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छोटे राजस्व गांवों को ओडीएफ कराने पर जोर

Tue, 08 May 2018 11:32 PM IST
Updated Tue, 08 May 2018 11:32 PM IST
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छोटे राजस्व गांवों को ओडीएफ कराने पर जोर
जनपद के 3928 राजस्व गांवों में अब तक मात्र 118 ग्राम पंचायतों को ही ओडीएफ बनाया जा सका है। इसमें तेजी लाने के लिए डीपीआरओ ने सबसे पहले छोटे राजस्व गांवों को ओडीएफ करने का निर्णय लिया है। इस मामले में डीएम के निर्देश पर सीडीओ प्रतिदिन विकास भवन सभाकक्ष में तीन विकास खंडों के एडीओ पंचायत और सेक्रेटरियों के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करेंगे।
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जनपद में शासन ने दो अक्टूबर 2018 तक पूरे देश को ओडीएफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन जनपद में जिस तेजी से शौचालय निर्माण हो रहा है, उसे देखते हुए जनपद को ओडीएफ होने में दो से तीन वर्ष का समय लगेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी ने शौचालय निर्माण में तेजी लाने की तैयारी की है। उन्होंने सबसे पहले जनपद के 3928 राजस्व गांवों में से कम आबादी और परिवार वाले गांवों को चिह्नित कर सबसे पहले उन गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वहीं जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने प्रतिदिन गांवों में शौचालय निर्माण की प्रगति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
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जनपद में शौचालय निर्माण में तेजी लाने के लिए डीएम ने सभी बीडीओ को निर्देश दिया है कि हर हाल में उन्हें 31 मई तक 10-10 गांवों को ओडीएफ कराना है। जनपद में छोटे राजस्व गांवों को पहले ओडीएफ करने का निर्णय लिया है। साथ ही जिलाधिकारी ने इसकी प्रतिदिन समीक्षा करने और हर बीडीओ को 10-10 गांवों को ओडीएफ कराने का निर्देश दिया है।
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आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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