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दो साल से 32 केवीए ट्रांसफार्मर के सहारे हैं धीरजपुर गांव के 40 उपभोक्ता
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- फोटो : AURAIYA
औरैया। सदर विकास खंड के ग्राम धीरजपुर के बाशिंदे विद्युतीकरण होने के बाद भी पिछले दो सालाें से बिजली समस्या से जूझने को मजबूर हैं। हालत यह है कि सालों से गांव के उपभोक्ता दो छोटे ट्रांसफार्मरों के सहारे बिजली का उपभोग कर रहे हैं। ऐसे में 24 घंटे में सिर्फ उन्हें 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। यही नहीं उपभोक्ताओं को ट्रांसफार्मर से लगभग पांच सौ मीटर दूरी तक केबल खींचकर ले जाना पड़ रहा है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
आनेपुर बिजली केंद्र से संचालित ग्राम धीरजपुर में उपभोक्ताओं को पिछले दो सालों से बिजली की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। हालत यह है कि बिजली विभाग की ओर से 24 घंटे में गांव को 18 घंटे बिजली आपूर्ति दिए जाने के आदेश हैं। इसके बाद भी ग्रामीणों को सिर्फ 10 घंटे ही आपूर्ति दी जा रही है। पूरे गांव में लगभग 40 उपभोक्ता हैं। इनको16-16 केवीए के दो ट्रांसफार्मरों से सप्लाई दी जा रही है। इनसे काम नहीं बनता। अधिक लोड पड़ने पर ट्रांसफार्मर अक्सर धू-धू कर जल जाते हैं। उपभोक्ता घरों तक पांच-पांच सौ मीटर दूर से केबल खींचकर ले गए हैं। उपभोक्ताओं को गांव के बाहर पोल पर 16 केवीए के ट्रांसफार्मर बंाधकर उसके माध्यम से बाक्स से सीधे कनेक्शन दिए गए हैं। इन केबलों के टूटने का अक्सर खतरा बना रहता है। कई बार हादसे भी होते-होते बचे हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग अनजान है।
बिजली विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी से एचटी लाइन डालनेे का काम कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अभी इस लाइन का काम जारी है। वहीं काफी दिनों बाद उक्त लाइन का काम पूरा न होने का लाभ ग्रामीण भी उठा रहे हैं। घरों के पास से निकले एचटी लाइन के तारों पर वे गीले कपडे़ सुखा रहे हैं।
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बिजली विभाग के अधिकारियों को पिछले दो सालोें से शिकायती पत्र देकर समस्या निदान कराए जाने की गुहार लगा रहे हैं। बावजूद इसके कोई भी सुनने वाला नहीं है। जब भी अधिकारियों से बात करो तो समस्या निदान के नाम पर आश्वासन दे दिया जाता है।
उपभोक्ता फुलवासा का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से अपने बकाये पर पूरा ध्यान दिया जाता है। फिर चाहे उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में बिजली दी जा रही हो या नहीं, उन्हें इससे कोई मतलब नहीं। भारी भरकम बिल भेज दिए जाते हैं। ऐसे में उनके पास इनकम का इतना बड़ा कोई जरिया न होने से बिल भरने में भी परेशानी होती है।
डीएसओ कार्यालय एटा से सेवानिवृत्त एआरओ महावीर प्रसाद कहते हैं कि पंाच सौ मीटर दूर लगे ट्रांसफार्मर से घर तक केबल आया है। ऐसे में अक्सर केबल टूटने से बड़ा खतरा होने का डर बना रहता है। बावजूद इसके बिजली विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
धीरजपुर गांव में 16-16 केवीए के दो ट्रांसफार्मर पुराने हैं। उनसे आपूर्ति दी जा रही है। वहीं विद्युतीकरण के लिए लगी कार्यदायी संस्था की ओर से 25-25 केवीए के दो ट्रांसफार्मर और रखवा दिए गए हैं, यह ट्रांसफार्मर एचटी लाइन के चालू होने पर ही शुरू कराए जा सकेंगे। तब तक ग्रामीणों को थोड़ी दिक्कत उठानी होगी। उक्त दोनों ट्रांसफार्मर शुरू होने में लगभग एक सप्ताह का समय लग जाएगा। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों का सहयोग बहुत ही जरूरी है। - शिवदत्त जेई, आनेपुर सब स्टेशन
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आनेपुर बिजली केंद्र से संचालित ग्राम धीरजपुर में उपभोक्ताओं को पिछले दो सालों से बिजली की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। हालत यह है कि बिजली विभाग की ओर से 24 घंटे में गांव को 18 घंटे बिजली आपूर्ति दिए जाने के आदेश हैं। इसके बाद भी ग्रामीणों को सिर्फ 10 घंटे ही आपूर्ति दी जा रही है। पूरे गांव में लगभग 40 उपभोक्ता हैं। इनको16-16 केवीए के दो ट्रांसफार्मरों से सप्लाई दी जा रही है। इनसे काम नहीं बनता। अधिक लोड पड़ने पर ट्रांसफार्मर अक्सर धू-धू कर जल जाते हैं। उपभोक्ता घरों तक पांच-पांच सौ मीटर दूर से केबल खींचकर ले गए हैं। उपभोक्ताओं को गांव के बाहर पोल पर 16 केवीए के ट्रांसफार्मर बंाधकर उसके माध्यम से बाक्स से सीधे कनेक्शन दिए गए हैं। इन केबलों के टूटने का अक्सर खतरा बना रहता है। कई बार हादसे भी होते-होते बचे हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग अनजान है।
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बिजली विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी से एचटी लाइन डालनेे का काम कराया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अभी इस लाइन का काम जारी है। वहीं काफी दिनों बाद उक्त लाइन का काम पूरा न होने का लाभ ग्रामीण भी उठा रहे हैं। घरों के पास से निकले एचटी लाइन के तारों पर वे गीले कपडे़ सुखा रहे हैं।
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बिजली विभाग के अधिकारियों को पिछले दो सालोें से शिकायती पत्र देकर समस्या निदान कराए जाने की गुहार लगा रहे हैं। बावजूद इसके कोई भी सुनने वाला नहीं है। जब भी अधिकारियों से बात करो तो समस्या निदान के नाम पर आश्वासन दे दिया जाता है।
उपभोक्ता फुलवासा का कहना है कि बिजली विभाग की ओर से अपने बकाये पर पूरा ध्यान दिया जाता है। फिर चाहे उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा में बिजली दी जा रही हो या नहीं, उन्हें इससे कोई मतलब नहीं। भारी भरकम बिल भेज दिए जाते हैं। ऐसे में उनके पास इनकम का इतना बड़ा कोई जरिया न होने से बिल भरने में भी परेशानी होती है।
डीएसओ कार्यालय एटा से सेवानिवृत्त एआरओ महावीर प्रसाद कहते हैं कि पंाच सौ मीटर दूर लगे ट्रांसफार्मर से घर तक केबल आया है। ऐसे में अक्सर केबल टूटने से बड़ा खतरा होने का डर बना रहता है। बावजूद इसके बिजली विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
धीरजपुर गांव में 16-16 केवीए के दो ट्रांसफार्मर पुराने हैं। उनसे आपूर्ति दी जा रही है। वहीं विद्युतीकरण के लिए लगी कार्यदायी संस्था की ओर से 25-25 केवीए के दो ट्रांसफार्मर और रखवा दिए गए हैं, यह ट्रांसफार्मर एचटी लाइन के चालू होने पर ही शुरू कराए जा सकेंगे। तब तक ग्रामीणों को थोड़ी दिक्कत उठानी होगी। उक्त दोनों ट्रांसफार्मर शुरू होने में लगभग एक सप्ताह का समय लग जाएगा। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों का सहयोग बहुत ही जरूरी है। - शिवदत्त जेई, आनेपुर सब स्टेशन