना ही सबूत मिल रही है। पिछले दिनों कमिश्नर से इसकी शिकायत की गई थी। आरोप लगाया गया था कि लालगंज तहसील के देवगांव बाजार के पास स्थित गांव कटघर नसरुल्लाह में आराजी नंवर 59ज की 2.5 एकड़ जमीन के आकार पत्र की दो अलग-अलग नकल अभिलेखागार के नायब जमाबंदी चंद्रशेखर ने जारी की थी। एक नकल जमीन भूमिधरी है तो दूसरे में इसे बंजर में दर्ज करने आदेश अंकित हैं। इसके अलावा नकल मांगने पर नायब जमाबंदी की ओर से रिकार्ड जीर्ण-शीर्ण होने और अन्य बहाने बनाकर अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि भू-माफियाओं से मिलीभगत में ये किया गया है। कमिश्नर ने मामले की जांच सीआरओ को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट सीआरओ की ओर से 25 जनवरी को कमिश्नर को सौंप दी गई थी। कमिश्नर के. रविंद्र नायक ने सीआरओ को कूटरचना पुष्ट होने पर नायब जमाबंदी के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश के बाद अभिलेखागार के कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
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प्रशासन की लाख सख्ती के बाद भी अभिलेखागार में तैनात कर्मचारियों की रवैये में सुधार नहीं हो रहा है। अभिलेखागार में तैनात कर्मचारियों की ओर से भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए अभिलेखों से छेड़छाड़ की जा रही है। मूल अभिलेखों में कटिंग, व्हाइटनर का प्रयोग और अन्य रूप में इसका रोजाना ही सबूत मिल रही है। पिछले दिनों कमिश्नर से इसकी शिकायत की गई थी। आरोप लगाया गया था कि लालगंज तहसील के देवगांव बाजार के पास स्थित गांव कटघर नसरुल्लाह में आराजी नंवर 59ज की 2.5 एकड़ जमीन के आकार पत्र की दो अलग-अलग नकल अभिलेखागार के नायब जमाबंदी चंद्रशेखर ने जारी की थी। एक नकल जमीन भूमिधरी है तो दूसरे में इसे बंजर में दर्ज करने आदेश अंकित हैं। इसके अलावा नकल मांगने पर नायब जमाबंदी की ओर से रिकार्ड जीर्ण-शीर्ण होने और अन्य बहाने बनाकर अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया था। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि भू-माफियाओं से मिलीभगत में ये किया गया है। कमिश्नर ने मामले की जांच सीआरओ को सौंपी थी। जांच रिपोर्ट सीआरओ की ओर से 25 जनवरी को कमिश्नर को सौंप दी गई थी। कमिश्नर के. रविंद्र नायक ने सीआरओ को कूटरचना पुष्ट होने पर नायब जमाबंदी के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश के बाद अभिलेखागार के कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
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