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Ayodhya News: सरयू फिर उफान पर, खतरे से 11 सेमी ऊपर जलस्तर
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बाढ़ की चपेट में पटरंगा माझा
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रुदौली/शुजागंज। सरयू नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार शाम जलस्तर 92.84 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 11 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से कैथी माझा समेत आसपास के गांवों और मजरों में पानी भर गया है। सैकड़ों बीघे धान और गन्ने की फसल डूबने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पटरंगा माझा, कैथी माझा, मरौचा मांझा के लोग गृहस्थी समेटे सुरक्षित स्थान ढूंढ रहे हैं। पटरंगा माझा के राम केतारे, दुधाई, ननकू राजेंद्र आदि का कहना है कि आने-जाने को एक नाव नहीं मिल सकी। दुश्वारियां फिर बढ़ी हैं। कैथी माझा के ग्रामीणों ने बताया कि जरूरी सामान खरीदने अथवा किसी काम से गांव से बाहर जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।
फसलों का नहीं हो सका सर्वे
तटवर्ती ग्रामीणों के अनुसार सैकड़ों बीघे धान और गन्ने की फसल जलमग्न हो चुकी है। धान की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। पहले फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू नहीं हुआ था। अब तहसील प्रशासन का कहना है कि नुकसान के आकलन के लिए सर्वे शुरू करा दिया गया है। वहीं खराब पड़ी सोलर लाइटों ने भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए पांच नावों की व्यवस्था की गई है। निगरानी के लिए तीन बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं।
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दो राजस्व गांव पड़े अलग-थलग
सोहावल। रौनाही बांध से लगे दो राजस्व गांव अलग-अलग पड़ गए हैं। इनके बीच का रास्ता पानी में डूब जाने से आवागमन ठप हो गया है। 25 एकड़ से ज्यादा की फसल पानी में डूब गई। तेज धाराओं के कारण हाजीपुर तराई क्षेत्र में किसानों की गन्ना व धान की फसलें डूब जाने से चौपट होने के कगार पर है। पूरे मुन्ना का पुरवा तथा मानधाता का पुरवा के बीच पानी है। मार्ग पर पानी भर जाने से एक ही गांव में हाजीपुर बरसेंडी व इस्माईल नगर सिंहोरा दो ग्राम सभाएं आधे-आधे में बटी हुई है। बंदरे बाबा मंदिर तथा एक शिवालय के कटान की चपेट में आने का खतरा मंडराने लगा है। सोहावल तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह ने बताया प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई है।
कछारवासियों को मकान गिरने का भय
पूरा बाजार। ब्लॉक क्षेत्र के कछार में बसे दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। हाल ही में आई बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने लगा। कछार क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि सरयू का जलस्तर लंबे समय तक इसी तरह बढ़ा और पानी गांवों के आसपास ठहरा रहा तो कच्चे और कमजोर मकानों के गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मूड़ाडीहा के ग्राम प्रधान/ प्रशासक गया प्रसाद यादव, ओम प्रकाश यादव का कहना है कि नदी का जलस्तर इसी तेजी से बढ़ता रहा तो ग्रामीणों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और कछार क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
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पटरंगा माझा, कैथी माझा, मरौचा मांझा के लोग गृहस्थी समेटे सुरक्षित स्थान ढूंढ रहे हैं। पटरंगा माझा के राम केतारे, दुधाई, ननकू राजेंद्र आदि का कहना है कि आने-जाने को एक नाव नहीं मिल सकी। दुश्वारियां फिर बढ़ी हैं। कैथी माझा के ग्रामीणों ने बताया कि जरूरी सामान खरीदने अथवा किसी काम से गांव से बाहर जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।
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फसलों का नहीं हो सका सर्वे
तटवर्ती ग्रामीणों के अनुसार सैकड़ों बीघे धान और गन्ने की फसल जलमग्न हो चुकी है। धान की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। पहले फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू नहीं हुआ था। अब तहसील प्रशासन का कहना है कि नुकसान के आकलन के लिए सर्वे शुरू करा दिया गया है। वहीं खराब पड़ी सोलर लाइटों ने भी ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन के लिए पांच नावों की व्यवस्था की गई है। निगरानी के लिए तीन बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं।
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दो राजस्व गांव पड़े अलग-थलग
सोहावल। रौनाही बांध से लगे दो राजस्व गांव अलग-अलग पड़ गए हैं। इनके बीच का रास्ता पानी में डूब जाने से आवागमन ठप हो गया है। 25 एकड़ से ज्यादा की फसल पानी में डूब गई। तेज धाराओं के कारण हाजीपुर तराई क्षेत्र में किसानों की गन्ना व धान की फसलें डूब जाने से चौपट होने के कगार पर है। पूरे मुन्ना का पुरवा तथा मानधाता का पुरवा के बीच पानी है। मार्ग पर पानी भर जाने से एक ही गांव में हाजीपुर बरसेंडी व इस्माईल नगर सिंहोरा दो ग्राम सभाएं आधे-आधे में बटी हुई है। बंदरे बाबा मंदिर तथा एक शिवालय के कटान की चपेट में आने का खतरा मंडराने लगा है। सोहावल तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह ने बताया प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों की तैनाती की गई है।
कछारवासियों को मकान गिरने का भय
पूरा बाजार। ब्लॉक क्षेत्र के कछार में बसे दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। हाल ही में आई बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ने लगा। कछार क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि सरयू का जलस्तर लंबे समय तक इसी तरह बढ़ा और पानी गांवों के आसपास ठहरा रहा तो कच्चे और कमजोर मकानों के गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मूड़ाडीहा के ग्राम प्रधान/ प्रशासक गया प्रसाद यादव, ओम प्रकाश यादव का कहना है कि नदी का जलस्तर इसी तेजी से बढ़ता रहा तो ग्रामीणों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और कछार क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

बाढ़ की चपेट में पटरंगा माझा