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सूखी फसल देख महिला कृषक की हृदयाघात से मौत
अमर उजाला ब्यूरो, औरैया।
Updated Sat, 19 Sep 2015 01:03 AM IST
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पहले खरीफ, फिर रबी और इस सीजन की बारिश कम होने से सूखी फसलों को देखकर सदमे से लगे हृदयाघात से शुक्रवार को एक महिला कृषक की मौत हो गई। राजस्व टीम ने मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की है।
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खास बात यह है कि केंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए महिला कृषक पर तीन लाख रुपये की कर्जा था। वहीं 26 नवबंर को उसकी दूसरी बेटी की शादी होनी है।
सदर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम रौतियापुर में गीता दुबे (45) पत्नी स्व. नवीन कुमार दुबे केंसर पीड़ित पति की मौत के बाद हिस्से में आई तीन बीघा जमीन पर कृषि कार्य करती थी। खरीफ सत्र 2014 में सूखे ने उसकी फसल लील लिया था।
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रवी सीजन के मार्च, अप्रैल में हुई बेमौसम बारिश से उसकी गेंहू, चना, सरसों आदि की फसलें भी नष्ट हो गई थी। आपदा राहत कोष से उसे नष्ट हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिला था। मृतका कृषक ने अपनी दूसरे नंबर की स्यानी हो रही बिटिया गार्गी का विवाह तय कर लिया था।
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कमजोर बारिश ने उसकी सारी उम्मीदें चकनाचूर कर दीं। शुक्रवार सुबह छह बजे गीता ने उलझन और सीने में दर्द होने की शिकायत की। ग्रामीणों संग परिजन उसे इलाज के लिए शहर ला रहे थे। रास्ते में ही पड़े हार्ट अटैक से गीता ने दम तोड़ दिया। शहर के निजी नर्सिंग होम के चिकित्सक ने परीक्षण के बाद हृदयाघात से गीता की मौत की तस्दीक की।
गीता की मौत के बाद बिटिया के विवाह के साथ ही उसकी छोटी पुत्री डौली और 17 वर्षीय पुत्र हेमंत दुबे अनाथ होकर रह गए हैं। मृतका कृषका की मौत की सूचना पर सदर तहसील क्षेत्र के राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है और रिपोर्ट तैयार की है।
महिला कृषक की मौत की सूचना है। राजस्व टीम को भेजा गया है। रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।- रामनयन तहसीलदार, सदर