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बारिश में होगा जलभराव, सताने लगी चिंता

Fri, 03 Jun 2022 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 11:57 PM IST
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There will be waterlogging in the rain, worry started
दिबियापुर में रेलवे लाइन किनारे अद्धर्निर्मित पड़ा नाला। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। जिले के नगरीय निकायों में बारिश से पहले जलनिकासी के समुचित प्रबंध नहीं किए गए हैं। इसलिए मानसूनी बारिश लोगों के लिए मुसीबत पैदा कर सकती है। पहले की बारिश में भी कई मोहल्ले जलमग्न हुए है, इसको लेकर अभी से लोगों में चिंता सतानी लगी है। वहीं कुछ जगह बने रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम भी फेल हो गए हैं।
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शहर की नगर पालिका समेत दिबियापुर, बिधूना, अजीतमल नगर पंचायतों में जलभराव की समस्या वर्षों से व्याप्त है। बारिश के दिनों में लोगों को जलनिकासी न होने पर भीषण समस्या को झेलना पड़ता है। इसके बावजूद बारिश से पहले जलनिकासी की समस्या से निपटने के लिए अभी तक निकायों ने कोई ठोस प्रबंध नहीं किए हैं।
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बता दें कि शहर में नगर पालिका प्रशासन की ओर से हजारों रुपये खर्च कर नगर पालिका परिषद व शहीद पार्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाया गया था। इस सिस्टम के पीछे पालिका प्रशासन का उद्देश्य था कि इसी तरह से जगह-जगह रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को बनवाकर शहर की गंभीर जलभराव की समस्या को दूर कराया जा सकेगा। सिस्टम के फेल हो जाने पर पालिका की यह योजना अधर में लटक गई। पालिका के जेई पीपी सिंह का कहना है कि थोड़ी समस्या थी पर अब पानी धीरे-धीरे जमीन में सूख रहा है।
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अर्द्धनिर्मित नाले का निर्माण न होने कई मोहल्ले बनेंगे टापू
दिबियापुर। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से पिछले कई सालों से रेलवे लाइन किनारे अर्ध निर्मित पड़े नाले का निर्माण न कराए जाने से शास्त्री नगर, लोहिया नगर, इंदिरा नगर समेत यहां से सटे वार्डों के लोगों को इस बार भी जल भराव की समस्या से दो चार होना पड़ेगा।
बता दें कि बरसात का पानी पूर्व में रेलवे लाइन के किनारे बने नाले से होते हुए नगर के बाहर निकल जाता था। जब रेलवे की डेडिकेटेट फ्रेट कॉरिडोर की लाइन बिछाने का काम शुरू हुआ तो यह नाला बंद कर दिया गया। जिले के तत्कालीन एडीएम समेत कई अधिकारियों ने कॉरिडोर के अफसरों से बात की तो वे नाला बनाने को तैयार हो गए।
इसके बाद कुछ मीटर दूरी तक नाला बनाने के बाद उसे अधूरा छोड़ दिया गया। कई बार नगर पंचायत ने लिखापढ़ी की पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने नाला नहीं बनवाया। इसके बाद नगर पंचायत में सहमति बनी कि रेलवे से एनओसी लेकर नाला बनवाया जाएगा। दो वर्ष पूर्व रेलवे से नगर पंचायत को एनओसी भी मिल चुकी है। नगर पंचायत ईओ मोनिका उमराव का कहना है कि सीएनडीएस विभाग को यह नाला बनाना है। उनसे पत्राचार भी किया जा चुका है। अभी तक सीएनडीएस की टीम नहीं आई है।

तीन मोहल्लों के सैकड़ों घर जलभराव की चपेट में
बिधूना। कस्बे के तीन वार्ड जवाहर नगर, आंबेडकर नगर, गांधी नगर के करीब तीन सैकड़ा मकान जलभराव की चपेट में हैं। जलनिकासी के लिए फर्रुखाबाद की कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को नाला बनाने के लिए एक साल पहले काम दिया गया था। निरीक्षण हुआ, स्टीमेट भी बना पर निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में लोग बरसात में होने वाली परेशानी की सोच कर परेशान हैं। ईओ निषाद मधुरमय ने बताया कि जल निगम कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को नाले के आगणन के लिए दो लाख रुपये का एडवांस भुगतान कर चुका है। कार्रवाई आगे न बढ़ने के संबंध में जल निगम को पत्र भेजा गया है। जल्द से जल्द नाला निर्माण कराने का प्रयास किया जाएगा।

नगर पालिका परिषद में बनाया गया रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम हुआ फेल। संवाद

नगर पालिका परिषद में बनाया गया रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम हुआ फेल। संवाद- फोटो : AURAIYA

 बिधूना नगर पंचायत के जवाहर नगर में भरा गंदा पानी। संवाद

बिधूना नगर पंचायत के जवाहर नगर में भरा गंदा पानी। संवाद- फोटो : AURAIYA

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