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शासन ने दी अनुमति, शहरी गरीबों को जल्द मिलेगा रियायती आवास
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:04 AM IST
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आजमगढ़। एडीए और आवास विकास की ओर से दुर्बल आय वर्ग के लगभग 2000 लोगों को रियायती दर पर आवास उपलब्ध कराया जाना है। इसमें एडीए की ओर से तीन सौ आवास बनाए जाने हैं। आवास बनाने के लिए एडीए को कमिश्नरी के पास नजूल की जमीन देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन ने जमीन को एडीए के नाम पट्टा करने की अनुमति दे दी है। डीएम के नेतृत्व में बनी कमेटी सोमवार को जमीन एडीए को पट्टा कर सकती है।
शासन की ओर से रियायती दर पर पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के लिए आवास-विकास और विकास प्राधिकरण को लक्ष्य उपलब्ध करा दिया गया है। दोनों को लगभग दो हजार आवास बनाने हैं। इसमें एडीए को पहले वित्तीय वर्ष में तीन सौ आवास बनाने हैं। आवास विकास के पास लक्ष्य ज्यादा है, लेकिन अभी तक उसे जमीन ही उपलब्ध नहीं हुई है। एडीए की ओर से आवास बनाने के लिए आवेदन भी लिया जा चुका है। पूर्व जिलाधिकारी सीबी सिंह के समय में ही कमिश्नरी के पास स्थिति नजूल की जमीन को एडीए के नाम करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अनुमति नहीं मिलने के कारण आगे की कार्रवाई लटकी हुई थी। इस संबंध में कई बार रिमाइंडर भी भेजा गया था। अब शासन भूमि को एडीए के नाम करने की अनुमति दे दी है। भूमि नाम करने के लिए प्रमुख सचिव के निर्देश पर डीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें एसडीएम सदर, ईओ नगर पालिका आजमगढ़, एडीए के एई को भी शामिल किया गया है। सोमवार को होने वाली कमेटी की बैठक में भूमि को एडीए के नाम किया जा सकता है।
फैसले से पहले हो रही जांच
आजमगढ़। कमेटी की एक बैठक डीएम के आवास पर हो चुकी है। इसके बाद इसकी जांच की जा रही है कि जमीन को लेकर कोई विवाद की स्थिति तो नहीं है। जांच के बाद ही जमीन को विभाग के नाम किया जाएगा। सोमवार को कमेटी की होने वाली में बैठक में फैसला हो सकता है।
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14500 वर्ग मीटर में बनेंगे 300 आवास
आजमगढ़। सिधारी में होमगार्ड विभाग के परेड ग्राउंड के पास स्थित 14500 वर्गमीटर जमीन पर तीन सौ आवास बनाए जाएंगे। इसके लिए एडीए की ओर से पहले ही आवेदन लिए जा चुके हैं। लाभार्थियों का चयन जांच के बाद लाटरी से किया जाएगा। इसके बाद आवंटन होगा। योजना के तहत दो लाख रुपये लाभार्थी को देने होंगे। ढाई लाख रुपये सरकार की ओर से लगाए जाएंगे।
99 साल के लिए होगा पट्टा
आजमगढ़। जिस भूमि को एडीए को सौंपा जा रहा है, उसका 99 साल के लिए पट्टा विभाग के नाम से किया जाएगा। इसके लिए एक रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से धनराशि ली जाएगी।
आवास-विकास को अभी इंतजार
आजमगढ़। योजना के तहत सबसे ज्यादा आवास-विकास विभाग को बनाने हैं। अभी तक उसे प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। आयुक्त अजय चौहान भी इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र भी लिख चुके हैं। फिलहाल शहरी क्षेत्र में 12 मीटर चौड़े एप्रोचेवल रोड वाली जमीन की तलाश की जिम्मेदारी एसडीएम सदर को सौंपी गई है।
कोट
शासन की ओर से सिधारी स्थित भूमि को विभाग के नाम करने की अनुमति मिल चुकी है। डीएम के नेतृत्व में बनी कमेटी जल्द ही इसे विभाग के नाम कर सकती है। जमीन नाम होने के बाद इसका सर्वे कर डीपीआर बनाया जाएगा। शासन से डीपीआर मंजूर होने के बाद टेंडर कराके कार्य शुरू कराया जाएगा।
बाबू सिंह, सचिव एडीए
शासन की ओर से रियायती दर पर पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने के लिए आवास-विकास और विकास प्राधिकरण को लक्ष्य उपलब्ध करा दिया गया है। दोनों को लगभग दो हजार आवास बनाने हैं। इसमें एडीए को पहले वित्तीय वर्ष में तीन सौ आवास बनाने हैं। आवास विकास के पास लक्ष्य ज्यादा है, लेकिन अभी तक उसे जमीन ही उपलब्ध नहीं हुई है। एडीए की ओर से आवास बनाने के लिए आवेदन भी लिया जा चुका है। पूर्व जिलाधिकारी सीबी सिंह के समय में ही कमिश्नरी के पास स्थिति नजूल की जमीन को एडीए के नाम करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। अनुमति नहीं मिलने के कारण आगे की कार्रवाई लटकी हुई थी। इस संबंध में कई बार रिमाइंडर भी भेजा गया था। अब शासन भूमि को एडीए के नाम करने की अनुमति दे दी है। भूमि नाम करने के लिए प्रमुख सचिव के निर्देश पर डीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें एसडीएम सदर, ईओ नगर पालिका आजमगढ़, एडीए के एई को भी शामिल किया गया है। सोमवार को होने वाली कमेटी की बैठक में भूमि को एडीए के नाम किया जा सकता है।
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फैसले से पहले हो रही जांच
आजमगढ़। कमेटी की एक बैठक डीएम के आवास पर हो चुकी है। इसके बाद इसकी जांच की जा रही है कि जमीन को लेकर कोई विवाद की स्थिति तो नहीं है। जांच के बाद ही जमीन को विभाग के नाम किया जाएगा। सोमवार को कमेटी की होने वाली में बैठक में फैसला हो सकता है।
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14500 वर्ग मीटर में बनेंगे 300 आवास
आजमगढ़। सिधारी में होमगार्ड विभाग के परेड ग्राउंड के पास स्थित 14500 वर्गमीटर जमीन पर तीन सौ आवास बनाए जाएंगे। इसके लिए एडीए की ओर से पहले ही आवेदन लिए जा चुके हैं। लाभार्थियों का चयन जांच के बाद लाटरी से किया जाएगा। इसके बाद आवंटन होगा। योजना के तहत दो लाख रुपये लाभार्थी को देने होंगे। ढाई लाख रुपये सरकार की ओर से लगाए जाएंगे।
99 साल के लिए होगा पट्टा
आजमगढ़। जिस भूमि को एडीए को सौंपा जा रहा है, उसका 99 साल के लिए पट्टा विभाग के नाम से किया जाएगा। इसके लिए एक रुपये प्रति वर्गमीटर के हिसाब से धनराशि ली जाएगी।
आवास-विकास को अभी इंतजार
आजमगढ़। योजना के तहत सबसे ज्यादा आवास-विकास विभाग को बनाने हैं। अभी तक उसे प्रशासन की ओर से जमीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। आयुक्त अजय चौहान भी इसके लिए जिलाधिकारी को पत्र भी लिख चुके हैं। फिलहाल शहरी क्षेत्र में 12 मीटर चौड़े एप्रोचेवल रोड वाली जमीन की तलाश की जिम्मेदारी एसडीएम सदर को सौंपी गई है।
कोट
शासन की ओर से सिधारी स्थित भूमि को विभाग के नाम करने की अनुमति मिल चुकी है। डीएम के नेतृत्व में बनी कमेटी जल्द ही इसे विभाग के नाम कर सकती है। जमीन नाम होने के बाद इसका सर्वे कर डीपीआर बनाया जाएगा। शासन से डीपीआर मंजूर होने के बाद टेंडर कराके कार्य शुरू कराया जाएगा।
बाबू सिंह, सचिव एडीए