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मास्टर माइंड लिपिकों पर हुई निलंबन की कार्रवाई 16-24-10
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औरैया। वृद्धावस्था पेंशन डकारने वाले समाज कल्याण विभाग के तीन लिपिकों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप है। दूसरी ओर, आरोपों से घिरे चारों समाज कल्याण अधिकारियों ने अभी तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया है। चर्चा है कि इन पर भी शासन स्तर से जल्द कार्रवाई हो सकती है। जिला प्रशासन की ओर से भी इन पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
जिले के सातो ब्लाक में वृद्धावस्था पेंशन के 558 लाभार्थियों के खाते बदलकर तत्कालीन चार समाज कल्याण अधिकारियों व पटल सहायकों ने 65 लाख 82 हजार 700 रुपये का घोटाला किया था। मामले का खुलासा होने पर जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने जांच कराई तो पता चला कि दलालों के माध्यम से लोगों के खाते बदल कर हेराफेरी की गई।
इसके बाद डीएम ने तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल, विनीत तिवारी, भगवान सिंह व आवेश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा और शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। वृद्धावस्था पेंशन का काम देख रहे लिपिक अभिनव, लवकेश सिंह व श्रीराम की भी संलिप्तता पाए जाने पर निदेशक समाज कल्याण को इन पर भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था।
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निदेशक समाज कल्याण राकेश कुमार ने इन तीनों लिपिकों को निलंबित कर दिया है। इसके बाद विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। समाज कल्याण निदेशक से कार्रवाई का पत्र प्राप्त हुआ है। तत्कालीन चारों समाज कल्याण अधिकारियों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।
बिधूना ब्लाक से हुई थी घोटाले की शुरुआत
घोटाले की जांच में औरैया ब्लाक से 98, एरवाकटरा से 23, अजीतमल से 83, भाग्यनगर से 81, सहार से 75, अछल्दा से 67 और बिधूना ब्लाक से सबसे अधिक 130 लाभार्थियों के खाते बदले गए थे। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मास्टर माइंड लिपिकों ने दलालों के साथ मिलकर घोटाले का पूरा खेल बिधूना से शुरू किया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में कई तथ्य ऐसे मिले हैं, जिसमें कई मामले और सामने आएंगे। हालांकि अधिकारी अभी एक-एक रिकार्ड चेक करने की बात कह रहे हैं।
जांच में फंसे अफसरों ने नहीं भेजा जवाब
घोटाले की जांच में फंसे तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल, विनीत तिवारी, भगवान सिंह व आवेश कुमार से जिलाधिकारी व जांच कमेटी जवाब मांग चुकी है। इसके लिए उन्हें पत्र भी जारी किए गए, लेकिन इन्होंने अभी तक जवाब नहीं भेजे हैं।
दलाल लेते थे एक हजार रुपये
खाता बदलकर जिन लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा था, ऐसे लोगों ने जांच अधिकारियों को बताया कि तीन माह की पेंशन एक साथ दिलाने के नाम पर दलालों ने उनसे एक-एक हजार रुपये लिए थे। विभागीय अधिकारी अब दलालों को भी चिह्नित कर रहे हैं। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सभी ब्लाक में सक्रिय दलालों को चिह्नित किया जा रहा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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जिले के सातो ब्लाक में वृद्धावस्था पेंशन के 558 लाभार्थियों के खाते बदलकर तत्कालीन चार समाज कल्याण अधिकारियों व पटल सहायकों ने 65 लाख 82 हजार 700 रुपये का घोटाला किया था। मामले का खुलासा होने पर जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने जांच कराई तो पता चला कि दलालों के माध्यम से लोगों के खाते बदल कर हेराफेरी की गई।
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इसके बाद डीएम ने तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल, विनीत तिवारी, भगवान सिंह व आवेश कुमार से स्पष्टीकरण मांगा और शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। वृद्धावस्था पेंशन का काम देख रहे लिपिक अभिनव, लवकेश सिंह व श्रीराम की भी संलिप्तता पाए जाने पर निदेशक समाज कल्याण को इन पर भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा था।
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निदेशक समाज कल्याण राकेश कुमार ने इन तीनों लिपिकों को निलंबित कर दिया है। इसके बाद विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच चल रही है। समाज कल्याण निदेशक से कार्रवाई का पत्र प्राप्त हुआ है। तत्कालीन चारों समाज कल्याण अधिकारियों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है।
बिधूना ब्लाक से हुई थी घोटाले की शुरुआत
घोटाले की जांच में औरैया ब्लाक से 98, एरवाकटरा से 23, अजीतमल से 83, भाग्यनगर से 81, सहार से 75, अछल्दा से 67 और बिधूना ब्लाक से सबसे अधिक 130 लाभार्थियों के खाते बदले गए थे। विभागीय जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मास्टर माइंड लिपिकों ने दलालों के साथ मिलकर घोटाले का पूरा खेल बिधूना से शुरू किया था। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच में कई तथ्य ऐसे मिले हैं, जिसमें कई मामले और सामने आएंगे। हालांकि अधिकारी अभी एक-एक रिकार्ड चेक करने की बात कह रहे हैं।
जांच में फंसे अफसरों ने नहीं भेजा जवाब
घोटाले की जांच में फंसे तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल, विनीत तिवारी, भगवान सिंह व आवेश कुमार से जिलाधिकारी व जांच कमेटी जवाब मांग चुकी है। इसके लिए उन्हें पत्र भी जारी किए गए, लेकिन इन्होंने अभी तक जवाब नहीं भेजे हैं।
दलाल लेते थे एक हजार रुपये
खाता बदलकर जिन लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा था, ऐसे लोगों ने जांच अधिकारियों को बताया कि तीन माह की पेंशन एक साथ दिलाने के नाम पर दलालों ने उनसे एक-एक हजार रुपये लिए थे। विभागीय अधिकारी अब दलालों को भी चिह्नित कर रहे हैं। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सभी ब्लाक में सक्रिय दलालों को चिह्नित किया जा रहा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।