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विदेशों की तर्ज पर बनेगी तीन सड़कें
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औरैया। विदेशों की तर्ज पर अब जिले में भी वेस्ट प्लास्टिक से सड़कों के निर्माण की हरी झंडी मिली है। शासन के निर्देश पर पीडब्लूडी प्रांतीय खंड और निर्माण खंड ने तीन सड़कों का 12 किमी का प्रस्ताव बनाकर भेजा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्वीकृति के बाद एस्टीमेट तैयार किया जाएगा। वेस्ट प्लास्टिक से बनी सड़क की गुणवत्ता ज्यादा अच्छी होती है। साथ ही इस पर पानी का असर भी नहीं होता है।
प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए शासन ने अनूठी पहल की है। इस कचरे का उपयोग डामरीकरण के साथ करके सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे काफी हद तक प्लास्टिक के कचरे के निस्तारण से निजात मिल सकेगी। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर प्रस्ताव मांगे थे। इसके चलते पीडब्लूडी प्रांतीय खंड ने एनएच-2 से निगड़ा बखरिया होते हुए मुरादगंज-फफूंद मार्ग 3.80 किमी, शेरगढ़ के किमी 313 से समरथपुर मार्ग दो किलोमीटर व निर्माण खंड से बिधूना सहार मार्ग 6.20 किमी मार्ग का प्रस्ताव भेजा है।
गुणवत्ता में खरी उतरी हैं वेस्ट प्लास्टिक की सड़कें
औरैया। वेस्ट प्लास्टिक से निर्मित सड़कें गुणवत्ता के मानक पर खरी उतरी हैं। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रयागराज, कौशांबी, उन्नाव आदि जिलों में वेस्ट प्लास्टिक से सड़कों का निर्माण कराया जा चुका है। गुणवत्ता की कसौटी में खरा उतरने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में यह व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई गई है। अवर अभियंता अमित शुक्ला का कहना है कि वेस्ट प्लास्टिक ऐसा मैटेरियल है जो जमीन की उर्वरा शक्ति को क्षीण कर देता है, पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। लेकिन सड़कों के निर्माण में इसका प्रयोग किया जाएगा तो सड़कों की गुणवत्ता अच्छी होगी। जिले में यह व्यवस्था पहली बार लागू हो रही है। वेस्ट प्लास्टिक से बनी सड़ दो साल तक खराब नहीं होती है। इसमें पानी का भी असर नहीं होता है।
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प्लास्टिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए शासन ने अनूठी पहल की है। इस कचरे का उपयोग डामरीकरण के साथ करके सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे काफी हद तक प्लास्टिक के कचरे के निस्तारण से निजात मिल सकेगी। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर प्रस्ताव मांगे थे। इसके चलते पीडब्लूडी प्रांतीय खंड ने एनएच-2 से निगड़ा बखरिया होते हुए मुरादगंज-फफूंद मार्ग 3.80 किमी, शेरगढ़ के किमी 313 से समरथपुर मार्ग दो किलोमीटर व निर्माण खंड से बिधूना सहार मार्ग 6.20 किमी मार्ग का प्रस्ताव भेजा है।
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गुणवत्ता में खरी उतरी हैं वेस्ट प्लास्टिक की सड़कें
औरैया। वेस्ट प्लास्टिक से निर्मित सड़कें गुणवत्ता के मानक पर खरी उतरी हैं। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रयागराज, कौशांबी, उन्नाव आदि जिलों में वेस्ट प्लास्टिक से सड़कों का निर्माण कराया जा चुका है। गुणवत्ता की कसौटी में खरा उतरने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में यह व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई गई है। अवर अभियंता अमित शुक्ला का कहना है कि वेस्ट प्लास्टिक ऐसा मैटेरियल है जो जमीन की उर्वरा शक्ति को क्षीण कर देता है, पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है। लेकिन सड़कों के निर्माण में इसका प्रयोग किया जाएगा तो सड़कों की गुणवत्ता अच्छी होगी। जिले में यह व्यवस्था पहली बार लागू हो रही है। वेस्ट प्लास्टिक से बनी सड़ दो साल तक खराब नहीं होती है। इसमें पानी का भी असर नहीं होता है।
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