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दो जिलों को जोडने वाली सड़क जर्जर, लोगों की परेशानी बढ़ी
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फोटो-11एयूआरपी-01- बिधूना से हरसेन जाने वाले मार्ग की उखड़ी सड़क। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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बिधूना। कन्नौज और औरैया जिले को जोड़ने वाली बिधूना-हसेरन सड़क करीब एक दशक से जर्जर है। इस मार्ग से जुड़े कई गांवों के लोगों ने सड़क की मरम्मत की मांग की, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बिधूना-बेला मार्ग के नहर पुल से शुरू होकर तिलकपुर होते हुए कन्नौज जिले के हसेरन को जाने वाली 10 किलोमीटर सड़क जर्जर हो गई है। कई किलोमीटर तक सड़क किनारों से कट गई है। बीच में बड़े-बड़े गड्ढे हैं।
हरसेन जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता न होने से ग्रामीण हिचकलों खाते हुए जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। इस मार्ग पर डहरियापुर, मडैय़ा जयसिंह, जरयिापुर, पुर्वा पुने, तिलकपुर फार्म के अलावा कन्नौज जिले के गोजियनपुर्वा, उमरीपुर, बसौनू, गणेश पुर्वा, कठार आदि गांव पड़ते है। इन गांवों के लोगों का आवागमन इसी मार्ग से होता है।
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डहरयिापुर के अमृतलाल बताते है कि 10 वर्ष से मार्ग की यही स्थिति है, कई बार लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। चुनावी मुद्दों भी शामिल किया, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी, आज भी लोग जोखिम भरा सफर करने को मजबूर हैं।
ग्रामीण नरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। सड़क किनारे बबूल की झाड़ियां होने से रात के अंधेरे में खतरा रहता है। गड्ढे भरने का अभियान चला, लेकिन गड्ढे नहीं भरे गए और न ही पेड़ों की छंटाई कराई गई।
हरसेन मार्ग के नवीनीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही शासन से स्वीकृत मिलेगी और बजट पास होगा, सड़क पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। -अनिल कुमार, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण।
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बिधूना-बेला मार्ग के नहर पुल से शुरू होकर तिलकपुर होते हुए कन्नौज जिले के हसेरन को जाने वाली 10 किलोमीटर सड़क जर्जर हो गई है। कई किलोमीटर तक सड़क किनारों से कट गई है। बीच में बड़े-बड़े गड्ढे हैं।
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हरसेन जाने के लिए कोई दूसरा रास्ता न होने से ग्रामीण हिचकलों खाते हुए जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। इस मार्ग पर डहरियापुर, मडैय़ा जयसिंह, जरयिापुर, पुर्वा पुने, तिलकपुर फार्म के अलावा कन्नौज जिले के गोजियनपुर्वा, उमरीपुर, बसौनू, गणेश पुर्वा, कठार आदि गांव पड़ते है। इन गांवों के लोगों का आवागमन इसी मार्ग से होता है।
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डहरयिापुर के अमृतलाल बताते है कि 10 वर्ष से मार्ग की यही स्थिति है, कई बार लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। चुनावी मुद्दों भी शामिल किया, लेकिन स्थिति नहीं सुधरी, आज भी लोग जोखिम भरा सफर करने को मजबूर हैं।
ग्रामीण नरेंद्र सिंह ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। सड़क किनारे बबूल की झाड़ियां होने से रात के अंधेरे में खतरा रहता है। गड्ढे भरने का अभियान चला, लेकिन गड्ढे नहीं भरे गए और न ही पेड़ों की छंटाई कराई गई।
हरसेन मार्ग के नवीनीकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। जैसे ही शासन से स्वीकृत मिलेगी और बजट पास होगा, सड़क पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। -अनिल कुमार, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण।

फोटो-11एयूआरपी-02- अमृत लाल- फोटो : AURAIYA

फोटो-11एयूआरपी-03- नरेंद्र सिंह- फोटो : AURAIYA