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बैनामे की जमीन में खड़ी दिवाल को गिराने का आरोप
Updated Mon, 11 Sep 2017 11:51 PM IST
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आजमगढ़। बेलइसा मुहल्ला निवासिनी आरती सिंह ने पुलिस और प्रशासन पर अपने साथ ज्यादती करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बैनामे की जमीन पर खड़ी अपनी दीवाल को पुलिस द्वारा गिराने का आरोप लगाया।
आरती सिंह का कहना है कि उन्होंने बेलइसा में बैनामे के द्वारा जमीन ली। इस जमीन पर उन्होंने मकान बनवाया और दक्षिण दिशा में अपने आवागमन के लिए अपनी जमीन में गली छोड़ दी। जिसका प्रयोग उनके पीछे रहने वाले लोग करने लगे। उन्होंने जब भी गली को बंद करने का प्रयास किया वह लोग रोड़ा अटकाते रहे। इस संबंध में उन्होंने दो बार मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र दिया। इसको लेकर लेखपाल और कानूनगो द्वारा आरती सिंह के पक्ष में रिपोर्ट भी लगाई गई। लेकिन इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने राजस्व परिषद के चेयरमैन को भी शिकायती पत्र सौंपा। चेयरमैन द्वारा दी गई अवधि में भी जब प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो 10 सितंबर को उन्होंने गली के मुहाने पर दीवाल खड़ी कर उसे बंद कर दिया। तभी वहां पर एसओ सिधारी पहुंची और बिना किसी आदेश के ही उन्होंने आरती के पति और पुत्र को थाने में बिठा लिया। इसके बाद उन्होंने दिवाल को गिरवा दिया। आरती सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए इंसाफ की मांग की है।
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आरती सिंह का कहना है कि उन्होंने बेलइसा में बैनामे के द्वारा जमीन ली। इस जमीन पर उन्होंने मकान बनवाया और दक्षिण दिशा में अपने आवागमन के लिए अपनी जमीन में गली छोड़ दी। जिसका प्रयोग उनके पीछे रहने वाले लोग करने लगे। उन्होंने जब भी गली को बंद करने का प्रयास किया वह लोग रोड़ा अटकाते रहे। इस संबंध में उन्होंने दो बार मंडलायुक्त को प्रार्थना पत्र दिया। इसको लेकर लेखपाल और कानूनगो द्वारा आरती सिंह के पक्ष में रिपोर्ट भी लगाई गई। लेकिन इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने राजस्व परिषद के चेयरमैन को भी शिकायती पत्र सौंपा। चेयरमैन द्वारा दी गई अवधि में भी जब प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो 10 सितंबर को उन्होंने गली के मुहाने पर दीवाल खड़ी कर उसे बंद कर दिया। तभी वहां पर एसओ सिधारी पहुंची और बिना किसी आदेश के ही उन्होंने आरती के पति और पुत्र को थाने में बिठा लिया। इसके बाद उन्होंने दिवाल को गिरवा दिया। आरती सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए इंसाफ की मांग की है।
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