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प्रचार सामग्री पर दर्ज करना होगा मुद्रक, प्रकाशक का नाम
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आजमगढ़। चुनाव प्रचार सामग्री मुद्रण में बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उप जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक बुलाई। जिसमें उन्होंने कहा कि प्रचार सामग्री तैयार करने वाले मुद्रक और प्रकाशक का नाम दर्ज होना जरूरी है। ऐसा न करने वालों पर जुर्माने के साथ ही छह माह जेल की सजा हो सकती है।
प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मुद्रित और प्रकाशित कराए जाने वाले निर्वाचन पंपलेट, पोस्टर आदि में मुद्रक और प्रकाशक का नाम, पता औरमुद्रित सामग्री की संख्या का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए। निर्वाचन पंपलेट या पोस्टर आदि में मुद्रक, प्रकाशक और मुद्रित सामग्री का उल्लेख होना जरूरी है। प्रिटिंग कार्य शुरू करने के पहले प्रिटिंग प्रेस संचालक और मुद्रक को प्रकाशक से घोषणा प्राप्त करनी आवश्यक है। यह घोषणा प्रकाशक द्वारा विधिवत रूप से हस्ताक्षरित और उसे व्यक्तिगत तौर पर जानने वाले दो व्यक्तियों द्वारा अनुप्रमाणित होनी चाहिए। प्रिटिंग प्रेस संचालक और मुद्रक को मुद्रित सामग्री के प्रकाशित होने के तीन दिनों के भीतर इसकी चार प्रतियां और प्रकाशक से प्राप्त घोषणा जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर छह महीने की जेल और दो हजार रुपये जुर्माना होने संबंधी दंडात्मक प्रावधान है। साथ ही प्रिटिंग प्रेस संचालक निर्वाचन संबंधी प्रकाशित पोस्टर, पंपलेट आदि की जानकारी डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा मुद्रित पंपलेट, पोस्टर की दो-दो प्रतियां जिला जनसंपर्क कार्यालय में भी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही प्रिंटिंग प्रेस संचालक को प्रचार सामग्री किस रेट पर तैैयार की गई है इसका भी जिक्र करना होगा। ताकि प्रत्याशियों के व्यय में इसे भी शामिल किया जा सके। इस कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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प्रिंटिंग प्रेस संचालकों की बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मुद्रित और प्रकाशित कराए जाने वाले निर्वाचन पंपलेट, पोस्टर आदि में मुद्रक और प्रकाशक का नाम, पता औरमुद्रित सामग्री की संख्या का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए। निर्वाचन पंपलेट या पोस्टर आदि में मुद्रक, प्रकाशक और मुद्रित सामग्री का उल्लेख होना जरूरी है। प्रिटिंग कार्य शुरू करने के पहले प्रिटिंग प्रेस संचालक और मुद्रक को प्रकाशक से घोषणा प्राप्त करनी आवश्यक है। यह घोषणा प्रकाशक द्वारा विधिवत रूप से हस्ताक्षरित और उसे व्यक्तिगत तौर पर जानने वाले दो व्यक्तियों द्वारा अनुप्रमाणित होनी चाहिए। प्रिटिंग प्रेस संचालक और मुद्रक को मुद्रित सामग्री के प्रकाशित होने के तीन दिनों के भीतर इसकी चार प्रतियां और प्रकाशक से प्राप्त घोषणा जिला निर्वाचन कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर छह महीने की जेल और दो हजार रुपये जुर्माना होने संबंधी दंडात्मक प्रावधान है। साथ ही प्रिटिंग प्रेस संचालक निर्वाचन संबंधी प्रकाशित पोस्टर, पंपलेट आदि की जानकारी डीएम कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा मुद्रित पंपलेट, पोस्टर की दो-दो प्रतियां जिला जनसंपर्क कार्यालय में भी प्रस्तुत करेंगे। साथ ही प्रिंटिंग प्रेस संचालक को प्रचार सामग्री किस रेट पर तैैयार की गई है इसका भी जिक्र करना होगा। ताकि प्रत्याशियों के व्यय में इसे भी शामिल किया जा सके। इस कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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