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नेताजी और उनके समर्थक फोन कर कह रहे %%आज मैं आपके साथ चाय पियूंगा’’
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दिबियापुर (औरैया)। ‘ हलो! आज मैं आपके साथ चाय पीयूंगा।’ इस बार विधानसभा चुनाव में संहिता की बंदिशों के चलते दावेदार अपने ढंग से पकड़ मजबूत करने लगे हैं। ज्यादातर दावेदार फोन कर विभिन्न जातियों के अगुवाकारों के घरों पर पहुंचकर जनता-जनार्दन की फिजा टटोलने में लगे हैं। हालांकि अगुवाकार दावेदारों के फोन काल से परेशान नजर आने लगे हैं। उनका कहना है कि एक के बाद एक दावेदार आने से वह पशोपेश में हैं।
चुनाव की घोषणा होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के के दावेदार अब मतदाताओं में पैठ रखने वाले प्रभावशाली लोगों के घर दस्तक देने में लगे हैं। दावेदारों ने एक जुगत निकाली है। दावेदार और उनके समर्थक गांव और कस्बे के वार्ड के प्रभावशाली व संभ्रांत व्यक्ति को फोन मिलाकर कहते हैं कि आज उनके घर पर साथ में चाय-पानी करना चाहते हैं। नेताजी के फोन काल से लोग परेशान हैं।
उधर, लोगों का कहना है कि नेताजी तो ठीक है, लेकिन उनके साथ समर्थकों की भीड़ को चाय पिलाना काफी महंगा साबित होता है। उस समय असमंजस की स्थिति बन जाती है, जब किसी दावेदार के आने की सूचना मिलने पर उसी दल व विरोध खेमे के नेताजी भी चाय पर आने के लिए कहते हैं। कई लोगों ने ऐसे फोन कॉल उठाना भी बंद कर दिए हैं।
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चुनाव की घोषणा होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के के दावेदार अब मतदाताओं में पैठ रखने वाले प्रभावशाली लोगों के घर दस्तक देने में लगे हैं। दावेदारों ने एक जुगत निकाली है। दावेदार और उनके समर्थक गांव और कस्बे के वार्ड के प्रभावशाली व संभ्रांत व्यक्ति को फोन मिलाकर कहते हैं कि आज उनके घर पर साथ में चाय-पानी करना चाहते हैं। नेताजी के फोन काल से लोग परेशान हैं।
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उधर, लोगों का कहना है कि नेताजी तो ठीक है, लेकिन उनके साथ समर्थकों की भीड़ को चाय पिलाना काफी महंगा साबित होता है। उस समय असमंजस की स्थिति बन जाती है, जब किसी दावेदार के आने की सूचना मिलने पर उसी दल व विरोध खेमे के नेताजी भी चाय पर आने के लिए कहते हैं। कई लोगों ने ऐसे फोन कॉल उठाना भी बंद कर दिए हैं।
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