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बैसुंधरा में दो दिनों में तीन मौतों से हड़कंप, सैंपलिंग कराने की मांग की
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बैसुंधरा में दो दिन में तीन मौतों से हड़कंप
- लोगों ने की सैनिटाइजेशन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर (औरैया)। नगर से सटे गांव बैसुंधरा में दो दिन में बुखार से तीन मौतें होने से गांव में हड़कंप मचा है। लोगों ने जिला प्रशासन से टीम भेजकर गांव में घर-घर सैंपलिंग और सैनिटाइजेशन की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि 27 अप्रैल की सुबह श्याम सिंह (65) की बुखार के बाद मृत्यु हो गई। बुधवार सुबह सुल्तान सिंह (50) को बुखार आया। वह दवा लेने अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं नाथूराम (87) की मृत्यु घर पर ही हो गई। पूर्व प्रधान रनवीर सिंह के अनुसार सभी मौतें बुखार के बाद अचानक हुईं हैं। इसकी सूचना दिबियापुर सीएचसी समेत जिला प्रशासन को देकर गांव में टीम भेजकर सैंपलिंग कराने की मांग की है।
ट्यूटर की मौत
विकास कुंज कालोनी में रहने वाले आनंद प्रकाश दीक्षित (48) को बुधवार सुबह सांस लेने में दिक्कत हुई। परिजन उन्हें एंबुलेंस से दिबियापुर सीएचसी ले गए। यहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। (संवाद)
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ठेकेदार की कोरोना संक्रमण से मौत
उमरी निवासी बिजली ठेकेदार की बुधवार को कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई। परिजनों ने बताया कि वह एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। मंगलवार को कोविड की जांच कराने पर उन्हें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उनके निधन पर स्थानीय लोगों ने शोक जताया है। हालांकि जिला सर्विलांस अधिकारी डा. शिशिर पुरी ने कोविड संक्रमण की जानकारी से इनकार किया है। (संवाद)
अंतिम संस्कार के लिए अस्थायी चबूतरे भी कम पड़े
दिबियापुर एवं आसपास के गांवों में लगातार हो रहीं मौतों से हड़कंप मचा है। दिबियापुर में नहर किनारे स्थित मुक्ति धाम में शवों को जलाने के लिए बने चबूतरों की कमी के कारण मुक्ति धाम के बाहर दो अस्थायी चबूतरों पर शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। हालांकि बुधवार को अस्थायी चबूतरे भी अंतिम संस्कार के लिए कम पड़ गए। इसके कारण एक महिला के शव का जमीन पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। (संवाद)
भाजपा नेता ने अव्यवस्था पर उठाए सवाल
भाजपा नेता अवधेश शुक्ला ने सोशल मीडिया पर ऑडियो के जरिये चिचौली अस्पताल में अव्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ऑडियो में भाजपा नेता अवधेश शुक्ला की दिबियापुर निवासी युवक से बातचीत है। वह युवक अस्पताल में मां का उपचार ठीक से न होने की बात कह रहा है। युवक ने बताया कि मां के उपचार में लापरवाही बरती जा रही है। युवक मां को कहीं दूसरी जगह भर्ती कराने की मांग कर रहा है। बताया कि मां का ऑक्सीजन लेवल डाउन हो रहा है। थोड़ी देर बाद अवधेश शुक्ला ने सोशल मीडिया पर ही लिखा कि वह चाहकर भी युवक की मां की मदद नहीं कर सके। उनकी मां की मृत्यु हो गई। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. शिशिर पुरी ने बताया कि मृतका कोविड मरीज नहीं थी। (संवाद)
बेला व मल्हौसी में वायरल का प्रकोप
बेला (औरैया)। कस्बा बेला और मल्हौसी में वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सूचना के बावजूद स्वास्थ्य टीमें न पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। विभाग के प्रति आक्रोश जता ग्रामीणों ने शीघ्र स्वास्थ्य टीमें भेजकर उपचार कराने और दवाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग की।
कस्बा बेला स्थित एक गैस एजेंसी संचालक के दो भाई धीरेंद्र सिंह व धर्मेंद्र सिंह की कानपुर में कोरोना से उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। कस्बे में दो दर्जन घरों में वायरल पीड़ित मरीज हैं। क्षेत्र के मल्हौसी में भी आधा गांव बीमारी की चपेट में है। मल्हौली के ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को गांव में फैली बीमारी की जानकारी दी गई। लेकिन कोई मदद नहीं मिली है। बीमारियों की चपेट में आने से गांव निवासी पंचम लाल दोहरे, रामशंकर कुशवाहा, रामदास सक्सेना की मृत्यु हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायत सचिव को भी अवगत कराया गया है। गांव में फैली गंदगी के कारण बीमारियां जन्म ले रहीं हैं। सुनवाई न होने पर बीमारियों से जूझ रहे ग्रामीणों को गांव के पास झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में स्वास्थ्य टीमों को भेजकर लोगों का परीक्षण कराने और उन्हें दवा उपलब्ध कराए जाने की मांग की।
बुखार के मरीज बढ़े
कंचौसी (औरैया)। कसबा व आसपास के गांवों में इस समय बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। ढिकियापुर, चमरौआ, दौही, मधवापुर, नौगवा, बान, सूखमपुर आदि गांवों में अधिकांश घरों में वायरल व टायफाइड के मरीज हैं। इन मरीजों में पिछले दिनों कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले भी शामिल हैं। बिहारीपुर, घसा का पुरवा कंचौसी बान बाजार, सूखमपुर, नौगवा आदि गांवों में दो महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है। कल्लू गुप्ता, ओम प्रकाश, सियाराम, उमाशंकर, कुंवर सिंह आदि ने बताया कि पहले उन्हें मामूली बुखार हुआ। इस पर उन्होंने डॉक्टर की सलाह पर लैब में जांच कराई। जहां उनको टायफाइड बताया गया। (संवाद)
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- लोगों ने की सैनिटाइजेशन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर (औरैया)। नगर से सटे गांव बैसुंधरा में दो दिन में बुखार से तीन मौतें होने से गांव में हड़कंप मचा है। लोगों ने जिला प्रशासन से टीम भेजकर गांव में घर-घर सैंपलिंग और सैनिटाइजेशन की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि 27 अप्रैल की सुबह श्याम सिंह (65) की बुखार के बाद मृत्यु हो गई। बुधवार सुबह सुल्तान सिंह (50) को बुखार आया। वह दवा लेने अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं नाथूराम (87) की मृत्यु घर पर ही हो गई। पूर्व प्रधान रनवीर सिंह के अनुसार सभी मौतें बुखार के बाद अचानक हुईं हैं। इसकी सूचना दिबियापुर सीएचसी समेत जिला प्रशासन को देकर गांव में टीम भेजकर सैंपलिंग कराने की मांग की है।
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ट्यूटर की मौत
विकास कुंज कालोनी में रहने वाले आनंद प्रकाश दीक्षित (48) को बुधवार सुबह सांस लेने में दिक्कत हुई। परिजन उन्हें एंबुलेंस से दिबियापुर सीएचसी ले गए। यहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे। (संवाद)
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ठेकेदार की कोरोना संक्रमण से मौत
उमरी निवासी बिजली ठेकेदार की बुधवार को कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई। परिजनों ने बताया कि वह एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। मंगलवार को कोविड की जांच कराने पर उन्हें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उनके निधन पर स्थानीय लोगों ने शोक जताया है। हालांकि जिला सर्विलांस अधिकारी डा. शिशिर पुरी ने कोविड संक्रमण की जानकारी से इनकार किया है। (संवाद)
अंतिम संस्कार के लिए अस्थायी चबूतरे भी कम पड़े
दिबियापुर एवं आसपास के गांवों में लगातार हो रहीं मौतों से हड़कंप मचा है। दिबियापुर में नहर किनारे स्थित मुक्ति धाम में शवों को जलाने के लिए बने चबूतरों की कमी के कारण मुक्ति धाम के बाहर दो अस्थायी चबूतरों पर शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। हालांकि बुधवार को अस्थायी चबूतरे भी अंतिम संस्कार के लिए कम पड़ गए। इसके कारण एक महिला के शव का जमीन पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। (संवाद)
भाजपा नेता ने अव्यवस्था पर उठाए सवाल
भाजपा नेता अवधेश शुक्ला ने सोशल मीडिया पर ऑडियो के जरिये चिचौली अस्पताल में अव्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। ऑडियो में भाजपा नेता अवधेश शुक्ला की दिबियापुर निवासी युवक से बातचीत है। वह युवक अस्पताल में मां का उपचार ठीक से न होने की बात कह रहा है। युवक ने बताया कि मां के उपचार में लापरवाही बरती जा रही है। युवक मां को कहीं दूसरी जगह भर्ती कराने की मांग कर रहा है। बताया कि मां का ऑक्सीजन लेवल डाउन हो रहा है। थोड़ी देर बाद अवधेश शुक्ला ने सोशल मीडिया पर ही लिखा कि वह चाहकर भी युवक की मां की मदद नहीं कर सके। उनकी मां की मृत्यु हो गई। जिला सर्विलांस अधिकारी डा. शिशिर पुरी ने बताया कि मृतका कोविड मरीज नहीं थी। (संवाद)
बेला व मल्हौसी में वायरल का प्रकोप
बेला (औरैया)। कस्बा बेला और मल्हौसी में वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सूचना के बावजूद स्वास्थ्य टीमें न पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। विभाग के प्रति आक्रोश जता ग्रामीणों ने शीघ्र स्वास्थ्य टीमें भेजकर उपचार कराने और दवाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग की।
कस्बा बेला स्थित एक गैस एजेंसी संचालक के दो भाई धीरेंद्र सिंह व धर्मेंद्र सिंह की कानपुर में कोरोना से उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। कस्बे में दो दर्जन घरों में वायरल पीड़ित मरीज हैं। क्षेत्र के मल्हौसी में भी आधा गांव बीमारी की चपेट में है। मल्हौली के ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को गांव में फैली बीमारी की जानकारी दी गई। लेकिन कोई मदद नहीं मिली है। बीमारियों की चपेट में आने से गांव निवासी पंचम लाल दोहरे, रामशंकर कुशवाहा, रामदास सक्सेना की मृत्यु हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के अलावा ग्राम पंचायत सचिव को भी अवगत कराया गया है। गांव में फैली गंदगी के कारण बीमारियां जन्म ले रहीं हैं। सुनवाई न होने पर बीमारियों से जूझ रहे ग्रामीणों को गांव के पास झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में स्वास्थ्य टीमों को भेजकर लोगों का परीक्षण कराने और उन्हें दवा उपलब्ध कराए जाने की मांग की।
बुखार के मरीज बढ़े
कंचौसी (औरैया)। कसबा व आसपास के गांवों में इस समय बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। ढिकियापुर, चमरौआ, दौही, मधवापुर, नौगवा, बान, सूखमपुर आदि गांवों में अधिकांश घरों में वायरल व टायफाइड के मरीज हैं। इन मरीजों में पिछले दिनों कोरोना वैक्सीन लगवाने वाले भी शामिल हैं। बिहारीपुर, घसा का पुरवा कंचौसी बान बाजार, सूखमपुर, नौगवा आदि गांवों में दो महिलाओं सहित पांच लोगों की मौत भी हो चुकी है। कल्लू गुप्ता, ओम प्रकाश, सियाराम, उमाशंकर, कुंवर सिंह आदि ने बताया कि पहले उन्हें मामूली बुखार हुआ। इस पर उन्होंने डॉक्टर की सलाह पर लैब में जांच कराई। जहां उनको टायफाइड बताया गया। (संवाद)