{"_id":"5f36cb908ebc3e0744094b3a","slug":"yamuna-auraiya-news-knp5769203113","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंबल व बारिश के पानी से यमुना में प्रति घंटे बढ़ रहा एक सेमी पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंबल व बारिश के पानी से यमुना में प्रति घंटे बढ़ रहा एक सेमी पानी
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औरैया। कई दिन से हो रही बरसात व चंबल नदी से छोड़े गए पानी से यमुना का जलस्तर 12 सेमी बढ़ गया है। शुक्रवार को सुबह सात बजे जलस्तर 101.78 मीटर था, जो शाम छह बजे बढ़कर 101.90 मीटर पर पहुंच गया। यमुना के किनारे बने स्नानागार पर पानी चढ़ने लगा है। जलस्तर बढ़ने से किनारे पर सब्जी आदि की फसल बह गई, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ।
केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के मुताबिक अभी जलस्तर में ज्यादा वृद्धि नहीं हो रही है। यमुना नदी में चेतावनी बिंदु 112 मीटर पर है, जबकि खतरे का निशान 113 मीटर पर दर्ज है। इस साल ज्यादा बारिश नहीं होने के कारण फिलहाल यमुना में पानी मामूली रूप से बढ़त बना रहा है। उधर, जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी के किनारे बने स्नानागार पर पानी चढ़ने लगा है। यही नहीं यमुना में जल स्तर बढ़ते ही किनारे पर उगी सब्जी आदि की खेती भी पानी में बह गई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
वहीं, यमुना किनारे बसे लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं। इन्हें चिंता सताने लगी है कि बाढ़ आने पर तिनका-तिनका सहेज कर बनाई गई उनकी गृहस्थी बर्बाद हो जाएगी। इसके चलते कुछ लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी करने लगे हैं।
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केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के मुताबिक अभी जलस्तर में ज्यादा वृद्धि नहीं हो रही है। यमुना नदी में चेतावनी बिंदु 112 मीटर पर है, जबकि खतरे का निशान 113 मीटर पर दर्ज है। इस साल ज्यादा बारिश नहीं होने के कारण फिलहाल यमुना में पानी मामूली रूप से बढ़त बना रहा है। उधर, जलस्तर बढ़ने से यमुना नदी के किनारे बने स्नानागार पर पानी चढ़ने लगा है। यही नहीं यमुना में जल स्तर बढ़ते ही किनारे पर उगी सब्जी आदि की खेती भी पानी में बह गई है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
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वहीं, यमुना किनारे बसे लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं। इन्हें चिंता सताने लगी है कि बाढ़ आने पर तिनका-तिनका सहेज कर बनाई गई उनकी गृहस्थी बर्बाद हो जाएगी। इसके चलते कुछ लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी करने लगे हैं।
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