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Auraiya News: बीहड़ में विकास की बयार, पर्यटन विभाग के जर्जर होटल को मिलेगी संजीवनी
Mon, 14 Sep 2026 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 14 Sep 2026 12:17 AM IST
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फोटो-20- देवकली मंदिर समीप पर्यटन विभाग के होटल की हालत। संवाद
औरैया। कभी उपेक्षा का शिकार रहा औरैया का बीहड़ क्षेत्र अब विकास और पर्यटन की नई पहचान बनने जा रहा है। शहर से करीब पांच किमी दूर स्थित प्रसिद्ध देवकली मंदिर और मंगलाकाली मंदिर परिसर के पास बन रहे खिलमिल पार्क के जल्द शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र में व्यावसायिक और पर्यटन गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
पार्क के खुलने से यहां स्थानीय और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में पर्यटकों व श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसको देखते हुए पर्यटन विभाग ने वर्ष 1995 में देवकली मंदिर के समीप बनाए गए अपने पुराने और जर्जर हो चुके होटल को संजीवनी देने की योजना बनाई है। वर्षों से झाड़ियों और बदहाली में घिरा यह होटल अब सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने होटल के पुनरुद्धार व संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बीहड़ के बदलते परिवेश और खिलमिल पार्क के मुख्य मनोरंजन केंद्र के रूप में उभरने की संभावना को देखते हुए स्थानीय व्यवसायियों में भी खासा उत्साह है। वे होटल को पट्टे पर लेने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। खिलमिल पार्क और होटल के कायाकल्प से बीहड़ की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।
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प्लॉटिंग कारोबारियों के अनुसार यहां जमीनों की खुले बाजार में कीमतें भी बढ़ने लगी हैं। निवेश के तौर पर लोग यहां पर जमीनों की खरीद के साथ व्यवसाय खड़े करने की तैयारी बना रहे हैं। पर्यटन विभाग का होटल इस कड़ी में अहम माना जा रहा है।
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सरकार बदलने के बाद हो गया था उपेक्षा का शिकार
सपा सरकार में करीब 1995 में देवकली मंदिर के पास पर्यटक होटल का निर्माण कराया गया था। प्रदेश में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में तत्कालीन विधायक डॉ. कमलेश पाठक के प्रयास के बाद औरैया में देवकली मंदिर के पास के स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके लिए मंदिर के पास की भूमि पर लाखों रुपये खर्च कर पर्यटक होटल का निर्माण कराया गया। इसी बीच सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सूबे में बसपा की सरकार बनी थी। जानकार बताते हैं कि तब से कोई ध्यान न दिए जाने से बजट के अभाव में पर्यटक होटल की पूरी योजना अधर में लटक गई थी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस बिल्डिंग का अधिग्रहण तक नहीं किया गया था।
वर्जन-- -
देवकली मंदिर समीप साल 1995 में होटल बनाया गया था। यह होटल अब झाड़ियों में तब्दील है। खिलमिल पार्क के साथ क्षेत्र में बढ़ती लोगों की मौजूदगी को देखे हुए अब यह होटल पीपीपी मॉडल पर चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
-मोहित सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी
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पार्क के खुलने से यहां स्थानीय और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में पर्यटकों व श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसको देखते हुए पर्यटन विभाग ने वर्ष 1995 में देवकली मंदिर के समीप बनाए गए अपने पुराने और जर्जर हो चुके होटल को संजीवनी देने की योजना बनाई है। वर्षों से झाड़ियों और बदहाली में घिरा यह होटल अब सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने होटल के पुनरुद्धार व संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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बीहड़ के बदलते परिवेश और खिलमिल पार्क के मुख्य मनोरंजन केंद्र के रूप में उभरने की संभावना को देखते हुए स्थानीय व्यवसायियों में भी खासा उत्साह है। वे होटल को पट्टे पर लेने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। खिलमिल पार्क और होटल के कायाकल्प से बीहड़ की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।
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प्लॉटिंग कारोबारियों के अनुसार यहां जमीनों की खुले बाजार में कीमतें भी बढ़ने लगी हैं। निवेश के तौर पर लोग यहां पर जमीनों की खरीद के साथ व्यवसाय खड़े करने की तैयारी बना रहे हैं। पर्यटन विभाग का होटल इस कड़ी में अहम माना जा रहा है।
सरकार बदलने के बाद हो गया था उपेक्षा का शिकार
सपा सरकार में करीब 1995 में देवकली मंदिर के पास पर्यटक होटल का निर्माण कराया गया था। प्रदेश में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में तत्कालीन विधायक डॉ. कमलेश पाठक के प्रयास के बाद औरैया में देवकली मंदिर के पास के स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके लिए मंदिर के पास की भूमि पर लाखों रुपये खर्च कर पर्यटक होटल का निर्माण कराया गया। इसी बीच सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सूबे में बसपा की सरकार बनी थी। जानकार बताते हैं कि तब से कोई ध्यान न दिए जाने से बजट के अभाव में पर्यटक होटल की पूरी योजना अधर में लटक गई थी। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस बिल्डिंग का अधिग्रहण तक नहीं किया गया था।
वर्जन
देवकली मंदिर समीप साल 1995 में होटल बनाया गया था। यह होटल अब झाड़ियों में तब्दील है। खिलमिल पार्क के साथ क्षेत्र में बढ़ती लोगों की मौजूदगी को देखे हुए अब यह होटल पीपीपी मॉडल पर चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
-मोहित सिंह, जिला पर्यटन अधिकारी