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Auraiya News: शेरगढ़ में यमुना खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर, 22 गांव चपेट में

Sat, 02 Aug 2025 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sat, 02 Aug 2025 12:00 AM IST
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Yamuna river in Shergarh is four meters above the danger mark, 22 villages are in the grip
ग्रामीणों को नाव से सुरक्षित जगह पर ले जाता नाविक। - फोटो : ग्रामीणों को नाव से सुरक्षित जगह पर ले जाता नाविक।
औरैया। कोटा बैराज से छोड़े जा रहे पानी से यमुना उफना रही है। 22 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। शुक्रवार दोपहर को शेरगढ़ घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर था। यहां खतरे का निशान 113 पर है। जबकि पानी 117 पर बह रहा है। हालांकि केंद्रीय जल आयोग ने जलस्तर में स्थिरता का दावा किया है।
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हालात यह हैं कि सिकरोड़ी व अस्ता गांव का ज्यादातर हिस्सा बाढ़ के पानी से डूब चुका है। इन गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दोनों तहसीलों के एसडीएम व कर्मचारी बाढ़ क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। डीएम, एसपी व विधायक क्षेत्रों का निरीक्षण कर राहत सामग्री वितरण करा रहे हैं।
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कोटा बैराज से चंबल में छोड़े गए पानी से यमुना चार दिन से उफना रही है। बाढ़ का पानी अजीतमल के 12 व सदर तहसील के 10 गांवों तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा तबाही सिकरोड़ी में हुई है। यहां गांव का ज्यादातर हिस्सा पानी से डूब चुका है। गांव के 56 से अधिक परिवारों को राहत शिविर में ठहराया गया है। वहीं, ज्यादातर ग्रामीण ऊंचे स्थान के खेतों पर टेंट लगाकर रह रहे हैं। वहीं, अस्ता गांव में भी बाढ़ का पानी घुस चुका है। यहां के कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। एसडीएम राकेश कुमार के मुताबिक गांव में नाव के सहारे भोजन, दवा व अन्य सामान मुहैया कराया जा रहा है। इसके अलावा सदर तहसील के असेवा, असेवटा, जुहीखा, बीझलपुर व फरिहा गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं।
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उधर, अजीतमल के सिकरोड़ी में जो लोग राहत शिविरों में नहीं पहुंचे। उन ग्रामीणों को मोटर बोट के जरिए खाने पीने का सामान पहुंचाया जा रहा है। शुक्रवार को भी सदर विधायक गुड़िया कठेरिया, डीएम डा. इंद्रमणि त्रिपाठी व एसपी अभिजित आर शंकर ने सिकरोड़ी समेत बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राहत सामग्री का वितरण कराया। जेई आशीष के मुताबिक जलस्तर अब स्थिर हो रहा है। इससे संभावना है कि जलस्तर घटना शुरू हो जाएगा।
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बारिश में गिर गया टेंट, फैला कीचड़
अजीतमल। यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ से घिरे सिकरोड़ी व आसपास गांव के लोगों की मुसीबत लगातार बढ़ रही है। बाढ़ के कारण बेघर होकर टेंट में रह रहे ग्रामीणों के लिए अब बारिश मुसीबत बन गई है। बारिश से टेंट में पानी व कीचड़ फैल गया है। इससे लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि छोटे से टेंट में परिवार और अपने पालतू जानवर छिपाना मुश्किल हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से पन्नी की मांग की है।
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बातचीत
फोटो-01एयूआरपी14- रामअवतार। संवाद
घर व सामान डूबा
सिकरोड़ी निवासी राम अवतार ने बताया कि उनका घर और पूरा सामान डूब गया। राहत सामग्री दी जा रही है, लेकिन रात में बारिश से टेंट गिर गया है। इससे काफी परेशानी हुई है।
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हर साल मिलता आश्वासन
फोटो-01एयूआरपी15- अजय कुमार। संवाद
सिकरोड़ी के अजय कुमार ने बताया कि बाढ़ में सब कुछ बर्बाद हो जाता है। सरकार हर वर्ष ऊंचे स्थान में बसाए जाने के आदेश करती है, लेकिन बाढ़ खत्म होने के बाद कोई अधिकारी नहीं आता।

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बाढ़ से रिश्ते नहीं आते
फोटो-01एयूआरपी16- दीपेंद्र। संवाद
सिकरोड़ी के दीपेंद्र ने बताया कि बाढ़ के प्रकोप के चलते लोग उनके गांव में लोग रिश्ते करने तक नहीं आते हैं। वह कहते हैं कि यहां कब बाढ़ आ जाए पता नहीं। इससे बेटे-बेटियों की शादी मुश्किल में होती है।
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