{"_id":"62cf10a781d82c3ca23c7edb","slug":"two-thousand-disabled-children-will-get-education-sitting-at-home-auraiya-news-knp707397687","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर पर रह कर शिक्षित होगें दिव्यांग बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर पर रह कर शिक्षित होगें दिव्यांग बच्चे
विज्ञापन
औरैया। दिव्यांगता के कारण स्कूल जाने में असमर्थ बच्चे अब घर बैठे शिक्षित होंगे। विभाग ने ऐसे दो हजार बच्चों को चिह्नित किया है। इन्हें शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराकर विशेष शिक्षकों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। विभाग ने रिपोर्ट शासन शासन को रिपोर्ट भेज दी है। अगस्त माह में बच्चों को पढ़ाने का काम किया जाएगा।
जिले के दो हजार के करीब बच्चे दिव्यांग हैं, जो स्कूल पहुंचने में असमर्थ हैं। इन बच्चों को अब विशेष शिक्षकों के माध्यम से घर-घर जाकर पढ़ाने का काम किया जाएगा। इनके लिए ऐसी शिक्षण सामग्री खरीदी जाएगी, जो उनके पढ़ने और पढ़ाने में सहायक हो। इसके अलावा उन्हें शारीरिक रूप से फिट रखने की जिम्मेदारी भी विभाग को दी गई है। इसके लिए जिन बच्चों को फीजियोथेरेपिस्ट की जरूरत होगी, वह भी मुहैया कराया जाएगा। अगस्त माह से पढ़ाई की शुरुआत हो जाए, इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
बोले जिम्मेदार...
हाउस होल्ड सर्वे में दो हजार बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जो दिव्यांग होने के कारण स्कूल नहीं जा सकते। ऐसे बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी शासन से मिली है। अगस्त से पढ़ाई करानी हैं, जिससे बच्चों को शिक्षित कर आगे बढ़ाया जा सके। विपिन कुमार, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के दो हजार के करीब बच्चे दिव्यांग हैं, जो स्कूल पहुंचने में असमर्थ हैं। इन बच्चों को अब विशेष शिक्षकों के माध्यम से घर-घर जाकर पढ़ाने का काम किया जाएगा। इनके लिए ऐसी शिक्षण सामग्री खरीदी जाएगी, जो उनके पढ़ने और पढ़ाने में सहायक हो। इसके अलावा उन्हें शारीरिक रूप से फिट रखने की जिम्मेदारी भी विभाग को दी गई है। इसके लिए जिन बच्चों को फीजियोथेरेपिस्ट की जरूरत होगी, वह भी मुहैया कराया जाएगा। अगस्त माह से पढ़ाई की शुरुआत हो जाए, इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
बोले जिम्मेदार...
हाउस होल्ड सर्वे में दो हजार बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जो दिव्यांग होने के कारण स्कूल नहीं जा सकते। ऐसे बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी शासन से मिली है। अगस्त से पढ़ाई करानी हैं, जिससे बच्चों को शिक्षित कर आगे बढ़ाया जा सके। विपिन कुमार, बीएसए
विज्ञापन