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ऐसे में कैसे लक्ष्य को हासिल करेगी चीनी मिल
Updated Fri, 24 Nov 2017 11:38 PM IST
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सठियांव। जिस लक्ष्य को लेकर जनपद की इकलौती औद्योगिक ईकाई दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव की स्थापना की गई थी। आज वह पूरी होती दिखाई नहीं दे रही है। क्योंकि लक्ष्य के सापेक्ष मिल को गन्ना उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
वर्तमान पेराई सत्र में मिल को 52 लाख कुंतल गन्ना क्रस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन वर्तमान में मिल के यार्ड में चार हजार कुंतल गन्ना मौजूद है जो पर्याप्त से तीन हजार कुंतल कम है। बीते 20 नवंबर को मिल का पेराई सत्र शुरू हुआ। शुक्रवार तक मिल 68 हजार कुंतल गन्ना क्रस कर तीन हजार कुंतल चीनी बना चुकी है। मुख्य गन्ना अधिकारी एस के श्रीवास ने बताया कि मिल 24 घंटे में 35 हजार कुंतल गन्ना क्रस करेगी। यह संभव तब होगा जब यार्ड में आठ हजार कुंतल गन्ना स्थायी रूप से बना रहेगा। इस औसत से 150 ट्राली के साथ 20 ट्रक गन्ना रहना चाहिए। मिल के प्रधान प्रबंधक वीके अबरोल और मुख्य गन्ना अधिकारी एसके श्रीवास इस दिशा में कार्य करते हुए शुक्रवार को मिल के 33 क्रय केंद्रों को चालू करते हुए 5 लाख 50 हजार कुंतल गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची जारी करा चुके हैं। प्रबंधन तंत्र ने किसानों से अपील किया है कि पर्ची मिलते ही सप्लाई सुनिश्चित करें ताकि मिल को पूरी क्षमता से चलाया जा सके।
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वर्तमान पेराई सत्र में मिल को 52 लाख कुंतल गन्ना क्रस का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन वर्तमान में मिल के यार्ड में चार हजार कुंतल गन्ना मौजूद है जो पर्याप्त से तीन हजार कुंतल कम है। बीते 20 नवंबर को मिल का पेराई सत्र शुरू हुआ। शुक्रवार तक मिल 68 हजार कुंतल गन्ना क्रस कर तीन हजार कुंतल चीनी बना चुकी है। मुख्य गन्ना अधिकारी एस के श्रीवास ने बताया कि मिल 24 घंटे में 35 हजार कुंतल गन्ना क्रस करेगी। यह संभव तब होगा जब यार्ड में आठ हजार कुंतल गन्ना स्थायी रूप से बना रहेगा। इस औसत से 150 ट्राली के साथ 20 ट्रक गन्ना रहना चाहिए। मिल के प्रधान प्रबंधक वीके अबरोल और मुख्य गन्ना अधिकारी एसके श्रीवास इस दिशा में कार्य करते हुए शुक्रवार को मिल के 33 क्रय केंद्रों को चालू करते हुए 5 लाख 50 हजार कुंतल गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची जारी करा चुके हैं। प्रबंधन तंत्र ने किसानों से अपील किया है कि पर्ची मिलते ही सप्लाई सुनिश्चित करें ताकि मिल को पूरी क्षमता से चलाया जा सके।
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