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स्थानांतरण को लेकर दिया ज्ञापन
Updated Tue, 12 Dec 2017 11:38 PM IST
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आजमगढ़। उत्तर प्रदेश राजकीय होम्योपैथिक फार्मासिस्ट सेवा संघ और प्रांतीय होम्योपैथिक चिकित्सा सेवा संघ ने मंगलवार को संयुक्त रुप से मुख्य सचिव के आदेश के तहत आयुष चिकित्सकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थानांतरण पर आपत्ति जताते हुए मुख्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा। उन्होंने पहले से संचालित होम्योपैथिक चिकित्सालयों को उसी स्थान रहने दिए जाने की मांग किया।
प्रांतीय होम्योपैथिक चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डा.राजबहादुर सिंह और उत्तर प्रदेश राजकीय होम्योपैथिक फार्मासिस्ट सेवा संघ के अध्यक्ष बेकारु यादव ने संयुक्त से दिए गए ज्ञापन में कहा कि अधिकतर होम्योपैथिक चिकित्सालय वर्षो से ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामवासियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे है। अगर इन चिकित्सालयों को गांव से दस से 15 किलों दूर स्थानांतरित कर दिया जाएगा तो ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना ड़ेगा। मुख्य चिकित्साधिकारी के अधीन संचालित होने वाले चिकित्सालयों में एनआरएचएम के तहत होम्योपैथिक चिकित्सक तैनात है और उन्हें प्रचुर मात्रा में होम्योपैथिक औषधियां उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में होम्योपैथिक चिकित्सालयों के स्थानांतरण को कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों के चयन के समय यह ध्यान रखा जाता है कि कम से कम 50 प्रतिशत स्थान अनुसूचित जाति क्षेत्र में ही है, चिकित्सालयों के स्थल परिवर्तन होने से विशेष श्रेणी योजना के अंतर्गत बनने वाल चिकित्सालयों का उलंघन होगा। उन्होंने इसे रोके जाने की मांग किया। इस मौके पर प्रांतीय होम्योपैथिक के जिला उपाध्यक्ष डा. योगेंद्र कुमार यादव, सचिव डा. रमाशंकर सिंह और उत्तर प्रदेश राजकीय के जिला उपाध्यक्ष जगदीश यादव, सचिव ऋषि कुमार पाठक सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रांतीय होम्योपैथिक चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डा.राजबहादुर सिंह और उत्तर प्रदेश राजकीय होम्योपैथिक फार्मासिस्ट सेवा संघ के अध्यक्ष बेकारु यादव ने संयुक्त से दिए गए ज्ञापन में कहा कि अधिकतर होम्योपैथिक चिकित्सालय वर्षो से ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामवासियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे है। अगर इन चिकित्सालयों को गांव से दस से 15 किलों दूर स्थानांतरित कर दिया जाएगा तो ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना ड़ेगा। मुख्य चिकित्साधिकारी के अधीन संचालित होने वाले चिकित्सालयों में एनआरएचएम के तहत होम्योपैथिक चिकित्सक तैनात है और उन्हें प्रचुर मात्रा में होम्योपैथिक औषधियां उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में होम्योपैथिक चिकित्सालयों के स्थानांतरण को कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों के चयन के समय यह ध्यान रखा जाता है कि कम से कम 50 प्रतिशत स्थान अनुसूचित जाति क्षेत्र में ही है, चिकित्सालयों के स्थल परिवर्तन होने से विशेष श्रेणी योजना के अंतर्गत बनने वाल चिकित्सालयों का उलंघन होगा। उन्होंने इसे रोके जाने की मांग किया। इस मौके पर प्रांतीय होम्योपैथिक के जिला उपाध्यक्ष डा. योगेंद्र कुमार यादव, सचिव डा. रमाशंकर सिंह और उत्तर प्रदेश राजकीय के जिला उपाध्यक्ष जगदीश यादव, सचिव ऋषि कुमार पाठक सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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