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Auraiya News: चकबंदी के कारण 40 गांवों के 10 हजार किसान कृषि योजनाओं से वंचित
Mon, 14 Sep 2026 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:19 AM IST
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फोटो-1- हरिशंकर। संवाद
औरैया। जिले के बिधूना और अजीतमल क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया के कारण करीब 10 हजार किसान कृषि योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं। उन्हें अपनी जमीन की वरासत दर्ज कराने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भूलेख से खतौनी के कागजात न निकल पाने से यह समस्या और गंभीर हो गई है।
चकबंदी के चलते किसानों को राजस्व संबंधी कार्य कराने में दिक्कतें आ रही हैं। भूलेख प्रणाली से खतौनी नहीं निकल पा रही है। इससे विरासत, किसान सम्मान निधि और फार्म रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को खाद खरीदने के लिए भी फार्म रजिस्ट्री की नकल मांगी जा रही है। यह नकल न मिलने से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अजीतमल तहसील क्षेत्र के यमुना तटवर्ती 16 गांवों में चकबंदी का कार्य चल रहा है। इन गांवों को दो सेक्टरों में बांटकर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इनमें गौहानी कलां, जाजपुर, गौहानी खुर्द, नगला गूंज, बरबटपुर, नगला बनारस, असेवटा और कैथौली जैसे गांव शामिल हैं। कुछ गांवों के किसान इस चकबंदी प्रक्रिया का विरोध भी कर रहे हैं। बिधूना तहसील क्षेत्र के एरवाकटरा ब्लॉक के करीब 18 गांवों में भी चकबंदी जारी है। इन गांवों में कई किसानों का पंजीकरण नहीं हो सका है। कुछ किसानों के अभिलेखों में संशोधन की भी आवश्यकता है।
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योजनाओं का लाभ लेने में आ रहीं अड़चनें
चकबंदी प्रक्रिया के दौरान इन गांवों के किसान कई सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्हें सब्सिडी पर बीज और कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ लेने में भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान सम्मान निधि का लाभ लेने में भी अभिलेखों के मिलान और संशोधन को लेकर अड़चनें आ रही हैं। किसानों का कहना है कि अभिलेखों में नाम या भूमि संबंधी विवरण सही नहीं है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी न होने से ऑनलाइन कृषि योजनाओं में उनका विवरण अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर किसानों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ रहा है।
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चकबंदी के चलते नहीं निकल पा रही खतौनी
खाद लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री की नकल मांगी जा रही है। जबकि चकबंदी के कारण फार्मर रजिस्ट्री के रकबे पूरे नहीं हो पा रहे हैं। खतौनी नहीं मिल रही है। ऐसे में खाद के लिए भी संकट है।
-हरिशंकर, गौहानी खुर्द
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बैनामा की वरासत दर्ज करानी है। लेकिन हो नहीं पा रही है। चकबंदी के चलते खतौनी नहीं निकल पा रही है।
-पन्नालाल, असेवटा
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किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चकबंदी लेखपाल हाथों से लिखी खतौनी दे रहे हैं। राजस्व संबंधी दिक्कत के चलते सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है।
-कैलाश, कैथौली
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इन दिनों कृषि विभाग की ओर से उपकरण अनुदान पर देने की स्कीम चलाई जा रही है। आवेदन के लिए जमीन के जरूरी कागज जैसे खतौनी नहीं मिल रही है।
- अंकित सेंगर, बरौनाकलां
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वर्जन-- --
अजीतमल तहसील क्षेत्र के 16 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। दो सेक्टरों में गांवों में बांटकर यह काम किया जा रहा है। किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए जरूरी कागज मुहैया कराए जा रहे हैं।
- बलराम शर्मा, चकबंदी अधिकारी
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ज्यादा से ज्यादा किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। जहां तक चकबंदी वाली गांवों को लेकर समस्या है। वहां पर चकबंदी विभाग से तालमेल बैठाना चाहिए।
-दुर्गेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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चकबंदी के चलते किसानों को राजस्व संबंधी कार्य कराने में दिक्कतें आ रही हैं। भूलेख प्रणाली से खतौनी नहीं निकल पा रही है। इससे विरासत, किसान सम्मान निधि और फार्म रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों को खाद खरीदने के लिए भी फार्म रजिस्ट्री की नकल मांगी जा रही है। यह नकल न मिलने से उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अजीतमल तहसील क्षेत्र के यमुना तटवर्ती 16 गांवों में चकबंदी का कार्य चल रहा है। इन गांवों को दो सेक्टरों में बांटकर प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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इनमें गौहानी कलां, जाजपुर, गौहानी खुर्द, नगला गूंज, बरबटपुर, नगला बनारस, असेवटा और कैथौली जैसे गांव शामिल हैं। कुछ गांवों के किसान इस चकबंदी प्रक्रिया का विरोध भी कर रहे हैं। बिधूना तहसील क्षेत्र के एरवाकटरा ब्लॉक के करीब 18 गांवों में भी चकबंदी जारी है। इन गांवों में कई किसानों का पंजीकरण नहीं हो सका है। कुछ किसानों के अभिलेखों में संशोधन की भी आवश्यकता है।
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योजनाओं का लाभ लेने में आ रहीं अड़चनें
चकबंदी प्रक्रिया के दौरान इन गांवों के किसान कई सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्हें सब्सिडी पर बीज और कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ लेने में भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसान सम्मान निधि का लाभ लेने में भी अभिलेखों के मिलान और संशोधन को लेकर अड़चनें आ रही हैं। किसानों का कहना है कि अभिलेखों में नाम या भूमि संबंधी विवरण सही नहीं है। पंजीकरण प्रक्रिया पूरी न होने से ऑनलाइन कृषि योजनाओं में उनका विवरण अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर किसानों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ रहा है।
चकबंदी के चलते नहीं निकल पा रही खतौनी
खाद लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री की नकल मांगी जा रही है। जबकि चकबंदी के कारण फार्मर रजिस्ट्री के रकबे पूरे नहीं हो पा रहे हैं। खतौनी नहीं मिल रही है। ऐसे में खाद के लिए भी संकट है।
-हरिशंकर, गौहानी खुर्द
बैनामा की वरासत दर्ज करानी है। लेकिन हो नहीं पा रही है। चकबंदी के चलते खतौनी नहीं निकल पा रही है।
-पन्नालाल, असेवटा
किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। चकबंदी लेखपाल हाथों से लिखी खतौनी दे रहे हैं। राजस्व संबंधी दिक्कत के चलते सम्मान निधि नहीं मिल पा रही है।
-कैलाश, कैथौली
इन दिनों कृषि विभाग की ओर से उपकरण अनुदान पर देने की स्कीम चलाई जा रही है। आवेदन के लिए जमीन के जरूरी कागज जैसे खतौनी नहीं मिल रही है।
- अंकित सेंगर, बरौनाकलां
वर्जन
अजीतमल तहसील क्षेत्र के 16 गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। दो सेक्टरों में गांवों में बांटकर यह काम किया जा रहा है। किसानों को दिक्कत न हो, इसके लिए जरूरी कागज मुहैया कराए जा रहे हैं।
- बलराम शर्मा, चकबंदी अधिकारी
ज्यादा से ज्यादा किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। जहां तक चकबंदी वाली गांवों को लेकर समस्या है। वहां पर चकबंदी विभाग से तालमेल बैठाना चाहिए।
-दुर्गेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी

फोटो-1- हरिशंकर। संवाद

फोटो-1- हरिशंकर। संवाद

फोटो-1- हरिशंकर। संवाद