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Auraiya News: गैंगस्टर कमलेश पाठक की संपत्तियों का सत्यापन शुरू

Tue, 12 May 2026 12:32 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Tue, 12 May 2026 12:32 AM IST
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Verification of gangster Kamlesh Pathak's properties begins
फोटो-30-कमलेश पाठक। संवाद
औरैया। अपराध से अर्जित अकूत संपत्ति और सत्ता के रसूख पर चोट करते हुए पुलिस प्रशासन ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक व उनके गुर्गे अब्दुल सत्तार के खिलाफ घेराबंदी शुरू कर दी है। पुलिस ने उनकी संपत्तियों का सत्यापन शुरू कर दिया है। रंगदारी की प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।
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करीब दो साल पहले जब्त की गई करोड़ों की संपत्तियों का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। जांच का केंद्र बिंदु यह है कि क्या जब्त की गई संपत्तियों का उपभोग अभी भी पर्दे के पीछे से किसी करीबी या रिश्तेदार के माध्यम से किया जा रहा है। इतना ही नहीं, पुलिस की रडार पर वो नई संपत्तियां भी हैं जो हाल के वर्षों में खरीदी गई हैं।
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पुलिस उन बेनामी संपत्तियों की भी फेहरिस्त तैयार कर रही है जो कागजों पर तो किसी और की हैं लेकिन उनका असली मालिकाना हक पूर्व एमएलसी के पास होने का संदेह है।
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कमलेश पाठक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गैंगस्टर के एक मामले में सजा होने के बाद हाल ही में उनके खिलाफ एक और गैंगस्टर एक्ट की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का मानना है कि सजा के बाद भी उनके सिंडिकेट की आर्थिक गतिविधियां सक्रिय रही हैं, जिनका खुलासा होना बाकी है।
सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि कमलेश पाठक की संपत्तियों का सत्यापन तेजी से कराया जा रहा है। टीम विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है और राजस्व विभाग के साथ मिलकर अभिलेखों को खंगाला जा रहा है।

कानपुर की विजिलेंस टीम ने 25 अप्रैल को पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक पर लोकसेवक रहते हुए आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत दर्ज की गई थी। जांच में सामने आया था कि कमलेश पाठक ने अपनी वैध आय के सापेक्ष लगभग 49.48 लाख रुपये की अतिरिक्त परिसंपत्ति बनाई है। विजिलेंस के कानपुर सेक्टर के निरीक्षक धर्मवीर सिंह ने कानपुर में इसकी एफआईआर दर्ज कराई थी। इस मामले में भी जांच जारी है।
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