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Ayodhya News: गोष्ठियों के माध्यम से आग से बचाव की दी जानकारी
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अयोध्या। अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत अग्निशमन विभाग ने रविवार को कई जगह जागरूकता कार्यक्रम व गोष्ठियों का आयोजन किया। इस दौरान लोगों को आग से बचाव व घटनाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया।
शहर के मोतीबाग स्थित एक होटल में होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और मैरिज लॉन के मालिकों व प्रबंधकों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एम.पी. सिंह ने बताया कि प्रतिष्ठानों में रखे सिलिंडराें पर एबीसी लिखा होता है। ए प्रकार की आग कागज, रुई और कपड़े से फैलती है। बी प्रकार की आग तरल पदार्थों पेट्रोलियम, मोबिल, केमिकल से और सी प्रकार की आग एलपीजी, सीएनजी और हाइड्रोजन गैस से फैलती है।
बताया कि आग से बचाव के लिए सभी प्रतिष्ठानों और दुकानों में यह सिलिंडर समुचित संख्या में अवश्य रखने चाहिए। बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग का मूल कारण बिजली वायरिंग पर ओवरलोडिंग और कॉपर व एल्युमिनियम तारों का ज्वाइंट होता है। होटल और गेस्ट हाउस में खुले गलियारों, सीढ़ियों और छत पर जाने के रास्तों को हमेशा खुला रखना चाहिए। उन पर कोई भी कबाड़ या फालतू सामान डंप नहीं करना चाहिए। फायर सेफ्टी और सिक्योरिटी को सदैव खुला और हर आदमी की पहुंच तक होना चाहिए।
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ट्रस्टी भागीरथ पचेरीवाला ने कहा कि संस्थानों और होटलों में कर्मचारी बदल जाते हैं। इसलिए हर छह महीने पर सभी अग्निशमन उपकरणों को चला कर कर्मचारियों को उसका प्रशिक्षण देना आवश्यक है। गोष्ठी में अरुण अग्रवाल, अखिलेश पांडेय, अभिनव, फायरमैन अवधेश पांडेय, सुनील कुमार, सुनील शुक्ला आदि मौजूद रहे। इसके बाद झुनझुनवाला हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें स्टाफ को प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों और फायर सिस्टम के संचालन की जानकारी दी गई।
शहर के मोतीबाग स्थित एक होटल में होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और मैरिज लॉन के मालिकों व प्रबंधकों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एम.पी. सिंह ने बताया कि प्रतिष्ठानों में रखे सिलिंडराें पर एबीसी लिखा होता है। ए प्रकार की आग कागज, रुई और कपड़े से फैलती है। बी प्रकार की आग तरल पदार्थों पेट्रोलियम, मोबिल, केमिकल से और सी प्रकार की आग एलपीजी, सीएनजी और हाइड्रोजन गैस से फैलती है।
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बताया कि आग से बचाव के लिए सभी प्रतिष्ठानों और दुकानों में यह सिलिंडर समुचित संख्या में अवश्य रखने चाहिए। बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग का मूल कारण बिजली वायरिंग पर ओवरलोडिंग और कॉपर व एल्युमिनियम तारों का ज्वाइंट होता है। होटल और गेस्ट हाउस में खुले गलियारों, सीढ़ियों और छत पर जाने के रास्तों को हमेशा खुला रखना चाहिए। उन पर कोई भी कबाड़ या फालतू सामान डंप नहीं करना चाहिए। फायर सेफ्टी और सिक्योरिटी को सदैव खुला और हर आदमी की पहुंच तक होना चाहिए।
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ट्रस्टी भागीरथ पचेरीवाला ने कहा कि संस्थानों और होटलों में कर्मचारी बदल जाते हैं। इसलिए हर छह महीने पर सभी अग्निशमन उपकरणों को चला कर कर्मचारियों को उसका प्रशिक्षण देना आवश्यक है। गोष्ठी में अरुण अग्रवाल, अखिलेश पांडेय, अभिनव, फायरमैन अवधेश पांडेय, सुनील कुमार, सुनील शुक्ला आदि मौजूद रहे। इसके बाद झुनझुनवाला हॉस्पिटल में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें स्टाफ को प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों और फायर सिस्टम के संचालन की जानकारी दी गई।