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Auraiya News: सामूहिक विवाह योजना में लक्ष्य 65 का, आवेदन 300 से ज्यादा
Fri, 16 Jan 2026 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 16 Jan 2026 11:50 PM IST
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औरैया। गरीब की बेटी के हाथ पीले हों। इसे लेकर प्रदेश सरकार की ओर से सामूहिक विवाह योजना के तहत लाभ दिया जाता है, लेकिन जिले में तय लक्ष्य के सापेक्ष अब महज 65 पात्रों को लाभ मिलना शेष है। वहीं, लाभ पाने के लिए 300 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। अब प्रशासन सामूहिक विवाह योजना के लिए अतिरिक्त बजट पाने का प्रयास करेगा।
सामूहिक विवाह योजना 2025-26 के तहत जिले को 385 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके पहले चरण में 320 जोड़ों की शादी कराई जा चुकी है। ऐसे में अब शासन स्तर से दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष अब महज 65 जोड़ों को लाभ देना शेष बचा है। फरवरी में सहालग को देखते हुए शुभ मुहूर्त समाज कल्याण विभाग निकाल रहा है, लेकिन यहां पर योजना का लाभ लेने के लिए 300 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। ऐसे में पात्रों को लाभ देना चुनौती बन चुका है।
विभाग की ओर से आवेदनों के सत्यापन शुरू करा दिए गए हैं। नगर निकाय व ब्लॉक स्तर पर यह काम जारी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र कुमार शशि ने बताया कि 65 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य बचा है। 300 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। ऐसे में अतिरिक्त बजट की मांग भेजने की तैयारी बनाई जा रही है।
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वधू के हिस्से में आते एक लाख
सामूहिक विवाह योजना के तहत वधू के खाते में सीधे 60 हजार रुपये भेजे जाते हैं। जबकि 25 हजार का सामान भेंट स्वरूप दिया जाता है। इसके अलावा सामूहिक विवाह कार्यक्रम में तैयारी को लेकर 15 हजार प्रत्येक पात्र के अनुसार खर्च होते हैं। ऐसे में पात्र को लगभग एक लाख रुपये की मदद मिलती है।
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सामूहिक विवाह योजना 2025-26 के तहत जिले को 385 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके पहले चरण में 320 जोड़ों की शादी कराई जा चुकी है। ऐसे में अब शासन स्तर से दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष अब महज 65 जोड़ों को लाभ देना शेष बचा है। फरवरी में सहालग को देखते हुए शुभ मुहूर्त समाज कल्याण विभाग निकाल रहा है, लेकिन यहां पर योजना का लाभ लेने के लिए 300 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। ऐसे में पात्रों को लाभ देना चुनौती बन चुका है।
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विभाग की ओर से आवेदनों के सत्यापन शुरू करा दिए गए हैं। नगर निकाय व ब्लॉक स्तर पर यह काम जारी है। जिला समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र कुमार शशि ने बताया कि 65 जोड़ों की शादी कराने का लक्ष्य बचा है। 300 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। ऐसे में अतिरिक्त बजट की मांग भेजने की तैयारी बनाई जा रही है।
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वधू के हिस्से में आते एक लाख
सामूहिक विवाह योजना के तहत वधू के खाते में सीधे 60 हजार रुपये भेजे जाते हैं। जबकि 25 हजार का सामान भेंट स्वरूप दिया जाता है। इसके अलावा सामूहिक विवाह कार्यक्रम में तैयारी को लेकर 15 हजार प्रत्येक पात्र के अनुसार खर्च होते हैं। ऐसे में पात्र को लगभग एक लाख रुपये की मदद मिलती है।