{"_id":"61f439ce4cda1218b52867fd","slug":"this-time-the-symptoms-of-corona-are-different-auraiya-news-knp677639683","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना की तीसरी लहर: न किसी का स्वाद गया, न ही महक, सिर्फ सिर पकड़े रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना की तीसरी लहर: न किसी का स्वाद गया, न ही महक, सिर्फ सिर पकड़े रहे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। कोरोना के लक्षण तीसरी लहर में कुछ अलग दिख रहे हैं। अब तक जो मरीज सामने आए हैं, उन्होंने स्वाद और महक न लगने जैसी कोई बात नहीं बताई है। संक्रमितों सबसे ज्यादा परेशानी शरीर और सिर में दर्द की रही। हालांकि मरीज यह भी बता रहे हैं कि उन्हें बुखार तो आया, लेकिन तीन से चार दिन में उतर गया।
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के सामने ऐसे मामले सामने आ रहे थे, जिसमें लोग मुंह का स्वाद जाने, महक न समझ में आने तथा सांस लेने में हो रही परेशानी समेत कई समस्याएं बता रहे थे। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण का स्वरूप बदला तो कई समस्याएं भी बदल गई हैं।
पिछले बार की तुलना में कई लक्षण भी नजर नहीं आ रहे हैं। गांवों में सर्वे को पहुंच रही निगरानी टीमों की रिपोर्ट की बात करें तो संक्रमित मिलने वाले मरीज सिर और बदन दर्द की समस्या अधिक बता रहे हैं। कई मरीजों ने बुखार का रिकार्ड दिखाया, जिसमें 102 डिग्री से 105 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहा, लेकिन तीन से चार दिन में ठीक हो गया। हालांकि डाक्टर एक सप्ताह तक बुखार आने की स्थिति में खतरा बताते हैं।
विज्ञापन
खांसी और गले में भारी पन
सर्वे टीम को लोग गले में खराश और भारीपन होने की समस्या बता रहे हैं। टीमें उच्चाधिकारियों को प्रतिदिन रिपोर्ट कर रही हैं कि सर्वे के दौरान काफी संख्या में लोग मौसमी बीमारी की चपेट में हैं। इनमें किसी को बुखार, गले में खराश, खांसी, जुकाम है तो कोई उल्टी दस्त व पेट दर्द जैसी समस्याओं से ग्रसित है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ये सभी लक्षण कोरोना संक्रमण से मिलते जुलते हैं, इसलिए उनकी कोरोना जांच भी कराई जा रही है।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के सामने ऐसे मामले सामने आ रहे थे, जिसमें लोग मुंह का स्वाद जाने, महक न समझ में आने तथा सांस लेने में हो रही परेशानी समेत कई समस्याएं बता रहे थे। कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमण का स्वरूप बदला तो कई समस्याएं भी बदल गई हैं।
विज्ञापन
पिछले बार की तुलना में कई लक्षण भी नजर नहीं आ रहे हैं। गांवों में सर्वे को पहुंच रही निगरानी टीमों की रिपोर्ट की बात करें तो संक्रमित मिलने वाले मरीज सिर और बदन दर्द की समस्या अधिक बता रहे हैं। कई मरीजों ने बुखार का रिकार्ड दिखाया, जिसमें 102 डिग्री से 105 डिग्री सेल्सियस तक तापमान रहा, लेकिन तीन से चार दिन में ठीक हो गया। हालांकि डाक्टर एक सप्ताह तक बुखार आने की स्थिति में खतरा बताते हैं।
विज्ञापन
खांसी और गले में भारी पन
सर्वे टीम को लोग गले में खराश और भारीपन होने की समस्या बता रहे हैं। टीमें उच्चाधिकारियों को प्रतिदिन रिपोर्ट कर रही हैं कि सर्वे के दौरान काफी संख्या में लोग मौसमी बीमारी की चपेट में हैं। इनमें किसी को बुखार, गले में खराश, खांसी, जुकाम है तो कोई उल्टी दस्त व पेट दर्द जैसी समस्याओं से ग्रसित है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक ये सभी लक्षण कोरोना संक्रमण से मिलते जुलते हैं, इसलिए उनकी कोरोना जांच भी कराई जा रही है।